00:00Allah Ta'ala him sasab ko Takabur jesai mahlik jrem se bachne ki taufiq atah firmayai, amin sum'm amin, Qurayn majib mein Allah Ta'ala aishad firmata hai, su'ad, 71,72, jab abke rabne fferishtun se firmaya, mimei ti se ek insan pida keda karene waala hou, pher jab me ise mukamel kur leung, ur us mein e pami rophung giveong, to tum sab iske liye sajde me gire jana,
00:20इस इतन मुबारका से ये हकिकत ظाहिर होती है कि इनसान दो हकिकतों का मुरकब है एक मिती जो इसके जिसम गुष्ट हड़ियों और जाहिर वजूद की बुनियाद है दो रू जो उसके बातिन इसकी हकिकत और अल्ला से तालुक का जरिया है आज के साइंस दान भी इस बात की
00:50और दूसरी तरफ इमान, शुकर, अद्ल, सचाई, एहसान, महबत, उखुट और खेर खाई जैसी रूहानी सिफात
00:56रूह इनसान को अपने रब की तरफ रुजू का पैगाम देती है और जिसम इसे जमीन की कशिश की तरफ खेंचता है, इसी कश्मकश में इनसान की आजमाईश आजमत और अन्जाम चुपा हुआ है, यहूदी नजरियात का रदो
01:08कुरान का ये नजरिया उन्यहूदी उफकार की खिली तरदीद है, जो कहते हैं कि अखलाकियात का इनसानी फितरत से कोई तालुक नहीं और ये सिर्फ एक माशी और मादी तरकी का हिस्सा है, जबके कुरान कहता है, अखलाक इनसान की असल फितरत का हिस्सा है, और यही रु
01:38If the Quran is written in the Bible, then the Quran is written in the Bible.
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