00:00खट्टा खाने वाली चुडैल
00:07रात को अचानक रादिका मौसी को किचन से कुछ गिर्नी की आवाज आई
00:12उन्होंने बहा निकल के देखा तो किचन में उन्हें कुछ सफीत साड़ी में दिखा
00:17वो चीट पड़ी
00:19रादिका मौसी को चीखते सुनकर श्रवन बहार आता है भागते हुए
00:32अरे मां क्या हुआ क्या देख लिया दादी मां आगई क्या सपने में
00:38अरे बेटा रसोडे में देख तो कौन है
00:41श्रवन रसोडे में ज्ञाक कर देखता है और उसे कोई नहीं दिखता अंदर
00:48अब रसोडे में तो कोई नहीं है मा
00:50कोई सपेज साडी में नहीं है क्या
00:54नहीं मा कोई भे नहीं है
00:56चिलनमचिली की आवाज सुनकर काजल भी वहाँ आ जाती है
01:01अब क्या हो गया माजी
01:03अरे पेटा रसोडे में एक चुरेल थी सपेज साडी में
01:08अरे, क्या कर रही थी वो अंदर?
01:11अरे, बता रहा नहीं, कला रही ये न तो पूछ रूँगी.
01:14चरेल जी, आपका क्या प्लान है?
01:18मा जी, रात बहुत हो गई है, आपने कोई बुरा सपना देखा होगा, चलिए सो जाईए.
01:24राधी का मौसी सोने तो चली जाती है, पर उनको रात बर नींद ही नहीं आती.
01:30वो कुछ भी उलजलूल बाते सोचने लगती है.
01:34कहीं चुडैल की वज़े से तो घर में टेंशन नहीं हो रहा, कहीं उसी की वज़े से तो वो दादी नहीं बन पा रही.
01:42सुबर जब राधी का मौसी रसोडे में च्छान बिन करती है, तो पाती है कि नीबू का अचार गायब है.
01:50चुडैल नीबू का अचार ले गई. मुझे तो ठीक नहीं लग रहा कुछ. चुडैल को भी पता है कि जिन्देगी का असली मज़ा तो खटे में ही है.
01:59राधी का मौसी जड़ से श्रवन को फोन करती है.
02:04बेटा, मुझे समस्या समझ में आ गई है. हम मेरे एक तांत्री की ज़रूरत है.
02:09हरे, क्या बोल रही हो मा? तांत्री की क्या ज़रूरत है? आप पूजा पाड़ तो करी रही हो ना?
02:15आल तू, जलाल तू, मंतर सारे फाल तू, जैसे कुछ मंतर पड़ो, चली जाएगी अपने आप चुड़ेल.
02:22अरे, नहीं बेटा, कभी चुड़ेल को कम नहीं समझते. अरे, तुझे बता भी नहीं चलेगा कि कभी वो जल करके काजल की जगा घर की बहु खुद बन जाएगी.
02:33क्या, मा, कुछ भी बोल रही हो, कहा काजल और कहा चुड़ेल. वैसे एक बात बताओ, काजल को अगर गाने के लिए बोल देना, तो चुड़ेल काजल की आवाज सुनकर घर तो क्या, घरती लोग छोड़ कर चली जाएगी.
02:48तुम ना पढ़े लिखे बच्चे, हर चीज़ को मजाग समझते हो, तुम रहने दो, मैं खुदी तांत्रिक को बिला लेती हूँ. अच्छा सुन, शाम को इमली लेके आना, क्या है कि चटनी खाए बहुत दिल हो गया है ना?
03:06अ, नहीं मा, इमली तांत्रिक से ही मंगवा लो ना, आठा वगेरे भी उसी से बिज़वा ले ना, देखो, मुझे काम करना है।
03:36आसे श्रवन उनकी बात ही नहीं मान रहा था, पर कोई नहीं, आने वाली रात में राधिका मौसी खुद तयार हो गई, चुडैल को पकड़ने के लिए।
04:06अगली सुबह राधिका मौसी पिछली रात हुए हमले में किन चीजों का नुकसान हुआ उसका हिसाब लगा रही थी।
04:22उनकी खेमे से एक आम के अचार की शीशी भी गायब हो चुकी थी, और वो इमली भी जो कर श्रवन लेकर आया था।
04:30राधिका मौसी इस बारे में सूची रही थी कि श्रवन जल्दी से रसोडे में आकर दवायों की पोटली ढूंडने लगता है।
04:38अर बेटा, क्या हो गया? अब मा वो काजल की तब्यत खराब है, बहुत घबराट हो रही है उसे।
04:46ए बगवान, मैंने पहले ही कहा था के तांत्रिक को बुला लेते हैं, पर नहीं, अब देखो, उस सुडेल ने काजल को अपने वर्ष में करना शुरू भी कर दिया है।
05:08और रादिका मौसी, तांत्रिक जी को सब बता देती है।
05:38जागरा, चन्दा मामा सोवरेले, सुरन मामुझ जारा।
05:44ये मंतर है? अरे कोई चालीसा वालीसा पड़ो ना।
05:48वक्त कम है, चालीसा नहीं पड़ेंगे, भीजा पच्ची सा में काम चलाना पड़ेगा।
05:55अलक्त में रंजान, जाके लंडन, मुफ्त का मंजान, घिस मेरे लंडन।
06:01अरे जल्दी करो तांत्रिक जी, जल्दी करो।
06:07तांत्रिक अपने उल जलूल मंत्र पढ़ने लगता है, शवन को तांत्रिक पे शक होता है, वो अपने एक डॉक्टर दोस्त को कॉल करतेता है, ताकि कोई अन होनी हो तो इमेजिंसी में चीजे मैनेज हो जाए।
06:20तांत्रिक दुनी रमाता है, जिसकी बज़े से कमरे में काफी धुमा हो जाता है, और जिसकी बज़े से बहु की घबराहत बढ़ जाती है।
06:50थोड़ी चेक अप के बाद डॉक्टर कहते हैं, मेरे हिसाब से जाब का काम पुरा हो गया है।
06:58है, क्या मतलब? अरे कुछ भी नहीं मा, कोई चुड़ेल नहीं है, खुशकमरी है, अब दाजी बनने वाली है।
07:05मगर वो समचार के डब्बे।
07:08शमंड दोनों अचार के डब्बे अपनी मा को दिखाता है, जो की उनके बिस्पर के नीचे चुपे हुए थे।
07:16आपने सही बुला दा मा, वो चुड़ेल काजल ही थी, जो खटा खा रही थी।
07:22हमें का लीग पता चला, पर हमने आपको ये तांतरिक वाला काम करने दिया, ताकि आपको भरोसा हो जाए, कि भूत वगेरा कुछ होता ही नहीं।
07:30अच्छा अच्छा ये तो बड़ी खुशी की पाथ है, पर बेटा मुझे एक जाड़ू तो ला दे।
07:36क्यों मा, ये तांतरिक का भूत उतारती हूँ मैं।
07:41अब तांतरिक राधा मौसी के डर से घर से भाग निकलता है, और राधा मौसी उसके पीशे भागती है।
07:49अरो संत्यट ये घंगोर है, तांतरिक मौवाचोर है।