00:00मेरी राजेना, ओसाजेना
00:30काया नहीं?
00:32यूनी छोड़ने के बाद, दोस्त कहां दोस्त रहते हैं, टाइम में नहीं मिलता
00:43अधी, आप गलत फ्लोर पर रहें
00:49जी जी, माइ मिस्टेक, आपकी कहरी है
00:53अरे वलीज सहाब, कैसे हैं आप, कितना हसीन इतफाक है ना
01:00पेचाना मुझे?
01:01बिल्कुल मैंने पेचाना आप, अचल लगा आप से मिलके
01:04मुझे भी
01:09कुछ लड़कें बहुत लखी होती हैं
01:12सिंदगी में हर चीज मन चाही नल जाती है
01:15मुझे देखें
01:17ना मन पसंद शोहर मिला ना जिन्दगी
01:20बस एक बिमारी और एक बिमार बच्ची
01:23तुम्हें चोच चाहिए वो मैं तुम्हें लाके दोगा
01:26तुम्हारे कड़ों में रखता हूँ
01:27क्योंकि खुदाने मुझे इस काबल बनाया है
01:30अजादी चाहिए स्क्रस्टेटिड लाइफ से
01:33क्योंकि अजादी थाजादी जादी है
01:38स्क्रस्टेट और बनाया है
01:43कर दो कर दो
02:13कर दो
02:15कर दो
02:17कर दो
02:19कर दो
02:21कर दो
02:35वाले
02:37आपने लिए नहीं तू
02:40कर दो
02:41अपने लिए नहीं तू
02:42तो अब दूआ के लिए अपने आपको समाने भाई, दूआ का सबकोच अब आपी है।
02:56भाई, हम जानते हैं कि यह सब असान नहीं है।
03:03लेकिन हमें यह भी मालूम है कि हमारा भाई बहुत ही मजबूत है।
03:08असाप इस मुश्किल वक्त में हिमत नहीं आ रहेगा।
03:19हिराम सब भी तो आपके साथ है ना।
03:25घुट को कभी अकिला मत समझीगा।
03:38पूपने कि लुट करते हैं।
03:41अधिय।
03:43अधिय।
03:44फिर बसंदाया?
03:48पर बसंद आया?
04:01हाँ, बहुत खुबसूरत है तुम्हारा घर
04:03अब तुम्हारा है
04:05वापस आगे तुम्हारे नाम कर दूगा
04:08ठीक है
04:10वैसे हैरत हो रही है मुझे
04:12शादी को इतना टाइम हो गया
04:14वलीद है तुम्हारे नाम कुछ भी नहीं किया
04:16उसको अपने बेहन बाइँ से फुरसत होती तो मेरे नाम कुछ करता ना
04:19अफसोस है मुझे
04:20तुम्हारी अपनी फैमिली ने घर में रखने से इंकार कर दिया
04:24हाँ, उनसे यही उमीद थी मुझे
04:27ऐसा क्यों?
04:30क्योंकि उन लोग को मेरी कोई परवा ही नहीं
04:32अगर उनको परवा होती तो वलीद जैसे मरीज से मेरी शादी करते है
04:36राइड
04:38मैं जानती
04:39लेकिन वो सब तो जानते थे ना कि वो एक मरीज है फिर भी मेरी शादी करवाती
04:43अच्छा स्ट्रेस मत लो
04:45कैसे स्ट्रेस ना लो शादी
04:48जिंदगी तो मेरी खराब हो गई या ना
04:49कुछ नहीं हुआ तुमारी जिंदगी को
04:51मैं तो इस बाद पर खुश हूँ कि तुम वापस आ गई हैं मेरी जिंदगी में
04:55अच्छा ये बताओ
04:56कि अब तुम्हारी फैमिली तो कोई मस्ता नहीं करेगी ना, वहां तो कोई तमाशा नहीं होगा ना, मैं कोई रुकावट नहीं चाहती
05:01नहीं, और अगर बनेगी भी ना, तो मुझे किसी की परवा नहीं है
05:08तुरे शवार, मैं चार महीने बाद वापस हा रहा हूँ, तब तर तुम्हारी इदर भी खतम हो जाएगी
05:15तो मैं वहां किसी भी चीज़ की तंगी नहीं होगी, मैंने वापस आती है
05:21हम दोनों शादी कर लेंगे
05:24हाँ, ठीक है
05:27तो रिशवाद, बोल जाओ, वलीद को और उससे चोड़ी सारी बात होगा
05:34हम दोनों अपनी जंदकी वहीं से शुरू करेंगे, जहां रुखी थी
05:40बस तुम्हें यूँ फील करो, जैसे कुछ हुआ ही नहीं
05:44हम, ठीक है
05:48साजदा वहाँ पर है, वो तुम्हारा हर चीज का ख्याल लगी
05:54और अगर तुम्हें कोई भी चीज चाहिए हो, I'm just a call away
05:57ओके, चार मेनी की बात है, बस
06:00ठीच है, ओके, बाई
06:18हेलो, कैसे हो एबाद? ची मैं ठीक हूँ, आप बताएं, कैसे आद किया? बस समझो के मतलब से याद किया है
06:39अरे, नहीं, नहीं, आप कहिए
06:41फूब, वलीद का नंबर नहीं लग रहा, बहुत देर से ट्राइ कर रहे हूँ
06:45कोई खास काम था?
06:48हाँ, वो अमी का रूटीन चेक अप है, उन्हें डॉक्टर के पास लेकर जाना था
06:53तो लास्ट टाइम वलीद नहीं अपॉइंट में लिया था, तो उनसे डॉक्टर का नंबर चाहिए था
06:58चले, मुमकिन हुआ तो मैं बाई से नंबर लेके आपको बेचता है
07:04वलीद बिजी है नहीं बिजी तो नहीं है, घर पर ही है लेकिन आइ थिंग उनका फोन आफ होगा वलीद तो अपना नंबर कभी भी बंद नहीं किरते, सब खेरियत है?
07:16सब खेरियत है?
07:18खेरियत है भी और नहीं भी
07:23क्या बात है इस बात?
07:25खुलकर कहों मुझे टेंशन हो रही है
07:28वह अक्शली भाई ने दुरे शवाई को तलाक दे लिए
07:38तलाक?
07:40जी हाँ, कायनात और आइमा भाई के साथ ही है
07:44मैं भी मानी था बस आपका फोन देखा तो बाहर आ किया जाके कॉल रिसीव कर से
07:51चले मैं आपसे बात करा
07:56ठीक है
07:58बाई
08:14निकावाले दिन
08:28जब दूरे शहार ने इस शादी से इंकार किया था
08:31हमें उसी दिन ये शादी नहीं करनी चाहिया थी
08:36अर अपनी बाद में तो खुश हो गई थी ना वो
08:38अपनी मर्जी से ही राजी हुई थी रुकसती के लिए
08:41आप कुछ भी कहें लेकिन वलीद भाई के साथ बहुत बुरा हुआ है
08:48दूरे शिवार की इस हरकत ने ना हमें वलीद भाई और ना ही आएमें से नजरे मिलाने के काबिल छोड़ा है
08:53बुरा तो उसने अपने साथ की है
08:57मेरा तो दिल हौलता रहता है
09:01उसकी आगे की सिंदगी का सोच कर
09:04अरे हमें मैं तरस से तो जहनों में जाया आपो
09:06जिस प्लड़की को अपने माँ बाप शोहर की इज़त का ख्याल नहीं तो हम क्यों उसकी परवा करें
09:10पेटा पिर भी तुम्हारी बेहन है
09:14तो हमें आपकी और बाबा की शेह नहीं उसे बिकाड़ है
09:18तो मुझसे मत कोई उमीद रखेगा कि मैं उसे कभी माफ करूँगा
09:21बलकि जिस दिन वो इस घर में आई
09:22मैं घर चोड़ दूगा
09:44आई
10:14कर दो कर दो
10:44कर दो कर दो कर दो कर दो
11:14आज आप लोगों को मिरी याद कैसे आ गई?
11:27मैंने तो तुम्हें आज भी याद नी करना था
11:30लेकिन तुम्हारे अबबा को अपनी नाखलफ बेटी की फिकर सता रही थी
11:36इसलिए तुम्हें कॉल करना परे कि तुम्हारी खैरियत पूछ सको
11:39जिस तरह आप लोगों ने घर के दर्वाजे मुझ पर बंद किये थे ना
11:43उसके बाद मेरी खैरियत पूछने का कोई हक नहीं आप लोगों को
11:46जो कुछ तुम्हें तुम्हें उस पर जरा भी नदामत नहीं?
11:50अरे वलीद और दुआ बची के बारे में नहीं सोचा
11:54तो कमजगम अपने बारे में ही सोच लेती
11:57तुम्हारे साथ भी गलत हो सकता है
12:00अल्ला ना करे मेरे साथ कुछ बुरा और इंशाला नहीं होगा
12:04मैं तो अपनी जिन्दगी में बहुत याशी कर रही हूँ
12:06खाने खाती हूँ, गूमती हूँ, फिटी हूँ, ऑनलाइन शॉपिंग अट्यों वैसे भी मॉल जाती हूँ
12:10अटलीस यहाँ पर कोई दम्मे का मरीज शोहर नहीं है और ना ही कोई बच्ची है जो मेरी जान को चिम्टी रहे
12:16मतलब तुम्हे अपने किये पर कोई पच्चतावा नहीं
12:20पच्चतावा?
12:21अमी मैंने ऐसा क्या कर दिये कि आप लोग के रोने ही खत्म नहीं हो रहे
12:24अमी कैसी माँ है आप कोई अच्छी बात नहीं कर सकती तो बद्धोएं तो ना दें
12:38और खेरियत कुछने के लिए फोन किया था ना तो बता दूँ मैं जिन्दा हूँ खुश हूँ और बहुत मसरूफ हूँ अपनी लाइफ में और कुछ
12:45और मैं आपको बता दूँ आइंदा कर बद्धोएं देनी हो ना तो मुझे फोन मत कीजिएगा
12:49अल्ला आफिस
12:50मेरी खुशी ही नहीं देखी जाती किसी से भी
12:58बच्ची ही तो
13:01सौरा मूब खराब कर दिया
13:05पता तो बहुत दिन पहले ही चल गया था
13:09लेकिन पूछना मुनासिब नहीं लग रहा था
13:13जो कुछ भी अब तक भाई के साथ हुआ
13:16उसकी हमें उमीद ही नही थी
13:19लेकिन ही नहीं आ रहा
13:24तिर मानने को तयार ही नहीं
13:31कि तुरे शेहवार ऐसी भी होसती है
13:34हाद बड़ा दिल है तुम्हारो
13:39जो इतना सब कुछ होने के बाद भी इसतना सोच रही
13:43वहना उन्होंने तो तुम्हें भी नहीं बख्शा
13:47जिस नजर से वो दुनिया को देखती थी
13:52उस नजर से पस वो ही ठीक थी
13:59वलीद वलीद का है
14:05अज़ अपने रूम में ही होते हैं हनुट
14:08या फिर दुआ के पास होंगे
14:15सामनी कुम्ह
14:22वालेकुम आसलाम आवरा कैसी हो
14:26मैं ठीक हूँ आप कैसे हैं
14:29आई बहुत अच्छा हूँ
14:31सुनो नैनी कोई नजरा है तो
14:40उसे के दिना दुआ के लिए दूद बनाते हैं
14:43छी भाई
14:44भाई आई ना बेठे माई साथ
14:47ने ने तुम लोग बाते को रहो मैं चब दो
15:01अच्छे वाईब की हाले ठीक नहीं लग लेगा है नो
15:03सारी सारी राथ जाकते रहते
15:09लौन में चक्का लगाते रहते
15:12ठीक से सो भी नहीं बारे
15:16तरह शेवार जखन देखे गया
15:21असे बादे में वक लगेगा
15:31थो चक्यों नहीं
15:35झाल
16:05कर दो कर दो
16:35कर दो कर दो कर दो
17:05कर दो कर दो
17:33झाल झाल
18:03झाल झाल
18:33झाल
19:03झाल
19:33झाल
20:03झाल
20:33कितने महीने गुजर गया
20:35अगर आज भी भाई को देखे लगता है कि उसी गं में जिन्दा है
20:39और इसरी कोशिच कर रहा हैं लेकिन भाई की जगा तो नहीं ले सता हैं
20:47हमें भाई के बारे में कुछ सोच ना होगा दुआ के लिए मुस्तक्य ग्रह में किसी का होना जरूरी है
20:55हम तो नो रोज रोज तो नहीं आ सकते हैं
20:57मेरे लिए भी हम मुझके लोगा
21:02वो मानी कुछ नहीं कहती लेकिन मामू और असद ड़के चुपे
21:08अलफाजों में मुझसे कह चुके हैं कि मैं अपने घर पे देहां थी
21:12दिखो एक तरह से ठीक ही कह रहा है
21:17यहां लोग किसी के मडने पर भी जीना नहीं चूँते
21:20यह तो फिर तलाक है और हम सब को खुश होना चाहिए कि तोड़े शिवारब भाई की जिन्दगी में लिए
21:27भाई के सामने मत कहना वो हर्ट होंगे
21:30अगर मुझे तो लगता है हमें भाई की सामने यह बाते करनी चाहिए
21:33ताकि उनको इस बुरे फेज से निकलने में हिमत मिले
21:38ठीक कहरे है जबता कोई नॉमल जिन्दगी की तरफ नहीं जाते हमें उनकी और दुआ की फिकर रही
21:47और दला दमाग में भी शिकूर नहीं आया थे
22:00पर हम सब को क्या करना चाहिए
22:02हमें भाई की शादी करवा देनी चाहिए
22:06वो कभी भी राजी नहीं हुई तो मैं याद नहीं उन्हें पहले कितना अटाला था
22:11लेकिन भाई को राजी होना पड़े को
22:17हाई कोई बात समझने पड़ेगी कि
22:19इसके लावा कोई अखल नहीं
22:22इसमी हो सकता
22:24तुम तेनों क्यों में घुए दूआ की फिकर करते रहते हो
22:28और तुम दूनों का तो अपना भी घर है nा
22:31उस पे फोकस किया करो
22:33मैं आए ओर दूआ ठीक हैं
22:35हाई हमें आपका अकेलापन तक्टीफ दे रहा है
22:39तुम लोगों मेरे साथ
22:41दुआ मेरे साथ है, कैसा अकिला बन?
22:44आपको खुद को समझालना होगा, भाई
22:46समझ चुका हो, भाई
22:49दुनिया से कट कर
22:52दुआ को, घर को, आफिस को
22:56सब को आपकी जरुदे भाई
22:58आफिस तो इबाद बहुत अच्छे से समझाल रहे
23:01भाई, वो तो सही है, लेकिन मेरा अटमिशन होगा है
23:07मैं एक महीने बाद यूके जा रहे हैं
23:08फिर आप यहाँ अकेले होंगे, दुआ और ओफिस को कैसे संबा लेंगे
23:13घर को एक और आपकी जरुदे
23:17जो दुआ को और आपको टाइम दे, केरे
23:21केर टेकर हैं हमारे पास, मैनेज हो जाएगा
23:25दुआ को मा की जरुदे बढ़
23:27केर टेकर या कोई भी मुलासम मा नहीं बन सकते
23:32सगी मा ने दुआ का ख्याल नहीं रखा
23:36छोड़के चले गई इसको
23:38उक्यों और और और कैसे मा बन सकती है
23:41प्लीज इस बारे में ना हम मसीधा बात नहीं करेंगे
23:50तो उन्हों को अपने घर पर ध्यान दो
23:53अपना ख्याल रखो
23:55ठीक है?
23:56मैं और दुआ ठीक है
23:57यन्होंने तो साफ इंकार कर दी
24:07अब
24:09तो रहे शवार जो भाई को जखम दे कर गए
24:14आज आने भाई कब तक उस तकलीफ में रहेंगे
24:39अब
24:40अब
24:41अब
24:43अब तो यकिन हागे मेरी मुहपत तो है?
24:48अब तो यकिन हागे मेरी मुहपत तो है?
25:00अब तो यकिन हागे मेरी मुहपत तो है?
25:14अब यकिन हागे लेकिन पहले तो मुकर गए थे न अपने फैमिली प्रेशर की वज़ा से
25:19कुजी बातों को याद करके इस वक की खुबसूरती को खतम मत करो
25:26अच्छा ठीक है कोई पुरानी बात नहीं करते है
25:29बातो बातों में तो गूली किया?
25:32क्या?
25:33एई कुड़ड
25:34यह लो तुमारी मुह दिखाई
25:40मुह दिखाई?
25:42बस रेंग
25:58क्या हो आप अच्छी नहीं लगी?
26:01नहीं बहुत अच्छी है
26:03लेकिन जो शक्स मेरा कुछ नहीं था
26:05वो मुझे डायमेंड के सेट भेज सकता है
26:08तो मुह दिखाई में सिर्फ एक अंगूटी
26:10और यह नेकलेस?
26:13यह मुह दिखाई थोड़ी है
26:15सब तुमारा ही है
26:17और अगर तुम कहती हो तो मैं जूलो को फॉरॉम बोल देता हूँ
26:21वो नेकलेस आते का तुम्हे
26:22हम बाद में कह देंगे
26:26सब मेरा ही तो है
26:28चलो पहनाओ ना
26:31यस यस पहनाओ ना
26:33खुश हो?
26:46हाँ, बहुत खुश हो
26:50लेकिन अगर तुमारे फैमिली मेंबर्स भी होते तो और अच्छा लगता
26:54मुझे तो था कि भी निकाह में शामिल होंगे
26:56कोशिश की थी
26:58फिर हिम्मत नी हुई
27:00क्यों?
27:02देट के जाने के बाद
27:04मौम की दभिएत बहुत अपसेड रहती है
27:06बहुत अपसेड रहती है
27:08और विजिस का सारा लोड मेरे अपर आ चुका है
27:10वक्त आने पे मैं पता दूँगा
27:12कि डूंट आफ तुवरी, ओके?
27:14हम, जैसे तुमें ठीक लगया
27:16वैसे समन क्या करी आजकल?
27:18शादी नहीं कियी उसने?
27:20आह, मौम के साथ ही होती है
27:36फिर हम दोनों साथ में खाना खाते हैं, ओके?
27:40हम
27:46इनसान जिस चीज़ की खौईश करे को मिल ही जाती है
27:49देर से ही सही
28:06बहुत हो गया
28:08आप लोग बैटके ज्यादे बांटे रेंगे
28:09और आपको क्या लगता है?
28:11कि मैं यहां बैठके सब कुछ बर्दाश करूंगी
28:12और आपकी भीमारी और आपकी बच्ची की बिमारी
28:25चेहरोंगी
28:29मैं जो कोई उकार नहीं पाइड गर में
28:31झाल झाल
29:01हलो, असलाम लेकुम अम्मी
29:25अम्मी, मैंने शहीर से निगाव कर लिया
29:29गलती कर दी, गलती कर दी तुमने दुरे शहवाद, शहीर के लिए वलीद से तलाक लेकर
29:38अम्मी, मैं एक अच्छी जिना चाहती थी, जिसमें कोई बीमार ना हूँ
29:43वो शहीर अलहमदुल्ला सेहत मन्द है
29:45इतना बड़ा बोल, मत बोलो दुरे शहवाद, बीमारी तो कभी भी किसी को भी हो सकती
29:59अगर कल को, शहीर को कुछ हो जाता है
30:06तो बताओ मुझे, मैं तुम से क्या अमीत रखू
30:12तुम शहीर का साथ दोगी, या भी उसको भी छोड़ दोगी
30:19अम्मी, कैसी बाते कर रही हैं आप
30:22मैंने आपको खुशखबरी सुनाने के लिए फोन कै कि मैंने निकाह कर लिया
30:26और आप हैं कि उल्टी सी भी बाते मुझे निकाल गई है
30:28मेरी गलती है कि मैंने आपको फोन कर दिया
30:31देख लूँगे अपना अच्छा बुरा मैं खुदी, अल्ला आफिस
30:52अमीम मैंने शहीर से निकाह कर लिया
31:08अमीम मैं एक अच्छी जिना चाहती थी
31:13जिसमें कोई बिमार ना हो और शहीर अल्हम्दुल्ला सिहात मन्द है
31:17क्या हुआ अंटी, आपके तेबर ठीक है?
31:32हाँ, मैं ठीक हूँ
31:36अच्छा आप ठीक नहीं लग रहे हूँ, मैं तेमूर से कहती हूँ वो आपको डॉक्टर के बास ले जाए
31:41नहीं बीटाब, उसे मत कहना परिशान हो जाए
31:45आपके तेबर और खराब हो गई, तब ही तो परिशानी होगी न, तो बहते यही है, मैं तेमूर को कॉल करती हूँ और अभी डॉक्टर के चलते हैं
31:57तुरे शेवाद ने, वलीद के साथ और तुम सब के साथ जो कुछ किया, उसके बावजूद, तुम बहुत महब्बत से पेशाते हैं।
32:19बिटाप, यह तुम से नजरे मिला नहीं पाती हैं।
32:31अंटी, इसमें आप लोगों का कोई कसुग नहीं हैं।
32:37और जिनकी गलत ही हैं, उनको तो अहसास तक नहीं है।
32:41माहूं दूरे शेवार की।
32:45लेकिन वलीद और दूआ के लिए, जब सोचती हूं दिल दुखता है।
32:53भाई तो दुनिया से कटके रह गया है।
32:57हाँ, उसे देखते हूं तो कुलेचा कटसा जाती है।
33:09रोई तो नहीं, यह संभाले भुकाँ।
33:23ठीक हुजा है रिजाद।
33:27कोई परिशानी तो नहीं हुए।
33:39कोई परिशानी तो नहीं हुए।
33:53नहीं, परिशानी कैसे हुए।
33:55कि हाँ साजजा थी, हर वक्त मेरे इतना खयाल रखती थी, यह हर चीज वक्त से पहले ही मिल जाती थी।
33:59और पिर तुम भी एकांट में हर महीने पैसे बिचवाते रहते थे।
34:03तो कोई तंगी हुई नहीं।
34:05मैं भी यही चाहता था।
34:07वलीद को छोड़ने का तुम्हें कोई पच्तावा नहीं हो।
34:11पच्तावा और उसे छोड़ने का।
34:13उसके साथ रहकर तो लगता था कि जैसे कोई नर्स नो कोई अटेंड़न्ट हो।
34:17थोबा करो।
34:19अच्छा मैं अगर तुम्हाई जिन्दगी में वापस ना आता।
34:25तो सारी जिन्दगी वलीद के साथ उजार देती।
34:28या उसे छोड़ देती।
34:32इस पार में कभी सोचा नहीं था।
34:38क्या बात है खरी है।
34:55अच्छा हुआ तैमूर आप आगए।
34:58मैं आपको इक और करने वानी थी।
35:00आंटी की तब बिद मुचे ठीक नहीं लगए।
35:02इनको डॉक्टर के पास ले जाए।
35:03यह नहीं बेता आप
35:05मैं बिल्कुल ठीक हूँ।
35:08तुम दोनों को रिशान ना हो।
35:10अस वैसे दिल भराया।
35:15अरे हमनी सचसे बिताएं क्या बात है क्या हुए।
35:17तुरे शहवार का फोन आया था।
35:32यह बताने के लिए कि
35:39स्नेल स्नेल के शहीद हिसाब रिखा कर लिए।
35:47अकारी थ।
35:48अकारी थ।
35:49अकारी थ।
35:52झाल झाल
36:22कर दो