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CP Radhakrishnan को कितनी Power? जानें उपराष्ट्रपति के पद की अहमियत, उनके अधिकार और सैलरी से जुड़ी हर खास बात।
भारत के नए उपराष्ट्रपति CP राधाकृष्णन के पदभार संभालने के बाद हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उपराष्ट्रपति का पद भारतीय लोकतंत्र में कितना महत्वपूर्ण है। क्या सीपी राधाकृष्णन सिर्फ राज्यसभा के सभापति हैं या उनके पास इससे भी बढ़कर कोई और जिम्मेदारी है? इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि उपराष्ट्रपति के पास कौन-कौन सी शक्तियां होती हैं, उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं और उनका वेतन कितना होता है। ऋचा पराशर के साथ वनइंडिया हिंदी पर देखिए यह खास रिपोर्ट।
उपराष्ट्रपति का पद देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है, जिसका कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं। राज्यसभा के सभापति के तौर पर वे सदन में संविधान और नियमों की व्याख्या करने वाले अंतिम प्राधिकारी हैं। दलबदल के तहत किसी सदस्य की अयोग्यता पर फैसला भी सभापति ही करते हैं। इसके अलावा, राज्यसभा की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने, सांसदों की उत्पादकता बढ़ाने और सदन की मर्यादा बनाए रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे विशेषाधिकार उल्लंघन के मामलों में भी अपनी सहमति देते हैं और संसदीय समितियों में सदस्यों को नामित करने का अधिकार भी रखते हैं।
About the Story:
This video explains the powers, responsibilities, salary, and facilities of the Vice President of India, especially in the context of CP Radhakrishnan taking office. It details the Vice President's role as the ex-officio Chairman of the Rajya Sabha and their capacity to act as interim President.

#CPRadhakrishnan #VicePresidentOfIndia #RajyaSabha #HindiNews

~HT.178~ED.106~GR.124~

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Transcript
00:00सीपी राधाकृष्टन भारत के नए उपराश्ट पती बन चुके हैं
00:03ऐसे में या जानना बहुत एहम है कि आखर उपराश्ट पती का पद भारत की लोकतांतरिक प्रणाली में कितना एहम है
00:11उपराश्ट पती के पास इस पद के साथ-साथ और क्या-क्या जिम्मेदारिया होती है
00:16स्रिपी राधाकृष्णन पद संभालने के बाद किन सुविधाओं के हकधार होंगे
00:20इसके अलावा उनका वेतन क्या होगा ये सब कुछ जानें हम आज के इस खबर
00:24नमस्कार मेरी चापराशर और आप देख रहे वन इंडिया हिंदी
00:27भारत के उपराश्ट पती का पद देश का दूसरा सरोच सम्मेधानिक पद है
00:32उनका कारेकाल पांच साल का होता है
00:34उप्रास्टपती के पास संसद के उच्च सदन राजसभा की भी जिम्मदारी होती है
00:39वे राजसभा के पदेन सभापती भी होते है
00:42उप्रास्टपती के पास क्या-क्या जिम्मदारियां शक्तिया
00:46राज्य सभा के सभापती के तौर पर उपराश्टपती सदन में सम्मिधान की व्याख्या और सदन से जुड़े नियमों की व्याख्या करने वाले अंतिम प्राधिकारी हैं।
00:55सभापती ही फैसला करते हैं कि राज्य सभा का कोई सदस्य दल बदल की तहत अयोग ए घोशित होंगे या नहीं। संसदिय लोगतंत्र में यह शक्तियां उप राश्टपती को अलग बोर्ड पर चिन्हित करती हैं।
01:06राज्य सभा की कार्यवाही संसदों को लेकर भी कई अधिकार। इतना ही नहीं है। प्राश्टपती के पास संसद के उच्छ सदन के कामकाज को बहतर करने की बिजमेदारी होती है।
01:29प्रपर नुलगान
01:44का निया नहीं और इसे जुड़ी सिपारिशों को स्विकार करे हैं नकार दें
01:50कई बार संसद में कोई विधैयक पेश होता है तो इसे अलग-अलग समीतियों के पास भेजा जाता है
01:56साथ ही कार्यपालिका की गतिविधियों और सरकार के खर्चों की निगरानी के लिए कई संसदिया समीतियां भी बनती है
02:03इसके अलावा भी उपराश्वपती के पास और भी कई जिम्मिदारिया हैं
02:16उपराश्वपती राज्य सभा के सदस्यों को अलग-अलग निकायों में नामित कर सकते हैं
02:21जैसे हज समीती, सम्मेधानीक एवं संसदी अध्याक्ष इत्यादी
02:25इसके अलावा भी उस तीन सदस्य समीती का भी हिस्सा होते हैं जो प्रेस काउंसल ओफ इंडिया के अध्याक्ष को नामित करती है
02:32कब-कब उपराश्वपती कार्यवाहक राश्वपती के दौर पर करते हैं काम
02:36अगर राश्वपती का पद, बृत्यू, इस्तीफे, बर्खास्तगी या अन्य कारणों से खाली होता है
02:42तो उपराश्वपती इस दोरान कार्यकारी राश्वपती के तौर पर काम करते हैं
02:47दूसरी तरफ अगर राष्ट्रपती बिमारी या विदेश यात्रा की कारण थोने समय के लिए अपना काम नहीं कर पाते हैं, तब भी उपराष्ट्रपती उनके लोटने तक राष्ट्रपती का पद संभालते हैं, उसकी जिम्मदारी लेते हैं.
02:57जब उपरास्ट्रपती पर रास्ट्रपती पद के जिम्मदारी आती है तब वे राज्य सभा के सभापती के पद के कर्तवियों का पालर नहीं करते हैं
03:05उपराश्ट्रपती जब राश्ट्रपती का दाईत तो संभालते हैं तो उन्हें राश्ट्रपती की सारी शक्तियां, फायदे और वेतन मिलने लगते हैं
03:12सीधे तोर पर समझे तो उपराश्ट्रपती को इस पद के लिए कोई वेतन नहीं मिलता
03:19उन्हें वेतन और भत्ते राज्य सभा के पदेन सभापती के तौर पर काम करने के लिए मिलते हैं
03:25राज्य सभा के सभापती का वेतन चार लाख रुपए और अन्य भत्तों के साथ निर्धारित है
03:30किस-किस तरह के अन्य फायदे मिलते हैं?
03:33अब रिपोर्ट्स के मुताबिक उपराश्टरपती को कई तरह की सुविधाएं और भट्टे मिलते हैं, इनमें मुफ्त सरकारी, आवास चिकट्सा सेवाएं, ट्रेन या हवाई यात्रा का भट्ता, लैंड लाइन और मोबाइल सेवा, नीजी सुरक्षा और अधिकारिक स्ट
04:03डॉक्टर, नर्सिंग अफसर और चार अटेंडेंट की सुविधा भी मिलती हैं, इतना ही नहीं, उपराश्टरपती के निधन की स्तिथी में उनकी पतनी को आजीवन टाइप साथ घर मिलता है, अब इस खबर में इतना ही, लेकिन आपको हमारी एक खास रिपोर्ट कैसी ल
04:33झाल
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