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  • 6 months ago
तमिलनाडु में रविवार को पारंपरिक 'आड़ि पेरुक्कु' उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर विशेष पूजा-पाठ करने के लिए हजारों लोग कावेरी नदी के तट पर इकट्ठा हुए. 'आड़ि पेरुक्कु' को आड़ि 18 के नाम से भी जाना जाता है. ये तमिल महीने के 18वें दिन मनाया जाता है. इस त्योहार पर कावेरी नदी का विशेष महत्व होता है. परिवार में शांति और सद्भाव के लिए महिलाएं इस दिन कावेरी नदी की पूजा करती हैं. तिरुचिरापल्ली में कई नवविवाहित जोड़े और श्रद्धालु श्रीरंगम के अम्मा मंडपम घाट पर इकट्ठा हुए और 'आड़ि पेरुक्कु' से जुड़ी रस्में निभाईं. तंजावुर जिले में तिरुवैयारु शहर के पुष्पमंडपम घाट पर महिलाओं और नवविवाहित जोड़ों ने चूड़ियां, हल्दी, सिंदूर, शीशा और पवित्र धागे चढ़ाए. मयिलादुथुराई में कावेरी नदी थुला कट्टम से होकर बहती है. ये एक पवित्र स्थान है. यहां 16 पवित्र कुएं हैं, जिनका आध्यात्मिक महत्व है.

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00:00तमिल नाडू में रविवार को पारम पर एक आड़ी पेरक उत्सव मनाया गया।
00:06इस अफसर पर विशेश पूजा पाठ करने के लिए हजारों लोग कावेरी नदी के तड़ पर इखटा हुए।
00:14आड़ी पेरक को आड़ी अठारा के नाम से भी जाना जाता है।
00:18ये तमिल महिने के अठारवे दिन मनाया जाता है।
00:22इस त्योहार पर कावेरी नदी का विशेश महत्व होता है।
00:26परिवार में शान्ती और सद्भाफ के लिए महिलाएं इस दिन कावेरी नदी की पूजा करती हैं।
00:32तिरुचिरा पल्ली में कई नव विवाहे जोड़े और श्रधालू श्री रंगम के अंबा मंडपम घाट पर इखटा हुए और आड़ी परक से जुड़ी रस्मे निभाई।
00:42तंजावर जिले के तिरुव्यारू शहर के पुश्प मंडपम घाट पर महिलाओं और नव विवाहे जोड़ों ने चूड़ियां, हल्दी, सिंदूर, सीशा और पवित्र धागे चड़ाए।
00:54मैला दुतिराई में कावेरी नदी तुला कट्टम से होकर बहती है, यह एक पवित्र स्थान है, यहां 16 पवित्र कुई हैं, जिनका आध्यात्मिक महत्व है।
01:05करनाटक में भारी बारिश के बाद भी कावेरी नदी इस साल पूरे उफान पर है, जिसकी वजह से श्रधालू का उत्सह और ज्यादा बढ़ गया है।
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