00:00अमेरिका जो खुद को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत समझता है, उसने जब भारत को आँख दिखाई और एक बार फिर से टेरिफ लगाने की जेतावनी दी, तो शायद उसने अंदाजा नहीं लगाया था, कि अब भारत वो देश नहीं रहा, जो चुप-चाप सब सहले।
00:30पहली बार जब ट्रंप सरकार ने भारत पर 25% टेरिफ की बात को सारवजने किया, तब भारत ने सबसे पहले अमेरिका के साथ होने वाली उस डील को ही खत्म कर दिया, जिसे लेकर अमेरिका के दिल में सबसे ज्यादा उमीदें थी, यानि भारत ने लड़ाकू विमान के स�
01:00अमेरिका से कोई F-35 विमान नहीं खरीदे जाएंगे, बलकि भारत अपने घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करेगा, भारत का ये कदम अमेरिका को सीधा आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला है, लेकिन यही नहीं रुका भारत, भारत ने अमेरिका में चल रही हु
01:30अमेरिका को एहसास हुआ, कि अब बात उसके अपने नागरिकों के जीवन पर आने लगी है, भारत ने फार्मा एक्सपोर्ट में 40 प्रतिशत तक की कटोती का संकेत दिया, और ये कटोती अमेरिका की दवाओं की कीमतों को आस्मान पर ले जाएगी, जिससे अमेरिकी अर्�
02:00जो अब तक अमेरिका को सबसे सस्ती दरों पर भारत से मिल रहा था। इन सब के बीच, जब भारत की संसद और विदेश मंत्राले ने एक स्वर में अमेरिका की नीतियों को जवाब देना शुरू किया, तभी अमेरिका को गोश आया, और उसने आनन फानन में भारत पर लग
02:30अमेरिका की चेतावनियों को दरकिनार करते हुए भारत ने रूस से आयात और बढ़ा दिया है, और जिस चावल को पहले ब्रिटिश देशों को निर्यात किया जा रहा था, अब वही चावल सीधे रूस भेजा जा रहा है, यानि कि अमेरिका जितना रोकेगा, भारत उतना
03:00जो अमेरिका के साथ कदम से कदम मिला कर चल रहा था, अब भारत की तरफ जोकता नजर आ रहा है, वही यूरोपिय संग जो एक सब्ता पहले तक भारत पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रहा था, अब वही भारत से संबंध सुधारने की बातें कर रहा है, उसने साफ कहा ह
03:30अब भारत बोलता भी है और जवाब भी देता है।
03:33अमेरिका चाहता है कि भारत क्रिशे और दवाक शेतर में अपने दर्वाजे पूरी तरह खोले
03:39और अमेरिकी कम्पनियों को बिना किसी शुल्क के निवेश की छूट दे।
03:44लेकिन भारत ने इसे अपने किसानों और घरेलू उद्द्योग के खिलाफ बताया है।
03:49और साफ किया है कि किसी भी कीमत पर भारत अब अपने हितों के साथ समझोता नहीं करेगा।
03:55और यही कारण है कि अमेरिका को एक और रणनीती पर विचार करना पड़ रहा है।
04:01लेकिन सवाल यही है कि किया अब अमेरिका भारत के आगे जुकेंगा या फिर एक चाल चलेंगा।
04:07क्या भारत ने जो फैसलें लिले लिये हैं वह संगलें का नाम कर तोड़ेंगा।
04:12भारत के इन कदमों को फिर से पढ़ लेना चाहिए क्योंकि भारत अब सिर्फ सुनता नहीं बोलता भी है और वो भी उसी भाशा में जो सामने वाला समझ सके।
04:22भारत के इन फैसलों के बाद अब पूरी दुनिया में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर भारत ने कैसे इतने कम समय में इतना बड़ा पलटवार कर दिया।
04:32दरसल यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था बलकि महीनों से भारत इस स्थिती के लिए खुद को तयार कर रहा था।
04:40अमेरिका की तरफ से लगातार दबाव बनाये जा रहे थे कि भारत अपनी नीटियों में बदलाव करे।
04:46जाहे वह रक्षा सौदे हो या फिर उर्जा नीटी। लेकिन भारत ने हर बार सैयम से जबाब दिया।
04:53और जब लगा कि अब पानी सिर के उपर से गुजरने लगा है तब भारत ने एक के बाद एक उन सभी मोर्चों पर कारवाई शुरू कर दी।
05:02जहां से अमेरिका को सबसे अधिक चोट पहुँचाई जा सकती थी।
05:06पहले F-35 डील को खत्म करना, फिर फार्मा कंपनियों को समेटने की योजना, और तीसरे स्तर पर इंजिनियरिंग बस्तुओं के निर्यात में कटौती।
05:15ये तीनों फैसले भारत की आर्थिक कूट नीती की परिपकुता को दर्शाती हैं।
05:20इन फैसलों का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा, बलकि जापान, जर्मनी, फ्रांस, जैसे देशों ने भी अब भारत के साथ व्यापारिक रणनीती को फिर से मुल्यांकन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
05:33क्योंकि उन्हें भी समझ में आने लगा है कि अगर भारत किसी बात पर अड़ जाए, तो उसे जुकाना आसान नहीं है।
05:40खास कर तब जब वहदेश अब वैश्विक मंच पर एक निर्नायक भूमिका निभा रहा है।
05:46दूसरी तरफ जब अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चे तेल के आयात को रोकने के लिए कहा, तब भारत ने यह दिखा दिया।
05:54कि उसकी प्राथमिक्ता अब देश के लोगों की भलाई और उर्जा सुरक्षा है।
05:59ना कि किसी दूसरे देश की संतुष्टी।
06:02रूस से भारत के बढ़ते संबंधों ने अमेरिका को और परेशान किया।
06:07और जब भारत ने यूरोप को चावल निर्यात बंद कर वह चावल रूस को भेजना शुरू किया।
06:12तब ये साफ हो गया कि भारत अवार्थिक मोर्चे पर भी अपनी रणनीती पूरी तरह से बदल चुका है।
06:19इन सब के बीच भारत की जनता का जोश और सरकार के प्रती विश्वास और भी बढ़ गया है।
06:26क्योंकि अब लोगों को यह भरोसा होने लगा है कि सरकार अब केवल वादे नहीं करती।
06:31बल्कि जरूरत पढ़ने पर किसी भी ताकत के सामने सीधा खड़ा होने का साहस भी रखती है।
06:38इस घटना करम के बीच अमेरिका के उस प्रतिनिधी मंडल का आना भी बहुत महतुपून है जो भारत से निवेदन करने आ रहा है कि कुछ फैसलों पर पुनर्विचार किया जाए।
06:49लेकिन यह वही भारत है जो अबन दबाव में आता है। नहीं डर की भाषा समझता है। यह भारत अब केवल सम्मान की भाषा को मानता है।
06:58भारत ने यह भी संकेत दे दिया है कि वह कोई फैसला बदलने वाला नहीं है।
07:03जाहे वह F-35 डील हो या दवा, कमपनियों की स्थिती सब कुछ रणनीती के तहत तै किया गया है।
07:11और इसका उद्देश केवल अमेरिका को जवाब देना नहीं, बलकि एक वैश्विक संदेश देना भी है कि भारत अब नीटियों में पारदर्शिता के साथ साथ आत्म निर्भरता की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है।
07:24ऐसे में अगर अमेरिका को भारत के साथ मस्बूत संबंध चाहिए, तो उसे भी अपनी सोच में बदलाव करना होगा, क्योंकि अब वह समय चला गया।
07:33जब कोई भी देश भारत पर अपनी शर्तें थोप सकता था, अब भारत अपने हर कदम से यह जता रहा है, कि वह हर मोर्चे पर तयार है, चाहे वह व्यापार हो, रन नीती हो, या भूराज नीती है।
07:46और यही वह आत्मविश्वास है, जो अब भारत को नई उंचाईयों तक ले जाएगा, और यही आत्मविश्वास हर भारतिय को गर्व से भर देता है, क्योंकि अब भारत केवल दुनिया से सहयोग नहीं चाहता, वह अब दुनिया को दिशा देने की स्थिती में पहुँ�
08:16उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा, जो उसकी वर्षों की रणनीती को जगजोर कर रख देगा, जब डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर टेरिफ लगाने की घोशना की, पर धमकी थी, कि अगर भारत अमेरिका की बात नहीं मानेगा, तो आर्थिक सजा दी जाएगी, दब भार
08:46अमेरिका के साथ चल रही लड़ाकू विमान सौदे की वारता को खत्म कर दिया, इस डील में F-35 विमान का नाम सुनते ही, अमेरिका को यह यकीन था, कि भारत को मजबूर किया जा सकता है, लेकिन भारत ने ऐसा उल्टा फैसला लिया, कि अमेरिका के होश उड़ गए, इस �
09:16बाद अमेरिका को दूसरा जटका तब दिया, जब भारत ने अपनी फार्मस्यूटिकल कमपनियों के अमेरिका में ओप्रिशन को सीमित करने का एलान कर दिया, भारत की दवाईयों पर अमेरिका की स्वास्थ प्रणाली बुरी तरह निर्भर है, और जब भारत ने अपने �
09:46इसी के साथ तीसरा और सबसे प्रभावशाली कदम तब आया जब भारत ने इंजिनियरिंग उत्पादों और तकनीकी सामान के निर्यात में बड़ी कटवती कर दी
09:55ये तीनों फैसले कितने सटीक और रणनीतिक थे कि अमेरिका को जुकना पड़ा और उसने भारत पर टेरिफ लगाने की तारीख को आगे बढ़ा दिया
10:05साथी अमेरिका ने एक उच्च स्तरिय प्रतिनिधी मंडल को भारत भेजने की घोशना की जो भारत से गुजारिश करेगा कि इन फैसलों पर फिर से वचार हो सके
10:15लेकिन भारत ने अब साफ कह दिया है कि उसकी प्रात्मिक्ता अब राश्ट्रहित है न कि किसी बाहरी ताकत की तसली अमेरिका का यह जुकाव अब उसकी रणनीतिक विफलता को दर्शा रहा है
10:28वहीं दूसरी ओर भारत ने रूस के साथ अपने संबंधों को और प्रगाड करते हुए तेल आयात को बढ़ा दिया और बिटिश देशुन को जो चावल भेजा जा रहा था उसे रोक कर वहीं चावल अब रूस को भेजना सुरू कर दिया
10:42यानि भारत नहीं अब हर उस दिशा में काम शुरू कर दिया है जहान अमेरिका भैरत को रोकना चाहता था भारत ने यह भी जता दिया कि अगर कोई दबाव डालेगा तो भारत उल्टा उसी क्षेत्र में दबाव बना कर जवाब देगा
10:57क्वार्ड को लेकर भी भारत का रुख अब साफ है कि सहयोग तभी मिलेगा जब सम्मान मिलेगा और ये बात अमेरिका को अब समझ में आने लगी है
11:06यूरोपियन यूनियन जो अब तक अमेरिका के साथ खड़ा था अब भारत की तरफ जुकता नजर आ रहा है और भारत के साथ व्यापार बढ़ाने की बातें कर रहा है
11:17वहीं भारत का किसान वर्ग अब सरकार के इन फैसलों से संतुष्ट नजर आ रहा है
11:23क्योंकि सरकार ने अमेरिका की किरिशी कमपनियों अंग्र दर्वाजे खोलने से सुझान पूरिये और भारतिये किसानों के हितीनों का रक्षा की
11:32अमेरिका अब जाता है कि भारत कृष्य और स्वास्थिक शेत्र में अपने बाजार को पूरी तरह खोले
11:39लेकिन भारत ने कह दिया है कि घरेलू हित सर्वो परी है
11:43और किसी भी विदेशी दबाव में आकर देश का नुकसान नहीं किया जाएगा
11:48अब सवाल ये है कि अमेरिका अपने कदम पीछे खीचेगा
11:52या फिर कोई और चाल चलेगा
11:54लेकिन एक बात तय है कि अब भारत को जुकाना नामुमकिन है
11:58भारत ने अब दुनिया को दिखा दिया है कि उसकी नीतिया अब आत्म निर्भरता और गरिमा पर आधारित हैं
12:05और हर भारतिये को इस बात का गर्व होना चाहिए
12:09कि अब भारत वो देश बन गया है
12:11जो केवल सुनता नहीं
12:13बलकि अपने फैसलों से
12:14दुनिया को चौका भी देता है
12:16और अब दोस्तों
12:18आपको हमारी ये वीडियो कैसी लगी
12:20कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं
12:22मिलते हैं अगले वीडियो में
12:24तब तक के लिए जै हिंद जै भारत
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