00:00इंटेंसिव रिवीजन की जरुवत क्यों पड़ी और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में और नॉर्मल जो रिवीजन हर साल होता है दोनों में क्या फर्क है यह बहुत एहम सवाल है
00:14पिछले बीस सालों में हर साल रिवीजन होता रहा है और जो एन्वल रिवीजन होता है उसमें साधारण तौर से
00:28एपसेंटी शिफ्टेट और एक जिसे कहते हैं कि एक रैंडम तरीके से उसका रिवीजन कर लिया जाता है
00:38जब पिछले बीस सालों से इंट्नीज रिवीजन नहीं हुआ
00:51अब यदर भारत में दस से जादा बार स्पेशल इंट्नीज रिवीजन हो चुके हैं और स्पेशल इंट्नीज रिवीजन की खासियत यह होती है
00:57कि मद्दाता सूची को
00:59इलेक्टरल रोल को
01:01टोटली मैक्सिमम
01:03प्यूरिफाई करने के लिए
01:05एक इनिमरेशन फॉर्म भरा जाता है
01:08और हर मद्दाता
01:10उसको जब भर के देता है
01:11तो उसका नाम मद्दाता सूची में
01:14फ्रेश
01:14एक दब नए तरीके से सूची बनाई चाती है
01:18और ये इंटेंसिल रिविजन
01:21इसलिए भी आवश्यक हो गया
01:23एक तो सभी राजनितिक दलों की लगातार
01:26शिकायतें आती जाती है
01:27कि साथ वहाँ पर वोट भड़ गए
01:29वहाँ पर वोट कट गए
01:30इन लोगों का वोट सही बना
01:31इन लोगों का वोट कलत बना
01:33साथ ही साथ
01:35समय के साथ
01:36कई लोग जो गाउं में रहते थे
01:38जहां पर उनका वोट था
01:40वो शहर में आ गए
01:41उनका वोट गाउं में रहे गया
01:43और जब वो शहर में आये
01:45तो vote कटवाने की प्रक्रिया की भी अपनी कानूनी जटिलता है
01:50तो उनका vote गाउ में भी रहे गया शहर में भी हो गया
01:54और आजकल आपको पता है जैसे जैसे भारत का विकास होता जा रहा है
01:59वैसे वैसे लोग शहर छोड़के भी दूसरे शहरों में भी जाते है
02:04मुझे आचाए कि जितने हमारे मीडिया बंदू है
02:07वो भी शायद किसी ने किसी दूसरे शहर को छोड़के यहां पर आये होंगे
02:11तो जब वो यहां रहने लग जाते हैं तो उनका वोट यहां भी बन जाता है
02:14तो इस तरह से करते करते एक व्यक्ति के जाने या अंजाने में कई जगे वोट रह गए
02:22तो मदाता सूची को शुद्ध करने के लिए
02:26इनुमरेशन फॉर्म एक मात्र रास्ता रह जाता है
02:31क्योंकि मैं आपको एक उधारन भी देता हूँ
02:34जैसे मान लीजे शुपढणा चक्रवर्ती जी है
02:38उनका पहला वोट था शुपढणा चक्रवर्ती के नाम से
02:42दूसरा वोट जब वो दूसरी बार उन्होंने भरा
02:45तो उन्होंने भर दिया ऐस चक्रवर्ती
02:47पिता जी का नाम मुझे पता नहीं है माफ करें
02:52लेकिन यह भी चक्रवर्ती भरा
02:53अगली जगे
02:55जब उन्होंने भरा, तो उन्होंने गा
02:57कि नहीं अखिल भी चक्रवर्ती
02:59तो यह संभव हो जाता है
03:01जानना कि यह 2 वेक्टी एक हैं के नहीं
03:03तो एक ही तरीका है
03:05कि उसके लिए उनुम्रेशन
03:07form जारी किये जाए और एक वेक्टी एक बार मेएक ही
03:11unumeration form भरेगा जिससे कि मद्दाता शुची का शुद्धी करण भी होगा
03:15अगर उनका नाम गलत लिग गया है तो वो भी वो सही कर सकते हैं
03:19अगर उनकी फोटो ठीक नहीं है तो वो भी सही कर सकते हैं
03:22अगर उनका पता ठीक नहीं है, मात रहा है.
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