00:00Jain Sincero की किताब
00:02आप एक बहादूर है
00:03इसके कुछ एहम हिस्सों पर
00:05थोड़ी गहराई से बात करेंगे
00:07मकसद यह है कि देखें
00:09कि यह आत्म सशक्तिकरण
00:11मतलब सेल्फ एंपावर्मेंट
00:13के बारे में असल में क्या कह रहे है
00:15क्या नया है इसमें
00:16शुरुवात में ही आइडिया आता है
00:18कि हम सब के अंदर एक बहादूर है
00:20एक बैड़ास
00:21सुने में तो बड़ा अच्छा लगता है यह
00:24पर Sincero का असल मतलब क्या है इससे
00:26क्या यह बस confidence
00:28बढ़ाने की बात है
00:29नहीं यह सिर्फ confidence से थोड़ा जादा है
00:33अगर इन अंशो को देखें
00:34तो Sincero कहती हैं कि हमारी
00:36जो असली ताकत है ना
00:38वो अक्सर हमारे अपने दर
00:40पुरानी नाकामियों की कहानियों
00:42या फिर इस सोच में कि
00:44लोग क्या कहेंगे उसमें कहीं
00:46दब जाती है तो वो कहती हैं कि
00:48असली पावर इन लिमिट्स को
00:50सिर्फ पहचानना नहीं है
00:51बलके उनको जान बूच कर
00:54चैलेंज करना, उनको तोड़ना है
00:56वो अंदर की आवाज सुनना
00:58और उस पर हाँ, अमल करना
01:01और यहीं पर वो बात आती है
01:04कि हमारी सोच, हमारी हकीकत
01:06कैसे बनाती है
01:07ये कॉंसेप्ट तो
01:09मतलब कई कितावों में मिल जाता है
01:12सिंसेरों के इन अन्शों में
01:14कुछ अलग है क्या इस बारे में
01:16हाँ, एक खास बात जो इन हिस्सों में
01:18दिखती है, वो ये कि सिंसेरों
01:20सिर्फ उपरी पॉजिटिव थिंकिंग की बात
01:22नहीं कर रही है, वो जोर देती है
01:24उन गहरी छिपी हुई माननेताओं
01:26को पहचानने पर, जो हमें रोकती है
01:28खास कर पैसे या सफलता को लेकर
01:30अच्छा
01:31उनके इसाब से, जब तक हम उन जड़वाली
01:33नेगडिव सोच को नहीं बदलते
01:35उपर-उपर की positivity ज़्यादा टिकती नहीं
01:37ये तो काफी दिल्चस बात है
01:39तो मतलब सिर्फ अपनी सोच बदलना काफी नहीं है
01:43फिर वो ब्रम्हांड की शक्ती या उर्जा वाली बात भी है
01:46जिसका जिक्र है इन अंशो में
01:49ये concept कई बार लोगों को थोड़ा अजीव सा लगता है
01:52क्या सिंसेरों बताती है कि वो इसे कैसे देखती है
01:56बिल्कुल और ये समझना जरूरी है
01:58कि वो इसे कैसे पेश करती है
02:00वो इसे किसी मतलब बहारी भगवान की तरह नहीं देखती
02:03बिल्की एक तरह की उर्जा
02:06या यू समझ लीजे संभावनाओं का एक field है
02:08जिसके साथ हम अपनी इच्छा और विश्वास से जुड़ सकते हैं
02:12उनका तर्क है कि जब आप पूरी clarity, विश्वास
02:16और इरादे से किसी लक्षे के लिए committed होते हैं
02:19तो आप universe की उस creative energy के साथ
02:21क्या कहते हैं, sink में आ जाते हैं
02:23और फिर वो energy, अफसर और resource आपकी तरफ खींचने लगती है
02:27तो ये विश्वास और इरादे की ताकत पर जोर है
02:30समझ गई तो विश्वास, सोच, ये सब तो ठीक है
02:34लेकिन असल दुनिया में तो नतीजे, वो तो काम करने से ही आते है
02:37action, action के बारे में sincero क्या कहती है इन अंशो में
02:41क्या ये बस वही महनत करो वाली बात है
02:43नहीं, सिर्फ महनत नहीं, बलकि किस तरह का action लिया जाए, उस पर जोर है
02:47इन अंशो से लगता है कि sincero लगातार और अकसर वो काम करने को कहती है
02:52जो हमें uncomfortable करते हैं, जिन से डर लगता है
02:55ओ, comfort zone से बाहर निकलना
02:58वो छोटे लगातार कदम, और साथ में positive affirmations, visualization, इनका भी जिक्र है
03:06लेकिन इन्हें action का support बताया गया है, उसका substitute नहीं
03:11अच्छा, मतलब ये मदद करते हैं action लेने में
03:13हाँ, ये विश्वास को मजबूत करते हैं, ताकि action लेना आसान हो
03:18और पैसे को लेकर जो डर है या negativity है, उसे दूर करना
03:23उसे भी वो एक तरह का action ही मानती है, मतलब अपनी सोच पर actively काम करना
03:28तो अगर इन सारे ideas को एक साथ देखें, इन अंशों का निचोड क्या है, सार क्या है, ऐसा लगता है कि message ये है, अपनी इच्छाओं की पूरी
03:38जिम्मेदारी लो, डर को पहचानो पर उसे हावी मत होने दो और फिर पूरे विश्वास के साथ कदम बढ़ाओ, ये ही है
03:47हाँ, आपने बिल्कुल सही पकड़ा, संक्षेप में कहें तो, ये अंश हमें अपने उपर शक करने की आदत से लड़ने को कहते हैं, आत्म विश्वास बनाने और अपनी जिन्दगी को, मतलब अपने सबसे बहतर रूप में जीने के लिए उकसाते हैं, बेस्ट वर्जिन �
04:17तो अंत में एक विचार शोड़ते हैं सोचने के लिए, सिंसेरों कहती हैं कि जब हम पूरे विश्वास और इरादे से कदम उठाते हैं, तो एक तरह की यूनिवर्सल पावर हमारी मदद करती है, क्या होगा अगर कोई इस नजरिये को सिर्फ बड़े लक्षियों के लिए �
Comments