00:00मेरी भावी और उनके पिता ने मुझे आफिस जाने की राय थी
00:02मैं उस कमरे में कई बार गया था जब पापा जिन्दा थे
00:05मगर कभी ये नहीं सोचा था कि इस बार जब अंदर जाओंगा
00:08तो जिन्दगी ऐसा मोड लेगा
00:10मोहन कुमार मिश्रा
00:13शकल से जितना टेड़ा लगता है उससे कहीं स्यादा पेचीदा है
00:16पापा कहते थे ये आपने किसी का सगा नहीं है
00:18ना मेरे पापा का दोस्त था ना उनका बिसनेस पार्टन है
00:21बस हम इसे जान दे थे
00:23उना में जब इसकी पिता की मौत हुई तो ये उनके अंतिम संसकार में नहीं गया
00:27अगले दिन बहां पहुँचा क्योंकि अगले दिन का एल फैस सस्ता था
00:30लोग सुभा जॉगिंग के लिए निकलते हैं तो ये रात को जॉगिंग करता है
00:34ताकि कोई पैसे उधार न मांगे है
00:36पंदरा साल पहले इसकी बीवी ने इसे बिना बताय दस कराम सोना खरी दिया था
00:40उसके बाद सोने के डाम पांच सो रुपे गिर गए थे
00:43ये अपनी बीवी से इतना नाराज हुआ कि इसने उससे बात करना ही बंद कर दिया
00:46उसके बात सोने का भाव फिर से बढ़ी है
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