00:00बाद बाद माहा के शुक्ल पक्ष की पंचमी दिथी पर रिशी पंचमी का व्रत किया जाता है।
00:30के बावजूद वो अपने कारु में लगी रही। जिस कारण उसे दोश लग गया। चूकि उसका पती भी इसी दोरान उसके संपर्क में आ गया। तो वो भी इस दोश का शिकार हो गया। जिस कारण वो दोनों अगले जनम में जानवर बन गये। पत्नी को कुतिया का जनम मि
01:00उसकी पत्नी ने ब्रामणों के लिए भोजन पकाया। लेकिन इस दोरान खीर में एक छिपकली गिर गई जिससे उसकी मा ने देख लिया। अपने पुत्र को ब्रहम हत्या से बचाने के लिए उसने अपना मुक खीर में डाल दिया। लेकिन कुदिया कि ये हरकत देखकर प
01:30ये एक रिशी के पास जाकर इसका उपाय पुछा
01:33रिशी ने पुत्र से कहा कि अपने माता पिता को इस दोश से छुटकारा दिलाने के लिए
01:38तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को रिशी पंचमी का वृत करना होगा
01:41रिशी की कहने के अनुसार पुत्र ने ऐसा ही किया
02:00झाल झाल
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