00:00भारत दे तै कर लिया है इन नुकलियर की धंकियों को अब हम सहने वाले नहीं है आपरेशन सिंदूर के बीर जाबाजों को सेल्यूट करने का आउसर मिला है
00:21हमारे वीर जाबाज सैनिकों ने दिश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है
00:39आईस अपील को पहल गाम में सीमा पार से आतिंकों ने अकर के
00:53जिस प्रकार का कटले आम किया फर्म पुछ पुछ करके लोकों वो मारा गया
01:03पत्ती के सामने पत्ती को गोलिया दी बच्चों के सामने अपने पीता को मौत ले खाट उतार दिया रहा
01:14पुरा हिंदुस्तान अक्रोच से भड़ा हुआ है पुरा विश्व भी इस प्रकार से सम्हार से चौक गया था
01:33मेरे प्यारे देश वाजियों आपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है
01:4725 तारिक के बाद हमने हमारे सेना को खुली छूड़ दे दी
02:03रणनीती बोताय करे लक्षत बोताय करे समय भी बोचुने और हमारी सेना ने वो करके दिखाया
02:22जो कई दसकों तक कभी हुआ नहीं था
02:27सेकड़ो किलोमेटर दुश्मन की धर्ती पर गुच करके
02:35आतंग की हेड़ वकाटस को मिट्टी में मिला दिया
02:41आतंग की मारतों को खंढ़ार बना दिया
02:53पाकिस्तान की निंद
02:55अभी भी उड़ी हुई है
02:58पाकिस्तान में हुई तबही
03:05इतनी बड़ी है
03:09कि रोज नएने खुलासे हो रहे हैं
03:13नई नई जानकारियां आ रही
03:15मेरे प्यारे देश वाजी हो हमारा देश
03:23किस दसकों से
03:26आतंग को जहलताया हुई
03:30तेश के सीने को चलनी कर दिया गया है
03:36अब हमने एक न्यून नार्मल प्रस्था पिट गिया
03:43आतंको और आतंकी को पालने पोशने वालों को
03:51आतंकियों को ताकत देने वालों को
03:56अब हम अलग अलग नहीं मानेगे
04:00वो मानवता के समान दुश्मन है
04:08उनके बीच कोई फर्क नहीं है
04:11अब भारत दे तै कर लिया है
04:16इन नुकलियर की धमकियों को
04:22अब हम सहने वाले नहीं है
04:26नुकलियर ब्लैक मेल लंबे असे चलाया
04:36अब वो ब्लैक मेल नहीं सहा जाएगा
04:47आगे भी अगर दुश्मनों ने ये कोशिच जारी रखी
04:55हमारी सेना तै करेगी सेना की शर्तों पर
05:04सेना जो समय निर्धाइद करे उस समय पर
05:08सेना जो तौर तरीके तै करे उस तौर तरीके से
05:14सेना जो लक्ष तै करे उस लक्ष को अब हम
05:24करके रहने वाले हैं अम्मू तोड जमाब देंगे
05:30मेरे प्यारे देश वाक्षियों भारत ने तै कर लिया है फून और पानी
05:43एक साथ नहीं बहें अब देश वाक्षियों को भड़ी भाती पता चला है कि सिंदू का
06:00समझोता कितना अन्याय पुर्णा है कितना एक तरफा है भारत निकलती नदियों का
06:13पानी दिश्वनों के खेट को सीच रहा है और मेरे देश की किसान मेरे देश की धरती पानी के बीना प्यासी है
06:27यह समझोता था जिसने पिछले साथ दसक से तरफे देश की किसानों का
06:45अग कल्पनी नुक्षान किया है अब हिंदुस्तान के हक का जो पानी है उस पर अधिकार सिर्फ पर सिर्फ
07:05हिंदुस्तान का है हिंदुस्तान के किसानों का है बारत का कई हिंदुस सम्झोते को उस श्वरीप को तसकों तक सहा है उस श्वरीप को आगे नहीं सहा जाएगा
07:29किसान हित में राष्ट हित में यह सम्झोता हमें मन्जूर नहीं है
07:43मेरे प्यारे देश वासियों आज हदी के लिए असंख्य लोगों ने पलिदान दी
07:59अपनी जवानी खपा दी जेलो में जिंदगी गुजारी है आसे के तक्त पर तटके हैं कुछ लेने पाने बनने के लिए नहीं
08:13भारती के स्वाविमान के लिए कोटी कोटी जनों की आज़ादी के लिए गुलामी की जंजिरों को तोड़ने के लिए
08:25और मन में एक ही भाव था स्वाभिमान तात्यों गुलामी ने हमें निर्धन बना दिया
08:45और उपर हमारी निर्फरता बढ़ती गई हम सब जानते हैं आज़ादी के बाप कोटी कोटी जनों के पेड़ भरना पड़ी चुनोती थी
09:10यही मेरे देश के किसान है जनोंने खून पसेना एक करके देश के अंद के भंडार भर दिये
09:20अनाज के समन में देश को आत्मंदिर पर बना दिया
09:29एक राष्ट के लिए आत्म सम्मान की सबसे बड़ी कसोटी आज भी उसकी आत्म निर्फरता है
09:46और मेरे प्यारे देश वास्यों विक्सित भारत का आधार भी है आत्म निर्फर भारत
09:58जो दूसरों पर जाना निर्फर रहता है उसकी आजहादी पर उतना ही बड़ा प्रस्ट चीन लग जाता है
10:13और दुर्भागय तो तब बन जाता है जम निर्फरता की आधत लग जाए पताई ना चले
10:25हम कब आत्म निर्फरता छोड़ रहे हैं और कब किसी के निर्फर हो जाते हैं यादत सत्रे से खाली नहीं है
10:36और इसलिए प्रती पल जागरू करहना पड़ता है आत्म निर्फर होने के लिए
10:43और मेरे प्यारे जैस्वासियों आत्म निर्फरता का नाता सिर्फ आयात और निर्याक रुप्ये पैसे पाउंड डॉलर यहां तक सिमित नहीं है
11:01इतना सिमित अर्थ उसका नहीं है आत्म निर्फरता का नाता हमारे सामर्थ से जुड़ा हुआ और जब आत्म निर्फरता खत्म होने लगती है
11:17तो सामर्थ भी निरंतरक्षिन होता जाता है और इसलिए हमारे सामर्थ को पचाएं रखने बनाएं रखने और बढ़ाएं रखने के लिए आत्मंदिर भर होना बहुत अनिवार यह है
11:40कात्यों आमने ओप्रेशन सिंदुर में देखा है मेरी निनिया की कमाल क्या थी तुष्मन को पता तक न चला कि कौन से सस्त्रास्त है कि कौन सा सामर्थ है जो पलग भर में उनको नश्ट कर रहा है
12:05सोचिए अगर हम आत्मंदिर भर होते ना होते तो क्या अप्रेशन सिंदुर इतनी त्वरिक गती से हम कर पते
12:20पता नहीं कौन सप्लाई देगा नहीं देगा साजो सामान मिलेगा नहीं मिला गईसे की चिंता बनी रहती
12:29लेकिन हमें मेड इन इंडिया के साक्ति हमारे हाथ मती सेना के हाथ मती इसलिए पिना चिंता पिना रुकावट पिनास हिच्केचाट हमारी सेना अपना पराकम करती रहीं
12:51कर दो
Comments