00:00There was a small and sweet tune in a small town.
00:03Every day, it was washed away,
00:05and the evening was washed away.
00:08One day, the sun came out of the sky.
00:11It started running fast,
00:13and suddenly, the storm started starting.
00:16The tune in a small town,
00:18and I thought,
00:19if the storm has been happening,
00:21then I will go where to.
00:23I will feel like it.
00:25There was a lot of rain.
00:27He said,
00:28अरे टुनी, तेरा तो कोई घर ही नहीं है, तू तो भीग जाएगी।
00:33टुनी चडिया उदास होगी, लेकिन तो समझदार भी थी, उसने सोचा, उदास होने से कुछ नहीं होगा, उजे अपना घर बनाना ही होगा।
00:43बारिश थोड़ी घलकी गुल, तो टुनी ने छोटे-छोटे टहनिया, पत्ते और मिट्टी इकट्टी करना शुरू किया, धीरे-धीरे उसने महनत से एक छोटा सा मिट्टी का घर बनाई है।
00:54कौवा उसे देख रहा थो, जब घर दयार हो गया, तो टुनी चड़िया ने खुशी से कहा, अब चाहे कितनी भी बारिश हो, मेरे पास अपना घर है, बारिश उगिर से पेज़ों।
01:05टुनी चड़िया अपने घर के अंदर बैट गई, घर मजबूत था, इसलिए उसे बारिश से कोई ड़नी, कौवा भीगता रहा और शर्मिंदा हो कर बोला, काश, मैंने भी अपना घर बनाया हो गया, टुनी उसको राई और बोले, देखो कौवे, मेहनत करने वाला ही सुर