00:00वाले मामले में माराष्ट सरकार सुप्रीम कोड गई ती आज सुप्रीम कोड ने अपना एक स्टे दिया है क्या है पुरा मामला क्या करना चाहिए
00:08देखिए सुप्रियम कोड ने जज्जमेंट पर इस्टे दिया है
00:13कि ये जज्जमेंट किसी और दूसरे केस में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा
00:18इससे हमको कोई फर्क नहीं पड़ता है
00:21और जो लोग अभी रहा हुए हैं
00:25उनकी रहाई को उसने बाकी रखा है
00:28ये लोग बाहरी रहेंगे
00:29अब सुप्रियम कोड में केस चलेगा नोटिस आएगा
00:32उसके बाद हमारे वकील भी उसमें खड़े होंगे इस तरह से
00:37जब खबराई के स्टे दे दिया है तो लोगों लगा के
00:41घलत सहमी पैदा हो रही ये लोगों में
00:44जज्मिन पर इस्टे दे दिया है और अब ये जो लोग रहा हुए है
00:50इनकी दोबारा गिरफतारी होगी ऐसा नहीं है
00:52इनकी रहाई हो गई है अब इनकी गिरफतारी नहीं होगी
00:57जज्मिन वो उसने इस्टे इस पर दिया है
01:00कि ये जज्जमिन किसी दूसरे केस में नजीर के तोर पर इस्तेमाल नहीं होगा
01:06जब ये हाई कोट की तरफ से फैसला आया
01:10जम्यत अलुमा भी इसी मामले में लीगली हेल्प कर रहे थे उनको
01:15लोगों का क्या रियक्शन आया आप लोगों की तरफ से
01:19अर बाकी ये पुरा फैसला जिस तरह से जम्यत अलुमा ने मदद की
01:23तो किस तरह से लोगों का रियक्शन आया क्या करना चाहिए
01:26लिए इनकी मदद करने में जमियत अलुमा ही थी
01:30इसके लावा कोई और दूसरी तन्जीम नहीं थी
01:34जमियत उल्मा ने उनके मदद की और इनकी रहाई के उपर हर तरफ खुशियां मनाई गई
01:40और लोगों ने खुशी का इधार किया कि देर सही सही बेकुसूरों को इंसाफ मिला
01:47अलबता एक बात जरूर ये खटकी लोगों को कि अगर ये सब बेकुसूर हैं
01:54तो ये जो धमाके हुए उसमें जो लोग मारे गए और जो लोग जखमी हुए तो उसके असल मुझरिम कौन से हैं
02:03ये सवाल अब गॉर्मेंट के सामने भी है एजनसियों के सामने भी है और अब उनके ओपर ये दबाओ बनाना चाहिए
02:11और दबाव है कि वो असल मुझरिमों को गिरफतार करके और उनको सजा दें दिलवाएं
02:17जब हाई कूट का फैसला आया इस मामले में सब को बरी कर दिया जो परिवार जिनके लोग मारे गए या जो इंजट हो गए
02:27वो लोग सामने आये कि फिर असली आरूपी कौन है इस तरह के उनके भी बयाना आए क्या देखिए उनके बयाना आता है असल में इसमें हुआ क्या इन लोगों की जब गिरफतारी हुई तो मेडिया टरायल कुछ इस तरह हुआ और एजंसियों ने कुछ इस तरह के बयाना दि
02:57पायसला आया तो वो ये समझे जे कि असल मुझरिमों को हाइकोड ने छोड़ दिया जबकि बात ये नहीं हों कि असल मुझरिम ये नहीं
03:06है असल मुझरिम कुछ और लोग है को अब आजाद घूम रहें आप उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए और उनको खर्लार
03:16में ATS ने inquiry की crime राचने भी की थी दोनों के बीच में coordination
03:21नहीं था कि क्या हुआ जो बेगुनाओं लोगों को इस तरह से उन्निस साथ
03:26देखिए वो सारी चीदे तो जो हाई कोट का judgment है उसमें है अब वो
03:31तफसिलात आएंगी तो फिर वो सामने आएगी बात और कि उसमें क्या-क्या हुआ है
03:38और किस तरह से इनके साथ जात्ती हुई है जब यह जो एक्विट हो गए एक्यूज उनको जब बात की गई उनसे तो उन्होंने अपना
03:51दुगदत रखा काफी बाते बताई आप क्या कहेंगे उसमें उन्होंने जो कुछ बताया है वो बहुत ही दरदनाक है उनको तो जेल में जाने के बाद भी उनको पुलिस के दरिये पिटवाया गया उनकी हड़ियां तड़वाई गई और जिस तरह से टार्चर किया गया है
04:21होना चाहिए कि ये छूट कराएं हैं और इनके माथे के उपर जो कलंक लगा था एक दाग लगा था देहशत गर्दी का अलहमदो लिल्ला हो छूट गया समाज में इनकी और इनके घरवालों की जो बदनामी हुई थी अब वो खत्म हो गई है अब ये बाइज़त जिन्द�
04:51उसका बदला उनको मिलना चाहिए और इनको हरजाना मिलना चाहिए उननीच साल जो इनके बरबाद हुए है
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