00:00गुरूर ब्रह्मा, गुरूर विष्णों, गुरूर देवों, महेश्वरा, गुरूर शाक्षात, परब्रह्मा, तश्मै स्री गुरुवे नमा, प्यारे मित्रों, जैशिया राम, जैमाता दे मित्रों, आज आप से चर्चा करते हैं, पामन गुरु पूरिमा का सुन्दर साय
00:302025 गुरुवार को गुर पूरिमा का जो पावन पर्व है इसी भी सेपे करते हैं चर्चा
00:36आशाड मास की पूरिमा को गुर पूरिमा कहा जाता है यहाँ पावन पर्व गुरु और शिश्य के पवित्र रिस्तों का प्रतीक भी माना जाता है
00:47ऐसा माना जाता है कि इस दिन किसी पवित्र, नदी, तालाप या सरोर के पास में जा करके इश्टनान करना चाहिए
00:56गुरु पूरिमा के दिन गुरु का पूजन करना अत्यदिक शुब माना गया है
01:02जो लोग गुरु पूरिमा पर गुरु के स्थान पर नहीं जा सकते
01:07अपने ही घर पर गुरु देव की पावन चित्र को रख करके उनका पूजनित्याद कर सकते हैं
01:14और इस सास्त्र के अनुशार इस दिन भगवान विश्टनू माता लक्ष्मी के साथ
01:22सब लोगों को शत्य नारायन भगवान की पावन कथा को भी अपने घरों पर शंपन्य कराना चाहिए
01:30तो पूरिमा ति थी 10 जुलाई को सुबए 1 बच करके 36 मिनट पर प्रारम हो रही है
01:35और 11 जुलाई को 2 बच करके 6 मिनट पर समाप्त हो जाएगी
01:40तो गुर्पूरिमा का जो पावन पर्व है यह 10 जुलाई 2025 को मनाया जाएगा
01:46गुर्पूरिमा परिष्टनान दान करना अत्य दिक्षुब माना जाता है
01:51गुर्पूरिमा परिष्टनान दान करने का जो ब्रह्म महूर्त है
01:55वह सुबह चार बच करके दस मिनट से प्रारम हो करके चार बच कर पचास मिनट तक रहेगा
02:00अबेजीत महूर्त ग्यारा बच करके उन्चास मिनट से लेकर के बारा बच करके चववन मिनट तक रहेगा
02:08और विजय मुहूर तो दोपार में दो बच करके 45 मिट से लेकर के 3 बच करके 40 मिट तक रहेगा
02:14गुर पूरिमा की पौरानिक महत्राओं को अगर हम बताएं माननेताओं को देखें
02:19पौरानिक बिचारों को देखें तो गुर पूरिमा को ब्यास पूरिमा के नाम से भी जाना जाता है
02:26इस दिन बेदब ब्यास जी को यह समरपित है माननेता है कि इस दिन ही उन्होंने भागवत पुरान का ज्यान भी दिया था
02:35तो मित्रों हमने आपको गुरिपूरिमा बताया कि कब मनाना है और किस तरह से हमको गुरिपूरिमा पर गुरु का पूजन करना है
02:43पुना मिलता हूने वीडियो में तब तक के लिए इदाज़त दीजिये जैमातादी जैमागंगे
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