देश भर में जन्माष्टमी की धूम है. भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर श्रद्धालु नाचते-गाते, झूमते हुए मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. कान्हा की जन्मस्थली माने जाने वाले उत्तर प्रदेश के मथुरा में खास रौनक दिख रही है. सिर्फ मथुरा ही नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र के लिए जन्माष्टमी का उत्सव बेहद खास है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं. भक्ति से सराबोर संगीत और नृत्य माहौल को जीवंत बना रहा है. मंदिरों में लोग भजन गाते भी दिख रहे हैं. वहीं कई श्रद्धालु जन्माष्टमी पर भगवान से आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे हैं. जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार ये भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है.
00:00देश भर में जन्माश्टमी की धूम है भगवान श्रीकिष्ण की भक्ती में सराबूरु शद्धालू नाचते गाते जुनते हुए मंदिरों में दर्शन के लिए पहच रही है।
00:30मंदिर में दर्शन के लिए लगी श्रधालू की लंबी-लंबी कतारे धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।
01:00वही कईश्र धालू तो बस जनमाश्टमी पर भगवान से आशिरवाद लेने के लिए ही मथुरा पहुचे हैं।
01:08साथी दुनिया की कुछी साथी दुनिया की कुछी आज मत्रा महीं आ गए है।
01:12सारे देश देवता अखटे हो कि आज हमारे काना का जनम दिन मना यहीं आ गए है।
01:16नंद गया नंद भयो जैकनया लाल की हाती दीने घोडा दीने और दीनिपाल की।
01:22मत्रुआ के कटरा केशोव देव मंदिर में पारमपरिक रूप से जनमाश्ट में एक दिन पहले मनाई जाती है।
01:48यहां आधी रात के वक्त विशेश अनुस्थान में भगवान का पंचामरत से अभिशेक किया जाता है।
01:54हजारों शद्धालों काना के जन के शाक्षी बनते हैं।
02:18अधितना आनल दाता है तो स्वानी सक्षी बहुत ज्यादा सुन दाता है।
02:26हम इतने दूर से आते हैं।
02:30Thank you very much.
03:00So
03:30उत्तरप्रदेश के सहरानपूर में श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार को ऑपरेशन सिंदूर के सम्मान में विशेश जहाकियों के साथ जनमाष्टमी समारों की शुरुआत हुई
03:51इसमें भक्ती और देजभक्त की जलक देखने को मिली
04:00शुरु जरज चाहि के लिए बहुत अच्छी जलका हुई है क्या हैे मुटिवेट में एक घिए
04:09बामन और प्रपाइशन सिंदूर उसके लुकष ऑपर आप लुकिनिकन करहा या बहुत अच्छा लग रहा है इसमें
04:18चुश और आप लोगो कोचिता चिता चारोगार Ne conclusion
04:21राजिस्थान में जैपूर के गोविंदर देव मंदिर में जनमाश्चिमी
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