00:00बड़ी दिल्चस्प बात है चोटी सी यह जरा गोर से सुनेगा
00:03अभी मैं ग्रासरी करने गई एक स्टोर पे तो वहां एक आदमी दूसरे आदमी से लगा हुआ था बात चीख करने के लिए
00:09पुषीन ह से आए वा था तो सर पकड़ के दुबारा था तो दूसरे ने का कि की गाले गरमी तो गबराए है
00:15उने का नहीं सिर्फ दर्दनी हरदा मेरा उने का हला तो तंगे हैं मंगाई नी हर बंदा परिशान है
00:21तो उसने आगे से जवाब दिया और ने कहा मंगाई दा की है आज है काल खत्म होजेगी चलो ला रोटी ते पूरी कार रहने का फर मसला की है क्यों हाट टेम सेर पड़के बैठा रहना है उस आदमी ने जवाब आगे से दिया उसने कहा कि मंगाई तो भी लड़या जा सकता है
00:51हाथ से परशान होके नहीं मरता उसको घर वाली के और घर वाली को आदमी के जो है ना वो रवएए वो मार देते हैं कि नोबद खुदकुशियों तक का जाती है
01:01सो आजकर बाहर के हलात इतने खराबे खास तोर पर ये गर्मियों में मजदूरियां करने इतनी मुश्कल है खावतीन थोड़ा सा घर के मर्दों का ख्याल किया करें
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