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वन्दे देवमुमापतिं सुरगुरुं | Vande Devam Umapatim Surgurum | By Jitendra Sharma |

Singer Jitendra Sharma
Editor Pawan Sharma

#maaparmeshwarikripa #shivastuti

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Transcript
00:00वन्दे देवमुमापतिम् सुर्गुरुम् वन्दे जगतकारणम् वन्दे पन्मनग भूसनम् रिगधरम् वन्दे पसुनाम् पतिम्
00:20वन्दे सूर्य ससांक वह निनयनम् वन्दे मुकुन्दय प्रियम् वन्दे भक्त जनास्रयम् चवर्दम् वन्दे सिवं संकरम्
00:38वन्दे सर्वजगत्विहारमतुलं वन्दे न्धकद्वंसिनं वन्दे देवसिखामनिम् ससिनिभं वन्दे हरेर्वल्लभं
00:55वन्दे नाग भुजंग भूसन धरम् वन्दे सिवं चिन्मयम् वन्दे भक्त जनास्रयम् चवर्दम् वन्दे सिवं संकरम्
01:12वन्दे दिव्यम चिन्ते मद्वयमहं वन्देर कदर पापहं वन्दे निर्मलमादि मूलमनिसं वन्दे मखध्वंसिनं
01:28वन्दे सत्यमनंत माध्यमभयम् वन्दे तिसांता कृतिम् वन्दे भक्त जनास्रयम् चवर्दम् वन्दे सिवं संकरम्
01:46वन्दे भूरतमं बुजाक्ष विशिखं वन्दे स्रुती त्रोटकं वन्दे सैलसराशनं फणिगुणं वन्दे तितूनीरकं
02:03वन्दे पद्मज सारतिम् पुरहरम् वन्दे महाभैरवम् वन्दे भक्त जनास्रयम् चवर्दम् वन्दे सिवं संकरम्
02:20वन्दे पंचमुखं बुजं त्रिनयनं वन्दे ललाटेक्षणं वन्दे व्योमगतं जटासुमुगुटं चंद्रार्ध गंगाधरं
02:37वन्दे भस्मकृत त्रिपुंड्र जटिलम् वन्दे स्टमूर्थ्यात्मकं वन्दे भक्त जनास्रयम् चवर्दम् वन्दे सिवं संकरम्
02:55वन्दे कालहरं हरं विषधरं वन्दे मृड़ं धूर्जटिं वन्दे सर्वगतं दयामृतनिधिं वन्दे नृषिंहापहं
03:13वन्दे विप्रसुरार्चितांग्रिकमलं वन्दे भगक्षापहं वन्दे भक्त जनास्रयम् चवर्दम् वन्दे सिवं संकरम्
03:29वन्दे मंगल राज ताद्रिनिलयम् वन्दे सुराधिश्वरम् वन्दे संकरम् प्रमेयमतुलं वन्दे यमद्वेशिनं वन्दे कुंडली राज कुंडल धरम्
03:53वन्दे सहस्राननम् वन्दे भक्त जनास्रयम् चवर्दम् वन्दे सिवं संकरम्
04:04वन्दे हंसमतिंद्रियम् स्मरहरम् वन्दे विरूपेक्षणम् वन्दे भूत गने समव्यमहम् वन्दे र्थ राज्ये प्रदम्
04:22वन्दे सुंदर सोरभे यगमनं, वन्दे त्रिशूला युधं, वन्दे भक्त जनास्रयंच वर्दं, वन्दे सिवं संकरं।
04:38वन्दे सुक्ष्ममनंत माध्यमभयं, वन्दे अंधकारापहं, वन्दे फूलन नन्दि भिंगि विनतं, वन्दे सुपर्नावितं।
04:56वन्दे सैलसुतार्ध भागवपुसं, वन्दे भयंत्यंबकं। वन्दे भक्त जनास्रयंच वर्दं, वन्दे सिवं संकरं।
05:12वन्दे पावनमंबरात्म विभवं, वन्दे महेंद्रेश्वरं। वन्दे भक्त जनास्रयामरतरुं, वन्दे नताभिष्टदं।
05:28वन्दे जहनुसुतांबिके समनिसं। वन्दे गनाधिश्वरं। वन्दे भक्त जनास्रयंच वर्दं। वन्दे सिवं संकरं।
05:46ओम नमस्षिवाय।
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