00:00इसल 9 और 10 मुहर्म जुलाई की 5 और 6 तारीक को मनाई जा रही है
00:07मुहर्म का रोजा इसलाम में बहुत फजीलत रखता है
00:11ये रोजा हजरत इमाम हुसेन की कुर्बानी के याद के साथ साथ
00:15पैगंबर मुसा और उनके अनुयायों की फराउन से जीत की याद में रखा जाता है
00:21पैगंबर मुहम्मद ने खुद इन दिनों में रोजा रखा और अपने उम्मत को भी रखने की सला दी है
00:26आईए इस वीडियो में आपको बता दे कि 9 और 10 मुहरम का रोजा कैसे रखें
00:31इसकी नियत और तरीका क्या है
00:339 और 10 मुहरम यानि की दोनों दिन रोजा रखना चाहिए
00:37ताकि यहूदी परंपरा से अलग हो जो सिर्फ 10 को रोजा रखते हैं
00:41अगर दो दिन नहीं रख सकते तो 10 और 11 मुहरम को रोजा रखना जरूरी होगा
00:46रोजा रखने की नियत दिल से की जाती है
00:49अगर आप दिल से रादा कर लेते हैं कि मैं अल्ला की रजा के लिए मुहरम का रोजा रख रहा हूँ
00:53ये रख रही हूँ तो वो नियत हो जाती है
00:55लेकिन आप चाहें तो ये नियत की दुआ भी पढ़ सकते हैं
00:58रोजा खोलने की दुआ कुछ इस तरह है
01:10वही रोजे का समय सहरी यानि की रोजा रखने का वक्त फजर यानि की सुबह की अजान से पहले तक और इफ्तार सूरज ढलते ही मगरीब की अजान के साथ
01:29इस दिन की फजीलत हदीस के मताबिक
01:40रोजे में किन बातों से बचें जूट बोलना गाली देना जगडा करना गुसा बुरा देखना या सुनना खुद को नुकसान देना इसलामी दृष्टिकोंड से ये हराम है
01:51फिलहाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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