00:00भरत्य लोकतंत्र की जीवन और कभी-कभी आरज़क दुन्या में राजनीताओं को जनता के गुस्से और हताशा का स्तीडे तौर पर सामना करना पड़ता है
00:21हलंकि एक गुस्सा कई बार अपनी सीमाय लांग कर शारिरिक हमले का रूप लेता है दिल्ली के मुख्य मंत्री पर हाल या थपड की घटना इस तरह की पहली घटना नहीं
00:33भारत की राशनायती की तिहास में कई मौके आए जब मुख्य मंत्रियों और बड़े कतके नेताओं को सरवजनी की रूप से थपड स्याही या फिर अन्य हमलों का सामना करना पड़ा जाहिर तोर पर रेखा गुपता इनमें अकेली नहीं है
00:49अर्विंद केजरिवाल हमलों का बार बार निशाना दिली के मुख्य मंत्रियों अर्विंद केजरिवाल शायद उन राजनेताओं में से एक हैं जिन्हें सबसे अधिक बार इस तरह के हमलों का सामना करना पड़ा
01:05मई 2019 में दिली के मूती नगर इलाके में एक चुनावी रूड शो के दारान एक व्यक्ति ने उनके खुले वाहन पर चड़ कर उन्हें जोड़ तार थपड जड़ दिया
01:16इसके ठीक पहले 2014 में जव्य मुख्यमंत्री बने दिली के सुल्तानपुरी में चुनाव प्रचार के दारान एक आटो रिक्षा चालक ने उन्हें थपड मारा
01:26ये घटनाएं सर्फ थपड तक सीमित नहीं रही उन पर स्याही फैंक ने मिर्च पाउडर से हमला करने जैसी गंफीर घटनाएं हुई हैं
01:35नवंबर 2018 में दिली सचीवाले के अंदर उनकी आखों में मिर्च पाउडर फ्यांका गया जिसने स्वरक्षा व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ाई
01:43शरत पवार जब केंद्रे मंत्री पर उठा हार्थ
01:51नवंबर 2011 में एक बेहद चौकाने वाली घटना में ततकालीन केंद्रिया क्रिशी मंत्री और राश्ट्रवादी कॉंग्रिस पार्टी के प्रमुक शरत पवार को नई दिली में एक सारवजनिक समाहरों में एक युवक ने थपड़ मारा
02:05हमलावर हरविंदर सिंग महंगाई और भष्टा चार कुले कर अपना गुस्सा जाहिर कर रहा था
02:11इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया क्योंकि एक वरिष्ठ केंद्रे मंत्री पर इस तरह का हमला सुरक्षा में एक बड़ी चूप का प्रतीक था
02:20इसी हमलावर ने पहले पूर्व केंद्रे मंत्री सुखराम पर हमला किया था
02:25भूपिंदर सिंग हुड़ा विरोजगारी के गुस्से का शिकार
02:30फर्वडी 2014 में हर्याना के ततकालीन मुख्य मंत्री भूपिंदर सिंग हुड़ा को भी एक सारवचनिक कारिकरम के दौरान थपड का सामना करना पड़ा
02:40पानिपत में एक रोडशो के दौरान एक विरोजगार युवक ने उनके पास आकर उन्हें थपड जड़ दिया
02:47युवक अपनी नौपिना लगनी की हताशा से ग्रस्त था और इस क्रत्य के माध्यम से वो सीधे मुख्य मंत्री तक अपनी आवाज पहुचाना चाहता था
02:56इस घटनाओं ने दिखाया कि कैसे व्यक्तिगत हताशा और विरूजगारी का गुस्सा सीधे तोर पर राज्य के सर्वोचनेता के खिलाफ निकल सकता है
03:06इन प्रमुक घटनाओं के अलावा कई छूटे वड़े निताओं को समय समय पर जनता के आक्रूश का सामना करना पड़ा
03:13पंचाब के पूर्व पूख्यमंत्री सुखपीर सिंग बादल पर भी एक पत्रकार ने हमला करने का आरूब लगाया था
03:20हलकि अदालत ने बाद में उन्हें बरी कर दिया
03:23ये सभी घटनाएं एक गहरा सामाजिक और राजनेतिक संदेश देती हैं
03:27ये नकेवल कानून व्यवस्था और राजनेताओं की सुरक्षा पर सवाल उठाती है
03:32बलकि ये दर्शाती है कि जनता और उनके चुने हुए प्रतिनीधियों की बीच समवाद की खाई कितनी गहरी है
03:40ये हमले लोक तंत्र में और सहमती व्यक्त करने के स्वस्थ तरीकों पर भी एक गम भीर प्रश्न चिन्न लगाती है
03:48इन सभी हमलों में से आपको कौन सा हमला याद है या आपने खुद देखा है
03:53कॉमन बॉक्स में जरूर बताएं
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