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  • 1 year ago
आंगन में तुलसी का पौधा, माँ पूजा कर रही है
बेटी (दुल्हन) खिड़की से बाहर देख रही है, हल्की धूप उसके चेहरे पर पड़ रही है
Transcript
00:00जन्वो का प्यार, वशो का इंतजार, आज रिवाजों के बंधन में बंधने का मौसम है, बाबुल के आंगन को अलविदा कहने की घड़ी है, किसी को पाल इने का पल है, पर आसू है कि थमते ही नहीं.
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