00:00कलपना की जो एक ऐसा धागा जो सर्फ कलाई पर नहीं दिलों को भी जोड़ता है
00:07एक ऐसा परव जुसमें प्यार सुरक्षा और परंपरा का गहरा संगम होता है
00:12क्या आपने कभी सोचा है कि रक्षा बंदन सिर्फ एक तैवार नहीं बलकि एक वादा है जीवन भर रक्षा का
00:19लेकिन आके रक्षा बंदन क्यों मनाय जोता है इसके पीछे कौन सी कहानिया और परंपराएं जुड़ी हैं चलि आज किस वीडियो में जानते हैं
00:27रक्षा मंदन का तैवार हर साल श्रावन मास की पुर्णिवा तिठी को मनाय जोता है अब इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके लंबी उम्र और सुक सम्रुद्धी की कामना करती है बदले में भाई उसकी रक्षा का वचन भी देता है अब �
00:57श्रीकृष्ण की उंगली पर बांध दी अब इस पर श्रीकृष्ण ने वचन दिया कि जब भी द्रौपती संकट में होगी वह उनकी रक्षा करेंगे और यही कारण है कि चिरहरण के समय श्रीकृष्ण ने द्रौपती की लाज बचाई थे वह येक और कथा इंद्र और �
01:27हुमायों को राखी भीजी थी जब बहादूर शाह ने चितौड़ पर आकरमण किया था करणावती को यह भरोसा था कि यह राखी सर्फ धागा नहीं एक भाई के जिम्मदारी निभाई जाएगी हुमायों ने अपनी सेनाय लेकर चितौड़ की और प्रस्थान किया लेकिन
01:57कोई किसी की भी रक्षा का संकल्प लेता है चाहे वो खून का रष्टा हो या फिर भावनाओ का फिलाल इस वीडियो में इतना ही आपको यह जानकारी कैसी लगी कमेंट में लेकर जरूर बताएगा धन्यवाद
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