00:00ओडिशा के कटक में मुसलिम कारीगर दुरगापूजा के लिए नायाव कलाकर्तियां तैयार कर रहे हैं।
00:08इनमें भारत की समरद सांसकर्तिक विविद्धा दिखाई जाई की।
00:13कारीगरों में शेख असलम और अजमत खान भी हैं।
00:17जो तीन दशक से ज़्यादा समय से पारमपरिग जरी शिल्ब का काम कर रहे हैं।
00:23पीडियों से चलिया रही कलामे सुनहरे धागों से देवी दुरगा के लिए सजावटी प्रश्ट भूमी, सिर्केवस्त, जुमके और दूसरे सजावटी सामान तयार किये जाते हैं।
00:47प्रश्ट भूमें तयार करना काफी महनत और एकाकरता का काम है। इसे तयार करने में महीनों लगते हैं।
01:12इसकी तयारियां दुरगा पूजा से करीब 6 महीने पहले ही शुरू हो जाती है।
01:16हम लोग तो काम तीन मैना पहले से स्टैटिंग करते हैं।
01:20फिर जब महीना देड मैना पास होने के बाद फिर हम लोग दीन, रात, फोला गंटा, अटरा गंटा काम करते हैं।
01:26When it comes to the whole world, we don't want to do it, we don't want to do it, we don't want to do it.
01:32This is a very full culture of Durghapuja, when it comes to the Muslim career, we have a family of ladies, girls, children, all of us do it in Durghapuja, and we are very good to do it.
01:44This is a very popular culture of Durghapuja.
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