00:001000 बात के बढ़का गाउं के तीन गाउं सिर्मा, चवनिया और पंडरिया के ग्रामिन जान जोखी में डालकर अंतिम संसकार करने को मजबूर है
00:08नदी पर पूल नहीं होने के कारण गाउं के लोग नदी पार कर संतिम संसकार करते हैं
00:15जो तस्वीर बढ़का गाउं से आई है वो दिल दहलाने वाली है
00:18अजादी के फच्तर सल्बित जाने के बाद भी कई ऐसे इलाके हैं जामिकास योजना धरातल पर नहीं उत्री है
00:24पूल नहीं होने के कारण ग्रामिनों को जान जोकी में डालकर नदी पार करना पड़ता है
00:29बढ़का गाउं से जो तस्वीर सामने आई है वो दिल दहलाने वाली है
00:33गाउं के लोग जान जोकी में डालकर भारी बरसात में सो लेकर नदी पार कर रहे थें
00:38जहां एक और जार्खन में भारी बारिस हो रही है और सभी नदी खत्रे की निसान से उपर बह रही है उस दोरान गाउं के लोग ने जान जोके में डाल कर अंतिम संसकार किया है
00:49दरसल छवनिया गाउं के सतर वर्षी व्यक्ति सिरुदुन की मैयत के बाद सुपुर्द एक हाक करने के लिए नदी की बार को पार कर सव को कबरिस्तान लाया गया था
01:00जब नदी पार किया गया तो पानी भी नदी में कमर से उपर तक थी पानी का अस्तर बढ़ता तो कई लोगों की जान चल जाती अस्थानी कहते हैं कि प्रसासन और जिला परती निदियों से कई बर मांग की गई है पूल बनाने को लेकर लेकिन सरकारी उदासिंता के कारण �
01:30जाने के लिए पूल नहीं है पूल बनाने की प्रकरिया चल रही है सरकार अस्तर से पूल का निर्मान होना है पिछले साल भी कुछ प्रकरिया हुई थी प्रकरिया शुरू हूई है तो जल्द पूल भी बन जाएगा
01:41In the 2000s, there are three towns, 56 and 56, which in the 7th of the day, if there are people here, if there are some people who come from here,