00:00नमस्कार, आज हम बात करने वाले हैं शिव नाडार पर, भारत के टेक्नोलोजी जगत में एक बहुत बड़ा नाम और एक जाने माने समाज सेवी भी, हमारे पास जो जानकारी है वो तमिलनाडू के एक छोटे से गाउं से उनकी शुरुआत और फिर एक ग्लोबल हस्ती बनने
00:30किया कहानी काफी प्रेणा देती है और दिखाती है कि मजबूत इरादों से क्या कुछ हो सकता है तो चलिए इन सुरोतों को थोड़ा और करीब से देखते हैं और शिव नाडार की जीवन यात्रा को उनके संगर्ष और सफलता को समझते हैं हाँ बिलकुल और दिलचस्प ब
01:00DCM वो तो टेक्स्टाइल कंपटी थी ना जी हाँ उस जमाने की बहुत बड़ी टेक्स्टाइल कंपनी और फिर वहां से निकल कर अपने साथियों के साथ HCL की नीव रखना वो भी तब जब भारत का IT सेक्टर मतलब बिलकुल शुरुआती दौर में था ये एक बहुत बड�
01:30शिक्षन संस्थान ये सब भी इन दस्तावेजों का एहम हिस्सा है ये DCM से HCL वाला जो बदलाव है ये वाकई में ध्यान दने लाइक है क्या शुरूत ये बताते हैं कि एक टेक्स्टाइल कंपनी की अच्छी खासी नौकरी छोड़ कर टेक्नोलोजी कंपनी शुरू करने क
02:00Microcomp Limited शुरू की वो Digital Calculator बनाते थे अच्छा HCL से भी पहले जी हाँ और फिर 1976 में आई HCL यानि हिंदुस्तान Computers Limited सोचिये उस समय भारत में Computer Hardware Industry लगबग थी ही नहीं उनका लक्ष था भारत में Computer बनाना ये सिर्फ एक Business Idea नहीं था हाँ ये तो आत्मनिरभरता की तरफ एक ब
02:30थी शुरुवाती पैसा जुटाना ये सब बड़ी चुनौतियां थी और HCL सिर्फ भारत में नहीं रुकी इन सुरोतों में Company के जबरदस्त विकास और Global विस्तारता भी जिकर है इसके बीचे क्या खास वज़े रही हाँ सुरोत बताते हैं कि HCL ने सिर्फ hardware पर ही focus नहीं र�
03:00इसके बाजार की जरूते समझी, Global Partnerships की, कुछ अधिगरहन भी किये, उनकी सफलता का एक बड़ा कारण था कि वो टेक्नॉलिजी में जो लगातार बदलाव आ रहे थे ना, उसके साथ खुद को ढालते रहे, नए अवसर पहचानते रहे, इसी ने उन्हें एक Global IT Service Provider बनाया
03:30अवीजों की हिसाब से देखें तो ये एक सोची समझी रणनीती लगती है, कि अपनी सफलता और संसाधनों का इस्तिमाल समाज पर एक स्थाई प्रभाव डालने के लिए किया जाए, और खास तोर पे शिक्षा के जरिए, शिवनाड़ा फाउंडेशन सिर्फ युनो दान �
04:00शिक्षा देते हैं, और शिवनाडर युनिवरसिटी जैसे उच्छ शिक्षा संस्थान भी है, इसमें जिस तरह के संसाधन लगाए गए हैं, वो उनकी प्रतिबधिता दिखाता है, यानि ये सिफ चैरिटी नहीं है, बलकि शिक्षा के जरिए समाज की नीव को मजबूत कर
04:30सिधान्त पर आधारित है, और उनके इन दोनों ही शेत्रों में मतलब बिजनस और समाज सेवा युगदान को पहचान भी मिली, पद्मभूशन जैसे सम्मान का भी जिक्र हैं इन स्रोतों में, जी हाँ, पद्मभूशन का उलेक ये दिखाता है कि राष्टी स्तर पर उनके �
05:00कहानी एक बहुत साधारन शुरुवात से उठकर, HCL के जरीए ग्लोबल टेक लीडर बनने की है, और फिर अपनी सफलता को शिक्षा के माध्यम से समाज को वापिस लोटाने की एक असाधारन याट्रा है, निश्चित रूप से, इन स्रोतों से जो मुख्य संदेश मिलता है
05:30और इन सब बातों पर सोचने के बाद एक सवाल मन में आता है।
06:00तिप
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