00:00एक खूबसूरत शहर में, अली नाम का एक होश्यार लेकिन लापरवाह लड़का रहता था।
00:06अली को खेलने का बहुत शौक था।
00:08कभी मोबाइल पर गेम्स, कभी बाहर दोस्तों के साथ क्रिकेट, तो कभी टीवी पर कार्टून।
00:13लेकिन पढ़ाई, उसे तो वो हमेशा टाल देता था, जब मम्मी कहती, अली, बेटा, होमवर्क कर लो, एक्जाम पास आ रहे हैं, तो अली जवाब देता, अभी तो बहुत टाइम है मम्मी, बाद में कर लूँगा।
00:28हर दिन ऐसा ही होता, खेलने में टाइम उड़ जाता और किताबें यूँ ही बंद पड़ी रह जाती।
00:58पूरा किया, लेकिन खुद को पता था कि ये ठीक नहीं हुआ। कुछ दिन बाद, रिजल्ट आया। अली फेल हो गया था। जब वो घर आया, तो उसकी आँखों में आंसू थे।
01:28को बैलन्स करता। अगले एक्जाम में वो टॉप किया और सब को दिखा दिया कि अगर वकत की कदर की जाए, तो सब मुम्किन है।
01:35मुम्किन है।
01:36मुम्किन है।