Skip to playerSkip to main content
  • 1 year ago
Do Kinaray Episode 32 - 8th July 2025 _ Momina Iqbal - Junaid Khan _ Green Entertainment

Category

📺
TV
Transcript
00:00दोरे शवार क्यों अपना नुप्सान कर रही हो?
00:22देखो वली तुम्हें वो खुश्या नहीं दे सकता जो मैं तुम्हें देना चाहता हूँ
00:25तुम्हें तुम्हें खुश्या नहीं अगर मैं तुम्हें अब भी हासिल करना चाहता हूँ तो उसके पीछे कोई ना कोई तुम वजा होगी
00:34और मेरा यखिये करो वोजा मुखबट के लावा कोई और नहीं है
00:40मान क्यों नहीं चाहते हो कि आज भी तुम मुसे उतनी ही मौपट करती हो
00:48आज भी मैं तुम से उतनी ही मौपट करूँ और यह भात तुम्हें अच्छे से पता दी
01:08मेरे भी तुमने वली से चाली करके मुझे थोका दे दिया
01:11मैडम दूआ बीपी को मैं जरा लेटा कर शार लेने जा दी हूँ
01:29आप जरा देख लीजेगा मैं जल्दी आजाओंगी नहा कर
01:41तुरे शवार मैं कल भी तुमसे महापत करता था और आज भी तुमसे महापत करता हूँ
01:55मेरे दियों दिमाग पे तुम वसी भी हो मैं तुम्हारे लावा कुछ सोच ही नहीं पा रहा हूँ
02:01मैं तुम्हें अपनी जिन्दगी में आने के लिए फोर्स नहीं करूँगा
02:13लेकिन मैं तुमसे रिक्वेस्ट अड़ा हूँ
02:17जिस महापत पर इस जिन्दगी को हमें साथ तुजाने के साथ में खौफ देखे दे
02:23उसे पूरा करने का मुझे एक मुखा नहाँ
02:26अब मेरा यकीन मानो इस पार मैं तुम्हें हट लेकर दुगा
02:34मैंने अपने कदम नहीं रुके
02:45तुम्हें किसी और को हम्चाफर बना के अपना सबत स्टार्ट कर लिया
02:50जब कि तुम इंतजार कर सकती थी वलीद से चाली का इंकार कर सकती थी
02:55इंतजार होंका क्या साथ है चुम्हें नहीं दोका ना दिया
02:57मैंने दोका नहीं दिया
02:58तुम खुच सोचो
03:08कितने खौब हमने देखे थे याद करो
03:11कि शादी के बाद हम इन पहाडों का आएंगे
03:13जुआए करेंगे मेमरीज बनाएंगे
03:15लेकिन ये सब कुछ नहीं हो सका
03:16क्या ये सोच के तुम्हारा दिल नहीं दुगता है
03:19औरे जवार
03:26तुम्हें भी खुश रहने का हक है
03:29तुरे जवार एक वैसा तुम्हारी
03:32जिन्दकी बता सकता है थेंक अपाउंटे
03:35तुम्हें तुम्हें नहीं दे सकता है
03:50जो मैं रुपे देना जाता है
03:51तुम्हें जानती हो के हम भी तुस्से से बहुत मापता है
03:56तुरिशवार तुम तुम पुत सोचे लाएं
04:05अगर मैं तुम्हें अभी हासिल करना चाहता हूं
04:07तुम्हें पीछे कोई ना कुई तुम पजा ओगी
04:09और मेरे के लिए कर, वो वज़ा है
04:12मुखबकर के लावग के कोई यहां नहीं हो
04:14कर दूरे शवार क्यों अप्लाम प्रशन में अपनी जंददी के लिगे प्रशन एक भी धान कि प्रशन नहीं ते सकता कि मैं तूम वैस्ट नाकर तूम वसी तूम पसी तो
04:29जो में बहुत पीधे खेंट जो कोई आज ना कुछ ना कुछ ना कुछ फिर जी नहींतों पारा कुछ ने पारा
04:59कि यह ने ही दृओं तिम्स का सांस की पसर है मैड़ मैडम दो भीप शांस पच रहा है कि दृब भीप तेको वडी तुम्हें नहीं देशका जो अच्छों नहीं डिको तुम जानाजी हो कि हम वह भीपी
05:22नियुम्हें ट culminें प्लूण कर faces dealum
05:28में खरिया जागे रिषयान। भी होगे का सांस नहीं आरे हैं।
05:38भी भी भी ढमकरणोच लोन है थान समय भी है Пर जार नहीं को दोगी हो Vallahi क्या हुआ है?
05:45भी भी तो Cum अशुने lockdown रोगा भी डेख तो शेवार ढ़ा है।
05:47के फेस्टा दिमार जिंद की बरता था है
05:50थेंक पर थेंक पर
06:17पूछ विया मैंने भाई घर पर ये हैं
06:28किलो मेरे बट
06:29भाई इधर ही बटें अलाफस
06:34जा हुआ भाई
06:37असलाम लेकुम दुआ की दबग खराब है
06:39नहीं बस थोड़े पहले चोड़ी सी खराब होगी
06:41तब यह तक ठीक है
06:43शोकर मैंने वक्त बस इसको दबाई दे दी आके
06:45भाई दुआ ठीक हो जाएगी
06:48आप परिशान ना हो ऐसे
06:49मिचाला
06:52इससे मुझे देज़ाएं मैं संभाल लोते हूँ
06:54बिसमुलाब
06:56मिचालाब
07:13जो तक कुछ समझने आना मैं क्या करें
07:17आप मैं इसे परिशान ने से क्या होगा
07:21भाई को दुख से बचाने के लिए जो कुछ भी किया था सब बेकार गया
07:26उनकी अच्छाए और बेहत मुखबत ही उने लेड़े
07:30शर्मिदी की तो मुझे बोह रही है
07:35शहीर वाली बात
07:39बलीद भाई पर कैसे बिजली बन कर किरी हो गई
07:43अपना आप मुझरिम सा लग रहा है
07:46ऐसा लग रहा है जैसे
07:48हम सब ने उसे दोखा दिये
07:51नहीं तैमूर आप में आपको कस्वर मत समझे
07:57माजी तो सबका होता है
08:00भाई का भी था
08:02अगिन अब वो माजी हाल पर असर कर दा
08:07बहुत तकलीफ दे बात है
08:10तो शेशिवार ने
08:13सर उठा कर बात करने के काबिल नहीं छोड़ा हमे
08:17लेकी गहे है माजी।
08:19दौशूकी मैं जब पहले ईी बात में भाभी को किसी से बात करते सुना था
08:23उन्हें इतना पुरा लिया किया था
08:26इतना manual पलेट किया था इस बात को
08:29कि इस बात हम ही गङल्टी समझने लगे तो तो
08:33पर गेल्ट हो रहा है, इतना समझाया उसे अम्मी ने, मैंने, बेशिप वो बाबा की लाट लिये, लेकिन वो इतनी बड़ी-बड़ी गल्तियां करेगी ये तो उन्हें भी उमीद नहीं थी, उसे बहुत बुरा लग रहा है भाई के लिए, अपना घर बचाने के लिए, यहा
09:03मांग रही है, दुरे शिवार इतनी बेवकूफ होगी उन्दाजा नहीं था, खुद खर्ज हैं वो, उन्हें अपने इलावा कोई नजर नहीं आता, इतनी तकलीफ में रखाव है उन्हें भाई को, प्लीज देखो आइमा खुद को संभालो, हम सब धुरे शिवार को वली�
09:33अथनी क्या हो कि जरी हो कि अपराण, इबाद, हेलो इबाद, हेलो इबाद, है माँ मैं घर की तरफ जारा हूँ, तुआ की तब्ये ठीक में गहा है, भाई भी काफी परिशान है, गानात ने फोन किया था, बोल रही थी के भाई रो रहे है, या लाँ तुम प्लीज चल्द
10:03तैमूर भी आ रहे है, हाँ प्लीज, देखो मुझे पूरी बात तो नहीं मालूम, लेकिन जिस तरीके से काइनात ने फोन किया, साफ बता चल रहा है कोई परिशानी, तो हमें माँ होना चाहिए, हमें भाई के साथ होना चाहिए, क्या काहिए बाद में? दूआ की तबित ब
10:33मुझे तो समझ नहीं है, जब आप यह जान चुकी है कि दूआ को यह तकलीफ है तो एकनी बड़ी लापरवाई कैसे कर सकती है, खुदाना खासता मासूम बच्ची हो कुछ हो जाता तो,
11:03तुम कहां थी? दूआ की तबित बिगड़ने ही क्यों थी?
11:06मैं दूरे शिवार बीबी के पास दूआ बीबी को लेटा कर नहने गई थी, मगर जब आई तो बीबी सांस रोक रही थी, मैं मेडम को बताती रही मगर वो खामुच बैठी रही और इबाद साहब भी घर पर नहीं थे, वो तो शुकर है कि वलीज साहब आ गए वरना मुझ
11:36अगर आई तो शुकर है कि दूआ को अगर लेजाने की नौपत में गए
11:58पस भाई और भाभी के दर्म्यांदे सब कुछ ठीक होचाए तो
12:05भाभी का जो रवया है, उससे ऐसा कुछ होता हुआ नजर नहीं आए
12:13यह जूटा ड्रामा क्यूं कर रही हो?
12:21तुम लोग तो खुशिया मनाओ, यहां बैट के जाएदादे बांटो आपस में
12:25भाभी यह मौका है ऐसी बात करने का
12:29और इस सब मामले में इस छोटी सी बच्ची का क्या लेना देना?
12:34लेना देना है, क्योंकि यह सब कुछ दुआ के बाप का ही है
12:37आप ही देखें, बस
12:39बहुत देख लिया, मैंने देख देखकर यहां तक नौबत आ गई है
12:42और अब तो नौबत की आ गई है, तुम मैंसे किसी की शकल भी नहीं देखना चाहती मैं
12:46अपनी बच्ची की भी नहीं?
12:59नहीं
12:59जब बच्ची के बाप को परवानी है तो फिर मुझे क्या है?
13:09क्योंकि तुम मा हो शेहवार?
13:15मुझे नहीं चाहिए ऐसी बिमार उलाद
13:17शेहवार, खबरदार जो तुमने हमारी बच्ची को बिमार का तो
13:28क्यों ना कहूँ? तंग आ गई हूँ मैं आप से, आपकी बच्ची से, इस बिमारी से
13:32मैं हर चीज़ बर्दाष्ट कर सकता हूं
13:34लगए यह बर्दाष्ट नहीं कर सकता कि तुम बार-بार हमारी बच्ची के बारे में ऐसा बोलो
13:39बच्ची बच्ची बच्ची यह चिटा अड़्सी बच्ची तो दर नजर आरा रहा लेकिन मेरा
13:42किसी को म alternative नहीं और है
13:43इस गार में दम गुटता है मेरा, मैं नहीं रहना चाहती हूँ
13:46आप अब भी और इसी वक्त मुझे तलागते
13:48ताके मैं भी अपनी जिन्दगी जी सकूँ
13:50तोरे शेवार
14:01बस भाई, बहुत हो गया, आप कोई बीच में नहीं बोलेगा
14:04बहुत हो गया
14:09आप लोग यहां बैटके जादे बांटे रहेंगे और आपको क्या लगता है
14:12कि मैं यहां बैटके सब कुछ बर्दाश करूंगी और आपकी बीमारी और आपकी बच्चे की बीमारी चेलती रहूंगी
14:17मेरी कोई उकार नहीं इस गर में
14:18लोग क्यों गए हैं तलाग दे मुझे अभी क्या भी तलाग चाहिए मुझे
14:22मेजाच चाहती हो तुम
14:35खीक है
14:47अजाद करता हूँ तुम्हे इस रिश्टे से
14:49जो कभी मेरी और तुम्हारे बीच में था
14:53अए वलीद भाहिए तुरे शेवार में तुम्हे तलाग देता हूँ
15:01वलीद भाहिए
15:19शुकर है अपसे आप भी अजाद है और मैं भी
15:32चली जाओ यहां से यहां से जो ले जाना है वो ले जाओ
15:43तो यहां भी तुम्हारा वजूद भी बरदाश्ट नहीं कर सकता
15:46यहां रुखना भी कौन चाहता है और रही बात कुछ ले जाने की
15:52कि जो मेरा हग के अब में लेकर रहूंगी
16:16कर दोंग बार के दाद हूंगी
16:46झाल झाल
17:16मैंने एक बात फिर तुम पर भरोसा करके तुम्हारी मुखबत को चुना चोड़ दिया वे लीदर बच्ची को अगर इस पार तुमने मेरा साथ चोड़ने की खलत ने की ना तो तुम्हें जान से माण दूंगी शहीर याद रखना
17:46झाल झाल
18:16झाल झाल
18:46राग्या राग्या राग्या राग्या पकड़ो यह ग्राइवर से बोले से गाड़ी में रखे
18:54गाड़ी से सामान निकाल तो रुक जाओ तैमूर ने मुझे बता दिया कि तुम क्या जुम करके आई है अच्छा तो फेर तो ऐसी जालिमा और जालिम बीवी के लिए
19:24अल्दा अमी मैं इस वक्ट लेक्चर सुने के मूड में नहीं वहां पर भी यही सब तमाशा देकर आई हूं तक गई हूं मैं
19:31और ऐसे भी आप मुझे अंदर जाने से महना नहीं कर सकती है मेरे बाप का घर है गलत फेमी है तुमारी यह घर एक वफादार मा और वफादार बीवी का है जो तुम्हारा बाप कबसे मेरे नाम लिख चुका है
19:45सब क्या चल रहे हैं यहां पर जहां पर बिजाओ वहां जादाते बांटी जारी और मुझे कुछ पता ही नहीं है यह कब हूँ आप हाँ तो तुम भी अपनी शोहर की वोफदा रहती तुमें भी इना मिलता तुमने तो अपने आपको रहम खाने के काबिल तक नहीं छोड़ा
20:15तुम ऐसा तो नहीं हो सकता बाबा यहां होते तो मुझे कभी अंदर जाने से मना नहीं करते कभी नहीं रोकते मुझे तैमूर ने और मैंने फैसला किया है कि तुम इस घर में कदम भी नहीं रखोगी
20:26समान उठा कर गाड़ी में रखो दुबारा
20:34सुरी मैडम मैं आपको यहां तक ही छोड़ने का पापन था मैं वली साब का मुलाजिम हो और वैसे भी आप मेरी मैडम नहीं रहीं अब
20:41सो अब आप तो कोई भी हुकम पूरा करना मुझ पर फर्ज नहीं है
20:45तुमारी उकाद क्या मैं नहीं से जबान चला दुबा हो जाया जबनी गाड़ी लेकर
20:50देख रहे हैं आप कैसे लोग हैं यह नीच कहीं के
20:56उकाद दिखाए दीना अपनी
20:58एक मुलाजिम तुम्हे तुमारी उकाद अच्छी तरह दिखा गया दुरे शैवार
21:02सोचना जरूर अभी कुछ देर पहले ही वलीद के नाम ने तुम्हें किस कदर मौतबर बना रखा था
21:09और उसका नाम चिंजाने के बाद तुमारी हैसियत ही क्या बची है
21:14सोच लूँगी लेकिन अभी तो फिलाल अपनों के रंग देख रही हूं कि कैसे बदल रहे हैं
21:32तुम इस पर बहुत पच्टाओंगी कभी नहीं पच्टाओंगी और यह तो पक्का है कि कभी आप लोग के पास नहीं आऊंगी कभी भी नहीं जा रही हूं मैं
22:02यह तो आप लोग के रंगी कि अभी नहीं जा रही हूं मैं
22:32अगलीद भाई मैं
22:36मैं दूरे शिवार के विदे से बख़द शेम निनता हूँ
22:41हाई खुद को समाले
22:50हाई
23:02क्या होगी अचानक
23:10क्या अचानक नहीं हुआ
23:13यह एक लावा था जो उस दिल सपक्दा था जब सिभावी कराई थी
23:19असपटा आज है
23:32असरनक नियो
23:44छे उसी
23:46मुझा नहीं
23:56वाँ शेए
24:26वाँ शेए
24:56बच्ची बच्ची बच्ची ये चिटांपर से बच्ची का दद दरार है लगिन मेरा दर किसी को महसूस नहीं हो रहा है
25:23इस गर में दम घुटता है मेरा मैं नहीं रहना चाहती है आप अब अब यह और इसी वक्त मुझे तलाब दे ताकि मैं भी अपनी जिन्दगी जी सकूँ
25:30आप नहीं आप लोग यहा कै यहा बेठ यहाद के जादे बांगते रहेंग基本 आपको क्या लगता है
25:39कि मैं यहाँ बेढ के सब कुछ बर्दाष करूंग और आपकी बीमारी और आपकी बच्ची की बीमारी चैल्टी ही रहोंगग
25:44मेरी कोई लोकात नहीं इस घर में लोग क्यों गए हैं तलाग दे मुझे अभी क्या भी तलाग चाहिए मुझे
26:14कर दो कर दो?
26:44मैंने एक बात फिर तुम्ते भरोसा घचके तुम्हारी मुहबबत को चुना छोड़ दिया वेलीद और बच्ची को
27:00अगर इस पार तुमने मेरा साथ छोड़ने की खलत है की न तो तुम्हें जान से मार दूंगी शहीर याद रखना
27:14अगर तुम्हारा नेक्ची बंद आ रहा था मैं आज ही यूके पहुचा हूँ तुम्हें यूके हो हाँ तुम्हें पताने कुशिश की थी लेकि तुम्हें पाती नहीं हो सकी हाँ
27:44हो जाया करेगी क्योंके मैंने
27:46मेसेज पढ़ा मैंने
27:48हाँ इतनी बड़ी न्यूज है कि मेरे घरवालों ने मुझे घर में घुसने नहीं दिया
27:52तुम कहा हूँ इस वक्त?
27:54रोड पर खड़ी हूँ
27:56कुछ समझ नहीं आ रहा कि अब कहा जाऊँ
27:58तो मैं किसली हूँ
28:00मैं वहाँ नहीं हूँ लेकिन तुम्हारे रहने का इंदजाम कर सकता हूँ
28:04कहा?
28:06मेरे दुसरे खड़ चली जाओ
28:08मैं तुम्हें लोकेशन भीज रहा हूँ
28:10वह तुम्हें रेसीफ कर लेकिए, ओके?
28:14और हाँ, तुम्हें राप्ते में रहूँगा
28:16अच्छा
28:18ठीक है फिर लोकेशन भीज़दो मुझे
28:20ओके, भीज रहा हूँ
28:22अच्छा है मैं मैं चलता हूँ
28:28ठीक है अच्छे लिप है
28:30नहीं नहीं
28:32अम यहीं रहूँ
28:34वलीद भाई को भी महारी सरू रहता है
28:38पखत
28:48कितनी बदबख्त निकली
28:54खुद अपने हाथों से अपनी तबाही कर ली इसने
28:58उच्छे तो रह रहे कर उसका कहाना तो
29:04कहा जाएगी
29:08जिंदे की पर कोई हमदद भी नहीं बनाया उसने
29:14हम
29:16अब अब भी अपनी बेटी की फिकर कर रहें
29:20उस मासुम नवासी पे तरस भी आरा आपको
29:24जो एक मां के होते मां से महरूम हो गई
29:28फूल सी जान कैसे रह पाएगी उस
29:34अल्ला उसकी फासद करेंगा इन्शाला
29:38लेकि तुरे शैवार का नेमल मतल तो नहीं हो पाएगा था
29:42फात्मा फात्मा और कर भी क्या सकते हैं
29:52हमी तो खरूर में हैं
29:58जिस दिन ये खरूर तूटेगा पश्टावे का एहसास उसे चीडेने देगा
30:08तब तब क्या करेंगी वो
30:13मैं तो सोच रहा हूँ
30:16वली इन मिया पर कैसी क्यामत कुजरी होगी
30:21हाली नसर मिलाने के कापिल नहीं जोड़ा इसने किसी से
30:28एक किसी का भी ख्याल नहीं किया उस लड़ी
30:33और आप आप अब भी वो उसी की फिकर में बैठे हुए
30:38तो क्या करूं पात्मा क्या करूं
30:43क्या करूं
30:47पाप हूँ, मजबूर हूँ
30:51उसकी सलाफ़ी की फिकर
30:59एक काम करता हूँ, उसको कॉल करता हूँ
31:02उसको कहता हूँ भाई साब की तरफ चली जाए
31:05वैसे भी उनके बच्चे मुल्क से भार हैं और भाभी दुनिया में है नहीं
31:10अच्छा होगा उसके लिए भी
31:12के लिए भी
31:14कह दे
31:17उस बतनसीब को तो भी
31:20इदत भी पुरी कर भी होगी
31:29भाई साब का कर बेटर होगा सोगी
31:33वही भी कर पोल्बाए
31:39मुल्ट में आपले कि
31:42पह पहाँ
31:44पहाँ
31:46पहाँ
31:48पहाँ
31:50अड़
31:52बहाँ
31:54पहाँ
31:56हाँ
31:58अपवाँ
31:59यह सुब क्या हो ग्या?
32:08ऐसा तुमने कभी सोचा नहीं था
32:10इन दो मुझे भाई के लिए बहुत बुरा लग रहा है लेकिन
32:15शायद जो भी हुआ अच्छा ही हुआ
32:21हमारे लिए भाई दोनों के लिए
32:23क्योंकि तुरे शवार कभी भी भाई को खुष नहीं रख पाती
32:28नहीं बात
32:30चो कुछ भी हो एंचिक की बात करती उर नाहीं ऐसा कुछ होता
32:38तब भी होता
32:43शादी तब भी खतम हो जाती
32:45क्योंके वजह तुम नहीं
32:51शहीर है
32:53शहीर
32:59तुम्हारा शह गलत नहीं था यह बाद
33:06लेकिन उस वाद हमें से किसी को भी अंदाज़ा नहीं था
33:13कि तुरे शेवार के अंदर क्या चल रहा है
33:17लेकिन यह बाद भाई को बताई किसने
33:20तुमने
33:23अनिमून पर उन्हें खुद ही मालू होगे
33:28शहीर वहीं मौजूद था
33:34भाई कहार आये थे
33:38सबसे रिक्वेस्ट के ले
33:40कि तुरे शेवार को तलाक लेने से रोके
33:44अनलाव
33:45अलिका कितना बड़ा जल्व था
33:49सब कुछ जानते बूचते भी तलाक देना नहीं चाहते थे बाई
33:54दुरे शेवार
33:58दुरे शेवार ने परकुल अच्छा नहीं क्या बाई के सब
34:03तुमा के साथ जो कुछ भी वा उसके बाद
34:07भाई खुद को रोकी नहीं बाई
34:09भाई ये सब डिजावी नहीं करते थे
34:13नहीं सिच्वेशन नहीं दुरे शेवार को
34:34जी आपकी लुकेशन आग गई है
34:39460 रुपे हो गया आपके
34:40हां तो कौन से तुमारे पैसे लेके भाग जाओंगी
34:43मरे जा रहे है उतर के पहले समान तो उतार लो
34:45दे दे दी तुमारे पैसे
34:46अच्छा बीबी जी ठीक है
34:48मेरा क्या बंचानान पैसो से
35:01शेश साथ की कॉल आगे थे उन्हेंने बता दिया था
35:03आप चले
35:13अच्छा बंचान
35:15अच्छा
35:17झाल
35:19झाल
35:21झाल
35:23झाल
35:24झाल
35:25झाल
35:27झाल झाल
35:57झाल झाल
36:27झाल झाल
36:33झाल
36:35झाल

Recommended