00:00Today we will talk about Anand Kumar and her very famous name, Super 30.
00:07Yes, and this is a great idea for us. Anand Kumar, Super 30.
00:14Yes, this story is a teacher that has a poor child who has not had to be in India's top engineering college, IITs, in India.
00:24And that is a great fact.
00:27Yes, so today we will talk about this story, how much progress, how much progress, how much progress, how much progress, how much progress, how much progress and how much progress.
00:38Yes, and this is a great idea for us. You said that, how much difficult to get IITs, how much difficult to get admission.
00:44There are a few millions of children who have a few thousand seats for it.
00:46Right.
00:47And those children who have not got a lot of coaching, they have a dream like that.
00:52Anand Kumar's work was the same thing that was a good effort.
00:56So let's start their own initial life.
00:59Anand Kumar was born in Bahrain in 1973.
01:03He was a lower middle class person.
01:06Yes.
01:07He was a clerk in post office.
01:09He was a little difficult to see.
01:12Yes, very much.
01:13He was able to get help from the house.
01:17And his mother made a paper.
01:19They used to buy a bazaar.
01:21Look, these are the most difficult to see.
01:24These are the most difficult to see.
01:27Right.
01:28But the truth is,
01:29the truth is that,
01:30all of them,
01:31the math,
01:32the job,
01:33the job,
01:34the job.
01:35Yes.
01:36Hindi medium school,
01:37where the higher maths,
01:39there are no resources.
01:41Exactly.
01:42And this is the international maths journals,
01:45the papers published.
01:47It shows that,
01:48the talent was so much.
01:51The talent was so much.
01:52So,
01:53think about the most famous universities in the world,
01:57Cambridge University.
01:59Wow.
02:00This is a very big dream.
02:02Yes.
02:03Yes.
02:04Yes.
02:05Yes.
02:06Yes.
02:07Yes.
02:08Yes.
02:09Yes.
02:11ये सब उनके परिवार के लिए मुम्किन नहीं था
02:13और कहीं से मतलब कोई सरकारी मदद
02:16या बैंक लोन
02:17वो सब भी नहीं मिला
02:18नहीं मिला
02:19तो Cambridge जाने का सपना उनका अधूरा रह गया
02:22और शायद यहीं से एक नहीं कहानी की शुरवात हुई
02:25वो जो खुद की निराशा थी
02:27Cambridge ना जा पाने का दर्द
02:29शायद उसी ने उन्हें
02:31उन बच्चों की मजबूरी समझने में मदद की होगी
02:33जो talented तो है
02:35पर मौकी नहीं मिलते
02:36ये बिल्कुल सही पॉइंट है
02:37शायद वो ही turning पॉइंट था
02:39इसके बाद उन्हें पटना में अपना
02:41कोचिंग सेंटर शुरू किया
02:42रामानुजन स्कूल अफ मैथमेटिक्स
02:44हाँ यहाँ वो कम फीस पर मैट्स पढ़ाते थे
02:47लेकिन फिर 2002 में
02:48उन्हें एक बहुत बड़ा
02:50क्रांतिकारी कदम उठाया
02:52उन्होंने 30 ऐसे बच्चे चुने
02:54जो बहुत होनार थे पर गरीब थे
02:56IIT जाना चाते थे पर तयारी का
02:58खर्चा नहीं उठा सकते थे
02:59और यहीं से जैसा हम सब जानते हैं
03:01जन्म हुआ सूपर 30 का
03:02और यह सिर्फ फ्री कोचिंग नहीं थी
03:04नहीं बिल्कुल नहीं
03:05यह एक पूरा सपोर्ट सिस्टम था
03:07आनंद कुमार और उनकी मा
03:09उन्होंने इन बच्चों के रहने का
03:11खाने का सबका इंतिजाम किया
03:14हाँ सोची ज़रा
03:15हर साल 30 बच्चों को चुनना
03:17फिर उन्हें IIT जैसे मुश्किल एक्जाम के लिए
03:19तयार करना और सब कुछ मुफ्त
03:21यह अपने आप में बहुत ही
03:22मतलब हिम्मत का काम था
03:24बिल्कुल एक अनूठा प्रयोग था यह
03:26और इस प्रयोग के जो नतीजे आये वो तो चौकाने वाले था
03:29खासकर 2008 में
03:47भी हुई उनके मॉडल पर
03:48पर जो रिजल्ट्स थे वो अपने आप में एक बड़ा जवाब थे
03:51सही है
03:52उन्हें Harvard और MIT जैसी जगों पर lecture के लिए बुलाया गया
03:55यह सिर्फ आंकडों की सफलता नहीं थी
03:57इसने यह साबित किया
03:59कि अगर सही माहौल मिले
04:01सही guidance मिले
04:02तो talent कहीं से भी निकल सकता है
04:05बैग्राउंड माइन नहीं रखता अपना
04:06और यह कहानी इतनी inspiring थी कि
04:082019 में इस पर Bollywood फिल्म भी बनी
04:11Super 30
04:12रूतिक रोशन ने उनका रूल किया था
04:14हाँ फिल्म ने कहानी को बहुत लोगों तक पहुँचाया
04:17लेकिन असल जिंदगी की जो चुनौतियां थी
04:19वो शायद फिल्म से भी जाता थी
04:21उन्हें cancer जैसी गंभीर बिमारी का भी सामना करना पड़ा
04:25हाँ ये भी उनके जीवन का एक पहलू है
04:27पर वो रुके नहीं
04:28जैसा वो खुद कहते हैं कि अगर तुमारे पास dedication है
04:32तो दुनिया तुम्हें रोक नहीं सकते
04:33उनकी यही जिद, यही हिम्मत, उनकी कहानी का बहुत अहम हिस्सा है
04:37तो इस पूरी चर्चा से हम क्या मुख्य बाते निकाल सकते हैं
04:41देखे सबसे पहली बात तो ये कि सपने देखने का हग सबको है
04:45चाहे आपकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो
04:47बिल्कुल, और दूसरी बात, शिक्षा, education, वाकई सबसे ताकतवर हतियार है
04:52खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास और कोई रास्ता नहीं
04:56सही कहा, और तीसरा, ये कि एक अकेले अनसान भी अगर ठान ले
05:01तो समाज में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है
05:03और सूपर थर्टी आज भी चल रहा है, शायद थोड़े बदले होए रूप में
05:07और जादा बच्चों तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है
05:09निश्चित रूप से, आनंद कुमार की कहानी हमें याद दिलाती है
05:13कि टैलेंट हर जगा है, बस उसे पहचानने और मौका देने की जरूरत है
05:19उन्होंने वो दर्वाजे खोले, जो शायद हमेशा बंद रह जाते
05:22और जाते जाते हमेशा की तरह श्रोताओं के लिए एक सवाल छोड़ जाते है
05:26हाँ, सवाल यह है कि आनन्द कुमार जैसे जो व्यक्तिगत प्रयास है
05:30वो यकीनन प्रेणना देते हैं, जिंदिगियां बदलते हैं
05:34लेकिन क्या ऐसे प्रयास, बड़े पैमाने पर जो शिक्षा में असमानता है
05:39उस गहरी समस्या का पर्मिनेंट सिलूशन बन सकते हैं
05:42या फिर हमें सिस्टम में, मदब पूरा एजुकेशन सिस्टम में
05:45बुन्यादी बदलाओं पे ज़्यादा ध्यान देने की जरूरत है
05:47इस पे सोचेगा जरूर
05:49अगर आप और महान लोगों की जीवनी सुनना चाते हैं
05:52तो चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें
05:54बेल आइकॉन दबाएं ताकि नए एपिसोड की नोटिफिकेशन मिले
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