00:00चोटी काशी आज प्रतम पूज्य भगवान गणेश के जैकारों से गुंजायमान हो रखी है।
00:30नहर की गणेश जी या फिर श्वेश सिद्विनायक और परकोटे वाले गणेश जी तमाम मंदिरों में आपर विशेश विवस्ताय की गई है।
01:00किस तरह का इतिहास रहा है और आज इस तरह की यहां पर व्यवस्ताय की गई है।
01:05जहां प्राते मंगला आर्ती सही नहर के गिरेशी महराज के मंदिर में जो है मंगला आर्ती सही यहां प्रारम बहुँ चुका है जो गणपती का उस्सव है।
01:15प्राते पूजा अर्चना करके गणपती को राजशाही पोशाक यहां धारन कराई गई है।
01:22जो है अभी समर्पन हो रहे है जो सहस्र नामार्चन के साथ में दूर्वा यहां पे जो है अर्पित किये जा रहे हैं गणपती प्रभू को पहले दो दिन भगवान के पट मंगल रहे ते उसके पीछे क्या लॉजिक है हमारे यहां पे गणपती का वर्ष भर शंगारी तव
01:52कि यहां पे एक्दम पूर्ण रूप से चोले के अंदर कभी भी आपको पतिमा को तर्शन नहीं गराया जाता है उसके पीछे कारणी है कि नर्वस्त वस्था में जो है साकार भक्ती के अंदर थोड़ा निशेद माना गया है इस वजए से वही भाव यहां पे रखा गया है
02:22कि पहले यहां नहर हुआ करती थी और कि पौरानिक महत्व के कारण ही लोग यहां पर आते हैं आज हम लोग सुबह प्राते सबी परिवार के साथ ही आए हैं बहुत अच्छी व्यवस्ता है यहां पर गडगणेश मंदर की जो व्यवस्ता है वह अतियुत्तम है मतलब सर्व
02:52सब्सक्राइब यहां पर गडगणेश मंदिर है बाकी मंदिर बाद में आते हैं ऐसे माननेता है
03:19मंदिर में उपर जाके हम तर ने फोटोग्राफी भी की और दर्शन भी की और चतुरती के धोग भी लगई तो चोटी काशी में आज सुबह से भक्तों और भगवान के मिलाव का दौर शुरू हुआ और यह दौर पूरे दिन बरक्रार रहेगा
03:33पुल्मला के कहा जाए तो आज चोटी काशी को गनेश तगरी कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ती नहीं होगी
03:39ते होगी उमेश के साथ अंकुर जाकला डीडी भारत जैपोर
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