00:00ये सुखल करी में लगना जड़ियराण जड़ियराण सचंसे भी जड़ संग
00:30जसको भालीो कि वराको है।
00:51झाल झाल
01:45झाल झाल
02:06जापनिस पेपर कट आर्ट में एक आर्ट फॉर्म बनाया है
02:10जिसमें उनकी मदर है उनके गुरू है और उनका बैटिंग का तरीका है वो सब इसमें आर्ट फॉर्म याई से
02:20जापनिस पेपर कट आर्ट कहते हैं
02:23इतनी बड़ी फ्रेम है अभी मैं देने जा रहा हूं अभी जस्ट उनको देखा है पर उनसे मिला नहीं हूं
02:33जल्दी ही मिलूंगा
02:42क्या कुछ उनके बारे में चाहेंगे बताना चाहेंगे लगबग 20-25 साल से उनका क्रिकेट देख रहे हैं और मैं
02:50लाज्ट तीन साल से ट्राइ कर रहा हूं उनको यह फोटो देनी के लिए यह साल मजी अपोर्चिनिटी मिली है
02:55थैंक्स टू सुदिर कुमार
02:57क्या करने साल की कहां से आई है क्या नाम में आपका अर्किनिट देख रही हूँ और मैं नांदेर से
03:07आई हूँ 24 हावर्स की जर्मी कंप्लेट करके आई हूँ मैं उनका वेट करे थे अभी उनका बड़े हो गया
03:14है पर हमें पिच्छर नहीं मिली उनके साथ इसलिए हम सोड�
03:26हैं जो बीघेस मि�hos खैना है घरेथ मिला है वो हमें बुमेंट हमें बयुके ज़इन के लिए ऊसरे के साथ
03:45एक इरह रख है।
03:45हम कि यह दो कि मैं हमें हमें सो तरह दी की लंबी व्री कि कामना करता हूं फिर यहां
03:54से जागर मैं सिद्धी बीनरत में मैं दर्शन करूंगा
03:56सचिन सर के और लंबी आई हुए उन्होंने 53 साल के हुए और मुझे भी जब उन्होंने 50 साल के
04:02हुए तो बहुत बड़ी एक आयोजन रखे थे सारे मीडिया वालो और जिस जिस देश में हंडेट एम भी यूज
04:08कर रहे हैं जो भी सचिन सर के फैन हैं उन लोगों बुलाए ग�
04:13सब्सक्राइब और यह दो साल बाद यानि यह तिरपनवा वर्सगाट मनाए घर पे क्योंकि यह अंदर कंट्रक्शन घर थी और
04:20मुझे बहुत कुछी हो यह बस सचिन सर के लिए मैं हमेशा कामना करता हो कि उनकी लंबी आई हो
04:25और हम उनका नाम लेकर हमेशा किम इंडिया क
04:33सब्सक्राइब कन्metros क्योंकि तो तो किस तरह से आप्योंकि अच्छाइब के लिए
04:58थर्ट टेस्ट में एल्बो में चोट लगे और टेनिस एल्बो की वज़ा से उन्होंने बाहर हुए बहुत दुख हुई लेकिन
05:04उसके बाद 2003 में ट्रेंगुलर स्रीज थी वल्लकप के बाद इसी वानकेट स्टेडियम में एक नमबंबर को मैच मैं बिहार
05:10से साइकिल से आये स
05:11सचीन सर से मुलाकात हुई स्टेडियम में पहले क्राइडन हुई फिर उन्होंने घर पर बुलाए बस वही से रिनी हो
05:17गए क्योंकि सचीन सर मैच को टिकट देने लगे और मेरा भारत का टूड़ हो गई लेकिन 2006 में मैं
05:23पाकिस्तान भी साइकिल से गए सचीन सर की प्रेम न
05:40सचीन सर की 100 सेंचूरी तो मैं तीन बार साइकल से बंगला देस गए एक जो पाकिस्तान भारत के बहुत
05:45सारे सब्सार को में लेकिन आज भी सचीन सर के लिकिन तब आगे
05:50दिल में तेन्दुलो cheating आज भी हम तीम इंडिया को मिश्विंve टेन के dating इंडिया को चेर करते हैं और
05:56जब
05:56टक धर्ती पे हैं चेर करते रहेंगे कि करेंगे और हम सपूर्ट करते हैं
06:28झाल झाल
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