00:00भूतिया होटल रूम नमबर 368
00:02एक तरावनी प्रेम, वासना और धोके की कहानी
00:07मुंबई के कुलाबा इलाके में स्थित होटल ग्रान रिवेरा एक समय शहर के सबसे आलिशान होटलों में से एक था
00:16मगर अब उसकी उंची दीवारों और सुनसान गलियारों में सनाटा राज करता था
00:23लोगों का कहना था कि तीसरी मंजिल का रूम नमबर 368 कभी किसी प्रेम कहानी का मूग गवाह था
00:30जो अब बदले में एक शाब पन चुका है
00:33कहानी की शुरुवात आरव मलहुत्रा एक प्रसिद्ध फैशन फोटोग्राफर हाल ही में एक ब्रेक अप से गुजरा था
00:41वो अपने जीवन की उलजनों से भागता हुआ कुछ दिन अकेले बिताने के लिए होटेल ग्रैंड रिवेरा आया
00:48रिसेप्शन पर बैठी युवदी ने जब उसे रूम नंबर 368 की चाबी दी तो उसके चेहरे पर एक पल को जिजक आई
00:56लेकिन आरव ने नजर अंदाज कर दिया
00:59सर अगर आप चाहें तो दूसरा रूम
01:02नहीं यही ठीक है
01:04आरव ने मुस्कुरा कर कहा और चाबी जेब में डाल ली
01:07रूम में प्रवेश करते ही उसे एक अजीब सी ठंडक का एहसास हुआ
01:11पुरानी दीवारों से जैसे कुछ फुस फुसाहटे निकल रही थी
01:15खिडकी पर धूल जमी थी
01:17मगर कमरे में एक शानदार बिस्तर और एक बड़ा शीशा था
01:21जैसे ही वो कैमरा बैक खोल कर काम की तयारी करने लगा
01:25उसके कानों में एक धीमी सी इस्तरी की हसी गुंजी
01:29कौन? वो चौक कर पढ़टा
01:31कमरा खाली था
01:32उसने अपने आप को समझाया
01:34कि ये थकान की वज़े से हो रहा है
01:36अगली रात जब वो बिस्तर पर लेटा हुआ था
01:40तब उसे दर्वाजा अपने आप खुलता महसूस हुआ
01:43अंदर एक बेहत सुन्दर युवती प्रवेश कर रही थी
01:47लंबे खुले बाल, लाल साड़ी
01:49गीली आँखों में दर्द और आकरशन दोनों की चाया
01:53मैं रिया हूँ, क्या मैं अंदर आ सकती हूँ?
01:56उसकी आवाज में ऐसा सम्मोहन था
01:58कि आरव न कह ही नहीं पाया
02:01रिया उसकी और बढ़ी
02:02और दोनों की आँखों में एक अजीब सी कशिश जाग उठी
02:06उसके होंट, उसकी सांसें, उसकी गर्मा हट
02:10एक पल को लगा जैसे पूरी दुनिया थम गई हो
02:13वो रात एक अनकही वासना और सम्मोहन की रात बन गई
02:17सुबह जब आरव जागा, तो कमरे में कोई नहीं था
02:21रिया का कोई नामों निशा नहीं था
02:24मगर शीशे पर लाल लिपस्टिक से लिखा था
02:28वो जो तुम्हें चाहती थी, अब तुम्हारा इंतजार करती है
02:32वो घबरा गया
02:33रिसेप्शन पर जाकर पूछा
02:35रिया, जो कल रात मेरे कमरे में आई थी
02:38रिसेप्शनिस्ट का चहरा पीला पड़ गया
02:41सर, इस होटल में कोई रिया नहीं है
02:44और तीसरी मंजिल पर कोई नहीं थैरता
02:47आरव को धीरे धीरे इस कमरे का इतिहास पता चला
02:51दस साल पहले, रिया एक मॉडल थी
02:55जो होटल के इसी कमरे में अपने प्रेमी विवेक के साथ ठहरी थी
02:58दोनों का अफैर था, लेकिन विवेक पहले से शादी शुदा था
03:03रिया को जब ये सच पता चला, तो उसने होटल के इसी कमरे में आत्महत्या कर ली
03:08और मरने से पहले उसने कसम खाई
03:11कि वो हर उस व्यक्ती से बदला लेगी जो उसे धोखा देगा
03:16आरव उस रात जल्दी सो गया, मगर आधी रात को कमरे की लाइटें अपने आप बंद हो गई
03:23शीशा धुंदला हो गया और उसमें रिया का चहरा उभराया
03:27उसकी आँखों से खून बह रहा था
03:29तू भी उन्हीं में से है आरव, प्यार के नाम पर धोखा देने वाला
03:34नहीं, मैं अलग हूँ, मैंने तुम से कुछ नहीं छिपाया
03:39तू भी मेरा इस्तिमाल कर रहा था, अब तू मेरा होगा, हमेशा के लिए
03:44कमरे का तापमान अचानक गिरने लगा
03:47आरव को जैसे किसी अद्रिश्य ताकत ने बिस्तर से उठा कर दीवार पर दे मारा
03:52उसके शरीर में जकडन होने लगी और उसकी आँखे पलटने लगी
03:56अगली सुभा, होटल स्टाफ को रूम नमबर 368 का दर्वाजा खुला मिला
04:01अंदर आरव का शव बिस्तर पर था
04:03उसकी आँखे फटी हुई थी, होट पर हलकी मुस्कान थी
04:07और उसके सीने पर लिप्स्टिक से लिखा था, अब वो मेरा है
04:12आज भी होटल ग्रैंड रिवेरा का रूम नमबर 368 बंध है
04:17कहते हैं, जो वहां रुकता है, अगर उसके दिल में कोई धोखा छिपा हो
04:22तो रिया उसे अपने साथ ले जाती है
04:25प्यार, वासना और बदले के उस अंधे शून्य में
04:30जहां से कोई लौट कर नहीं आता
04:32भूतिया होटल रूम नमबर 368
04:35भाग दो, प्रेम, वासना, धोखा
04:38और आत्मा की वापसी की अंतिम कहानी
04:41आरव मलहोत्रा, एक नामी फोटोग्राफर
04:45अपने दर्द से बचने के लिए
04:47होटल ग्रैंड रिवेरा की रूम नमबर 368 में ठहरा
04:51वहां उसकी मुलाकात हुई
04:53रिया नाम की रहस्य मई और आकर शक्स्त्री से
04:56जो उसकी रातों में प्रेम और वासना की लहर बन कर समा गई
05:00लेकिन वो उस्त्री अपसे नहीं
05:02बलकि अतीच से थी
05:03एक आत्मा जिसने धोके में खुदकुशी की थी
05:07और अब वो बदला ले रही थी
05:09अगली सुभा आरव की लाश उसी कमरे में मिली
05:13और उसके शरीर पर लिखा था
05:15अब वो मेरा है
05:16एक साल बाद
05:18होटल ग्रैंड रिवेरा की तीसरी मंजिल पिछले एक साल से बंद थी
05:22लेकिन आज होटल में एक नया मैनेजर आया था
05:26तनिया कपूर
05:27तेज तर्रार
05:28आत्म विश्वासी
05:30और भूत प्रेट की कहानियों को बकवास मानने वाली
05:33अगर ये रूम सच में भूतिया होता
05:36तो सीसी टीवी में कुछ दिखता
05:38उसने मुस्कुरा कर कहा
05:40और सीधे तीसरी मंजिल की और बढ़ गई
05:42रूम नमबर 368 का दर्वाजा अब भी बंद था
05:46लेकिन अंदर से जैसे किसी ने उसे बुलाया हो
05:49दर्वाजा खुद ही चक की आवाज के साथ खुल गया
05:52रूम में घुसते ही तनिया को ऐसा लगा
05:55जैसे हवा भारी हो गई हो
05:57दिवारों पर आरव की तस्वीरें थी
05:59जिने शायद किसी ने बाद में चुप चाप टांगा था
06:02एक कोने में रखा शीशा धुंदला होने लगा
06:06और तब ही उसकी परचाई में रिया की आकरती उभर आई
06:10तुम्हें डर नहीं लगता
06:12रिया की आवाज गुंजी
06:27अचानक शीशे में तनिया खुद को नहीं
06:30बलकि आरव को देखने लगी
06:32जो अब उसकी आँखों से उसे देख रहा था
06:35क्या तुम सच में यहां खुद आई हो
06:38आरव की आत्मा बोली
06:40तनिया पीछे हटने लगी
06:42लेकिन कमरे का दर्वाजा बंध हो चुका था
06:45और इस बार पहले से अधिक आकरशक और भायावा
06:48उसने तनिया को चुआ
06:50और उसकी नसे ठंडी होने लगी
06:53मैं चाहती थी कोई ऐसा जो मुझे समझे
06:57मुझे अपनाए बिना किसी धोखे के
07:01पर हर बार मुझे वासना मिली प्यार नहीं
07:06और अब तुम क्या चाहती हो
07:08तनिया ने साहस दिखाते होए पूछा
07:11एक और आत्मा जो मुझे अकेलापन बाटने दे
07:15तुम आए हो तो अब जाओगी नहीं
07:19तनिया ने अचानक अपनी पॉकेट से काली रुद्राक्ष माला निकाली
07:23जो उसे उसकी दादी ने दी थी
07:25माला कमरे में घुस्ते ही गरम हो गई थी
07:27रिया चिल्लाई
07:29ये नहीं
07:31ये मुझे बांध देगी
07:32तनिया ने मंत्र पढ़ा
07:34और कमरे में एक जोरदार जटका हुआ
07:37लाइट्स भढ़ गई
07:38शीशा तूट गया
07:40और रिया की आत्मा तडपती हुई कमरे में कैद हो गई
07:43आरव की आत्मा भी अचानक शांत हो गई
07:46जैसे उसे मुक्ती मिल गई हो
07:48अगले दिन
07:49होटल स्टाफ ने देखा
07:51रूम 368 में अब कुछ नहीं था
07:54कमरे की दिवारे साफ थी
07:56आरव की तस्वीरें भी गायब थी
07:58लेकिन शीशे के टूटे टुकरे में
08:01रिया की आँखें अभी चमक रही थी
08:03तन्या ने होटल छोड़ दिया
08:05लेकिन जाते जाते
08:06रिसेप्शन पर एक बात कही
08:08कमरा अब खाली है
08:10लेकिन क्या वाकई मुक्त है
08:12अंत में सिर्फ एक सवाल रह जाता है
08:15क्या रिया अब भी किसी और आत्मा की तलाश में है