00:00पापा की बातें दुनिया से अलग हैं। उनके मताबिक पत्मी एक जिन्नदारी है। और बच्चे एक बोज हैं जिने हम ढोते हैं। मगर मुझसे पूछो तो मेरे पापा मेरे लिए सब कुछ है।
00:14सब्सक्राइब पापा की बाते हैं। तो मैंने भी यहां कह दिया। पल्लवी के पता को हमारी प्रॉपर्टी पसंद आए। इसलिए मैं उन्हें पसंद आगिया। पल्लवी को ये रिष्टा पसंद आया या नहीं ये मैं नहीं कह पाया। क्यूंकि वो चुप थी। तो मैं �
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