00:00या हुसैन तुम मेरी उम्मत के लिए रोशनी हो
00:07ये सुभा कैमत की सुभा है
00:30ये कैसी खामोशी है कैसा सुकूत है
00:39मैंने अपने वालिद की शहादत देखी
00:45लेकिन मैं उनके मकसद को जिन्दा रखूँगा
00:49क्या ये पानी का आखरी गत्रा था
00:56अमीद और हिम्मत के साथ
01:17हम एक बेहतर मुस्तक्बिल की तामीर करेंगे
01:26हम एक ऐसे सफर पर रवाना हो रहे हैं
01:33जो हमारी हिम्मत का इम्तिहान लेगा
01:36हर दोर में हुसैनियत और यजदियत की जंग जारी रही है और जारी रहेगी
01:53क्या होना चाहिए आगे
01:57पानी जिन्दगी है और जिन्धाई बातने से बढ़ती है
02:08आएक दफ़ा का जिकार है एक बहुत बरा जंगल था
02:16क्या तुम जानते हो तुम्हारी दादी जान कहा है
02:23मेरे बेटे याद रखना जिन्दगी का हर लम्हा एक इम्तिहान है
02:34असलाम अलेक और अब्बा अब्दुल्लाह अलहुसीन
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