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03:51अब देखना।
04:21तैयार नहीं था।
04:23अधर हर कोई सूरज को छोड़ सुमीत को देख रहे थे।
04:28आखिर सुमीत नहीं तो पढ़ाया था सूरज को।
04:31गजब बेज़ती है यार।
04:35और बैटा तो बाप का, दादा का, भाय का सब का नाम बढ़ाएगा।
04:40और तीन-तीन लाइफ लाइन ले ली तो भी तेरा कुछ नहीं होना है।
04:45अरे कोई इतनी बात करता है क्या शोपर।
04:49और बेटा शोपर तेरे जैसे भी तो नहीं आते ना।
04:53सूरज की ये जंग आखिर एक घंटे बाद, पांचवे सवाल पर खत्म हो गई, जब उसने इंडिया के नैशनल बर्ड का नाम कहा, कौवा।
05:05अरे बेटा मज़ा तो बहुत आया, बस थोड़ा टाइम पर खत्म होता तो आनद भी आ जाता।
05:12ताने बारिश के बुंदों की तरह बरस रहे थे, और सूरज को भी समझ आ रहा था कि ये करोड़ पती बनना, शायद उसके बस के बाहर की बात है, पर वो आखिर ये बात मान कैसे लेता।
05:27वो सक्त लॉंड़ा जो ठेरा, उस दे सोचा कि बेज़ती तो हो ही चुकी है, पर अगर मैं हार नहीं मानूं तो शायद कुछ हो सकता है।
05:37शिखा तुम देखना, असली शो में आग लगा दूँगा आग, करोड़ पती बनूँगा मैं हाँ।
05:43सबजिया खतम हो गई है घर पे, लियाओ, पहले पती बन जाओ, फिर करोड़ पती बनना।
06:13सारे लोगों को खाना खिलवाया, क्या फर्क पड़ा, इसलिए मैं कहता हूँ कि मैनत तो गदा भी करता है, घर बैठे जो कमाएं वही सिकंदर।
06:25लेकिन मामा गदे भी जानते हैं कि हमारा राश्ट्रिय पक्षी मोर है।
06:43लेकिन मामा जाओ, बैकिन मामा जाओ, आड़ पती बनाते हैं, इसलिए इसलिए जाओ, जाओ, पती बनाते हैं कि मैं अलगा है।
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