00:00नमस्कार, बन इंडिया हिंदी में आप सभी का स्वागत है, मैं हूँ पुनीत थिर्वास्ता और मैं इस समय मौजूद हूँ गोरभपूर के महुआ चापी गाउं में, यह वही गाउं है जहां नीट शात्र दीपक गुपता की पस्तवसकरों द्वारा हत्या की जाती है, हत्
00:30क्या नम आपका राच कुमार जी बारे में कैसे जनकारी मिलती है, इस पूरे घृटना करम पर पकास डालिए है सड़िक ज्यारे बजह पस्तवकर आते हैं, और फरनीचर के दुकान पर पर जाकि कारकराते हैं, अब उसके बाद आते हैं और जब आते हैं तो कि अधे बंड�
01:00दीपक के घरवाले और दीपक एक संग गया सब लोग जैसे ही सब गया थी तो लोग दीपक के हमुनु नाम था जो लगए उसको मारने लगे थी सब दीपक प्रफ अपनी स्कूर्टी से भागने लगा तो परशुतसकर जो थे एक पिकप लॉरो से उसको पीचा कर लिए आगे
01:30हैं आपट मेटर पड़े दुकान हो जातें वहां पर बुलाते हैं यह जाते देखते हैं तो
01:54सब हथियार बंग थे सब उसको अपना जान बचा के भागा उसके फोन करके सब को बलाएं तब तक वहां पे गुंडे और तिन चाल लोग थे और बढ़ गया है वहां पे उसको अचानक उसके हमला कर दिया तो दीपक देखा सब को मार रहें तो दीपक अपने गारी से भागन
02:24यजफ बारे कर रहत्या कुए मिला तहां मिलना था क्यासे पता चुला की दीपक काहीछा उसके कपड़ा घरवाली पैना था उसका जब कहरोम पहना चीन और उसके
02:34तो फुरा क्या करम रहा यहां पर क्या बना रहा है आप में पता चल गया कि दीपक की हत्या
03:04माहुल बहुत खराब था और वो थे जो फटतसकर भागे थे तो पास के गाउ में एक पशुतसकर पक्रा गया उसको बंदी बना किम लोग रखे थे और दो तिन थे भाग गये थे तो अपलोग बना थे उसने क्या कुछ बताया आप लोगों को इसने कुछ भी ने बोला जी ज
03:34अगे खड़ी हो जा रहे थी जब दो जा दा रहे थे जब भी उसको जाते थे तो
03:45जै जै तो जो चैनल पर पूझ और ऊसका तरह रहा था पर पूड़ करने नहीं देशन की आगे तो
03:53पसकर आप पकड़े थे उसके भी बार-बार फोन आ रहा था उसके बहुत बार-बार फोन आ रहा था तो आप थे गाओं के ही रहने वाले जिन्होंने बताया कि घटा की रात कैसे क्या हुआ
04:18पसकर आते हैं पसकर जो है वो दीपक के घर नहीं बलकि दीपक का 800 मीटर की दूरी पे एक दुकान है फरनिचर की वहां आते हैं और वहां पे दीपक के कुछ परिजन एक दो लोग वहां पे रहते हैं उसके बाद से वो दर्वाजा खटकर आते हैं खटकर आने के बाद जब �
04:48परिजन हैं उनको बुरी तरीके से पस्तशकर हतियार लिये हुए है और उनकी पिटाई कर रहा है।
04:55उसके बाद से बाद से अपने फिर गाउग की तरफ लोडते हैं और इस उम्मिद के साथ लोडते हैं कि ग्रामिरों को हम इस बात की सुचना देंगे
05:04और फिर कुछ ग्रामिनों को लेके यहां आएंगे
05:07लेकिन उस्कूटी में उनके टकर मार दी जाती है
05:10पस्तस्वरोद्वारा उसके बाद से उनकी हत्या कर दी जाती है
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