Skip to playerSkip to main content
Chandra Grahan 2025 In India Time: साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह पूर्ण ग्रहण है, इसीलिये ग्रहण से पहले सूतककाल (Sutakkal Timing) के दौरान क्या-क्या करना चाहिए। क्या नहीं होना चाहिए। ग्रहण के सूतक और ग्रहण काल में स्नान, दान, जप, पाठ, मंत्र, तीर्थ स्नान, ध्यान आदि शुभ कर्मों को करना अच्छा माना जाता है।सूतक एवं ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श करना वर्जित है। भोजन करना, नींद लेना, नाखून काटना आदि से बचना चाहिए, इस समय भगवान में ध्यान लगाएं।

#ChandraGrahan2025 #Chandragrahansutak #Lunareclipsesutak #ChandraGrahan2025rashifal #ChandraGrahanrashifal #BloodMoon #TotalLunarEclipse #IndiaSkyWatch #ChandraGrahanIndia #EclipseNight #7SeptemberChandraGrahan 2025

~PR.88~HT.408~ED.276~

Category

🗞
News
Transcript
00:00आज 7 सितंबर है और पूर्णिमा तित्ष पर खास चंद गरहन लगने वाला है।
00:06इस साल का चंद गरहन इसलिए भी खास है क्योंकि ये भारत में नजर आएगा और भारत की परस्तित्यों के मताबिक गरहन जहां भी दिखता है वहां सूता काल शुरू हो जाता है।
00:16और ये सूता काल अब यहां गरहन के मताबिक शुरू हो चुका है। इस गरहन का सूता काल भारत में भी मान है। आज गरहन का सूता काल दुपहर 12 बच के 28 मिनट से शुरू हो चुका है।
00:28सूतक काल में बच्चों, बज़ुर्गों, रोगियों आदी के नियमों को अलग-अलग बनाये गया है।
00:34सूतक ग्रहन के इसपर्स समय से 9 गंटे पहले शुरू हो जाता है और उसके बाद समाप्त होने पर खप्म हो जाता है।
00:41चंद ग्रहन का इसपर्स काल यानि की शुरू होने का समय नौ बच के तिरपन मिनट है और खगराज चंद ग्रहन ग्यारा बच करके 49 मिनट शुरू होगा यानि मद्ध काल होगा।
00:53इसके बाद मोक्ष काल मद्य राती में एक बच के पच्चिस मिनट में होगा जब चंद ग्रहन खत्म हो रहा होगा।
01:00आपको बता दें कि ग्रहन के सूतक और ग्रहन काल में शनान, दान, जब, पाठ, मंत्र, तेरत शनान, ध्यान आदि सुब कर्मों के लिए अच्छा माना जाता है।
01:3012 बच्ज के एक मिनिट पर पहुँ जाएगा और बाद में 12 बच्च के-20 मिनिट से ग्रान समाप्त होना शुरू हो जाएगा और
01:3927 शुरू हो जाएगा करीब 3 घंटे 30 मिनिट के यह काल बहुत महतन है कुंध के मुताबिक ग्रान को लेकर कि
01:47और विश्यस मानताएं भी हैं। मानता है कि इस दोरान किसी भी प्रकार के शुब कारे पूजा, पाठ, हवन आदी वरजित होते हैं। जही कारण है कि मुख मंदिरों में ग्रहन काल के दोरान कपाड बंद कर दिये जाते हैं। गर्वमती महिलाओं को खास सा धानी रखने की �
02:17रख देने शाहिए। ऐसा कहा जाता है कि तुलसी इनको अशुद्ध होने से बचाती है। वहीं ग्रहन के बाद इश्नान करें और दान जरूर करना चाहिए। दरसली ये चंद्र ग्रहन पून है। इसलिए इसे ब्लड मून भी कहा जा रहा है। लाल रंग का मतलब होता है
02:47होकर गुजर्बती हैं और चंद्रमा तक पहुंचती है। जिससे उस समय चंद्रमा पर लाली मा च्छा जाती है। जिसे ब्लड मून कहा जाता है। आपको बता दें कि जब सूर्य प्रतिवी और चंद्रमा एक सीध में होते हैं तो पून चंद ग्रहन लगता है। जो ति�
03:17और ग्रहन काल के बाद इशनान दान की जो बेला है उससे तमाम निगेटिव चीजों को दूर किया जा सकता है। चंद्र ग्रहन को लेकर के अगर आपके अंदर कोई डाउट है, कोई सवाल है तो हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं। नमस्कार।
Comments

Recommended