00:00शादी के कुछ सालों बाद, जिया अपने करियर में व्यस्त हो गई थी। घर में रिष्टे की गर्माहट कम होती जा रही थी।
00:09आरव, जो एक भावुक और शारिरिक रूप से जुडाव पसंद करने वाला पुरुश था, अब खुद को धीरे-धीरे अकेला महसूस करने लगा।
00:18उसी दोरान सान्या, जो अब कॉलिज से निकल कर मास्टर डिगरी कर रही थी, गर्मियों की छुट्टियों में बहन के घर रहने आई। लेकिन अब वो बच्ची नहीं थी, उसकी चाल में आत्मविश्वास था और उसकी आखों में एक गहर आई।
00:33आरव ने पहली बार उसे उस नजर से देखा एक स्त्री की नजर से ना कि सिर्फ साली की तरह। एक दिन जिया ओफिस में देर से आने वाली थी।
00:45सान्या ने पीले रंग का हलका साफ स्लीवलिस कुड़ता पहना हुआ था, बाल खुले, पसीनी की हलकी महक और होंठोन पर पनीली सी मुसकान।
00:54जीजू कॉफी बनाए, उसने किचन से आवाज लगाई। आरव अखबार पढ़ते हुए बोले, बनाओ। लेकिन एक शर्त पर तुम्हें मेरे पास बैठ कर पिलानी होगी।
01:07सान्या मुसकुरादी, जैसे वो इस इशारे को समझ रही हो। कॉफी लेकर आई, पास बैठी। बहुत पास। कॉफी के भाप के साथ दोनों के बीच एक और भाप उठ रही थी दबे हुए की।
01:23आप बहुत अकेले लगते हैं। उसने धीरे से कहा। और तुम बहुत समझदार आरव ने उसके गाल पर बाल हटाते हुए कहा। कुछ पलों की खामोशी के बाद उनकी आखें टकराई अब ये कोई साधारन नजरों का मिलना नहीं था। ये था एक खामोश इकरार जिसे �
01:53उसने फुसफुसाते हुए पूछा। शायद आरव बोला लेकिन ये पल, ये एहसास बहुत सच्चा है। अगले ही पल उनके होंट एक दूसरे के करीब आ है और जो दबा हुआ था वो एक ज्वाला मुखी की तरब फूट पड़ा। वो रात इमोशन, टच, गर्म सांसों
02:23अंतिम सीन, सुबह हुई, बिस्तर की सिल्वटें, बिखरे बाल और दरवाजे की घंटी जिया लौट चुकी थी। सान्या ने धीरे से कहा ये आखिरी बार था। आरव ने उसकी आखों में देखा, शायद नहीं।
02:53बनाने की आवाज आ रही थी। अंदर आरव का गर्म हाथ अभी तक उसकी कमर की गर्मी में बसा था। मैं जा रही हूँ। सान्या ने कहा। कहा, आरव ने पूछा, बातरूम के दरवाजे पर टौवल लपेटे खड़ा। दिल से दूर, तुझ से दूर वो बोली। लेकि
03:23जिया ने मुस्कुरा कर पूछा, सान्या ने बस सरहिलाया और अंदर भाग गई। कुछ दिन बाद, सान्या ने खुद को रोकने की बहुत कोशिश की। वो जानती थी ये गलत है। लेकिन आरव के मैसेज, देर रात की कॉल, उसकी आवाज।
03:42सब कुछ फिर से उस रात की आग में जोग देते। मैं तुझ में खुद को पूरा पाता हूँ। आरव ने एक रात फोन पर कहा। सान्या का बदन सहर उठा। कभी कभी। मेरा मन करता है कि सब छोड़ दू। उसने धीरे से कहा। और मैं तुम्हें थाम लू। आरव की आ
04:12आइने में देखा। लाल साडी, खुला पलू, भीगे होंट। दर्वाजा खुला आरव अंदर आया। दोनों की आखों में अब सवाल नहीं थे। बस जवाब ही जवाब थे। वो बिना एक शब्द कहे उसके करीब आया। उसकी साडी की प्लीट्स खोलते हुए उसने ध
04:42रात। कोई परदा नहीं रहा। ना रिष्टे का ना नैतिकता का। बस दो इनसान थे जो एक दूसरे की तडब बन चुके थे। अगली सुभा सान्या बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसकी पीट पर आरव की उंगलियों के निशान थे और दिल में उसकी धड़कनों की ग
05:12सान्या ने उसकी ओर देखा, हलकी मुसकान दी। लेकिन आखे कह रही थी। क्या तू वाकरी सब छोड़ पाएगा? कहानी अब मोड पर है। क्या जिया को शक होगा? क्या सान्या इस रिष्टे को आगे बढ़ने देगी या सब खत्म करेगी? क्या आरव अपनी शादी तो�
05:42एक सुरक्षित पनागा बन चुकी थी। जहां कोई नियम नहीं थे। जहां कपड़े उतारने से पहले जिम्मेदारिया उतार दी जाती थी। सान्या ने आरव के सामने अपना दुपट्टा गिराया, उसकी आखों में एक प्यास थी। आज कुछ मत पूछो। बस मुझे
06:12आज तुझे इतनी बार चाहूंगा कि तेरा पूरा जिस्म मेरे नाम हो जाए। उनका प्यार अब सन्यम से बाहर और पागलपन के करीब था। लेकिन बाहर खिड़की के पास एक जोड़ी आखें सब कुछ देख रही थी।
06:29क्लाइमेक्स शक्की शुरुआत। अगले दिन जिया के चहरे पर अजीब सी शान्ती थी लेकिन उसकी निगाहें बहुत कुछ कह रही थी।
06:59जिया ने कुछ नहीं कहा, बस मुस्कुरा दी, वो खामोश मुस्कान जो दिल दहला देती है। उसी रात आरव के फोन पर एक अंजान नंबर से एक MMS आया।
07:10सान्या की अध्खुली तस्वीरें। उसी फार्म हाॉस की तूटते रिष्टे, बिखरते जिस्म।
07:19हमें ब्लैकमेल किया जा रहा है, आरव ने कहा। सान्या घबरा गई, अगर दीदी को पता चला तो। उसे पहले से पता चल चुका है, आरव ने धीरे से कहा।
07:31सान्या की आखों में आसू थे, वो क्यों कुछ नहीं कहती। शायद इसलिए कि उसे डर है। वो मुझे खो देगी। या तुझे।
07:43अंतिम सीन, तीन लोग, एक सच्चाई। एक दिन, तीनों एक ही टेबल पर बैठे थे चाय, खामूशी और भारी हवा के बीच।
07:53जिया ने आरव और सान्या की तरफ देखा। तुम दोनों से सिर्फ एक बात पूछना है। ये जिस्म का रिष्टा था, या रोका।
08:04सान्या ने कुछ नहीं कहा, बस आरव का हाथ पकड़ लिया। जिया उठ गई। और बोली। तो अब फैसला मैं नहीं करूँगी। ये दुनिया करेगी।
08:16अंत पर एक प्रश्न, क्या जिया उन्हें छोड़ देगी या समाज का सामना करेगी। क्या सान्या और आरव साथ रह पाएंगे या वासना का ये रिष्टा यहीं खत्म होगा।