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Transcript
00:00देढ़े अब शुर्ट था हिख देढ़ें
00:09ममा, ममा रिलेक्स, क्म डाउं
00:12मयन्म फें माग देढ़ें में उन से जाकर कह रहें
00:17कि आपा जी से कहीएगा कि मुचे बाफ कर दे
00:21मौबे तो वहीं जा रहे है न?
00:24ममा क्म डाउं, बाबा बात कर रहे हैं न?
00:27आप relaks करें
00:27ये दूनिया है न, हो सब कुछ मुमकिन है
00:33अपने जान देते भी है
00:36अबन मा कता न Disney है अबनो
00:37जान ले भी सब जान ले
00:41जैसे जिसे डुष उसके जिसम के अंदर जाए गी
00:43उसका बेपी शूट अब करेगा
00:44रई शाह जमान का एक्सिलेंट में इंतकाल हो गया
00:49और उसका बेटा शेर जमान भी शदीद जखमी हुए
00:57अब लब इस प्रेक डाम हो जाएगा उसका पिर शेर की कहाने का दो
01:06जिस तरह उसने मुझे सनेन क्या इट्वीक फुफसी उस्यत से सिसकते एडिया रगड़ते रगड़ते मरते देखना चाहता हूं
01:15कभी-कभी सूचता हूं सच मुझ इतनी खुबसूरत हुए या मुझे लगती
01:24वो के रहे हैं ना मैं कैसे मान डूँ आखुए
01:38सौसला करें हिनत करें लाखेर करेंगा
01:49पर दुफीन के बाद मैं आप खुद ले के आजाओ
01:54बाप है बजाद मैंने तुम से बस बस करो शाताज बस करो
02:05इतने दिनों बाद आया है उसको कुछ दिन इस खर में सकून से रहने की
02:10थाई जन आप क्या भूल गएं कि इसकी बीवी के खांदाद का लड़का था जिसने आपकी बेटी को भगाया था एन शादी वाली रात
02:20कभी-कभी सूचता हूं
02:38सच मुझे इतनी खूबसूरत हुई या मुझे लगती हूँ
02:43हमारी महनी पे मुझे यकीन नहीं आता कि तो मुझे मिल गई
03:08या सानी से वांपते कहां मिलती हैं
03:15कर दो मारी मुझे इतनी वांपते कहां मुझे वां मुझे मुझे या गिगारे मुझे ।
03:31धुझ कुझ कुझ कुझ कुझ
04:01प्स्वा माज
04:10प्सवा प्सवा माजं
04:15झाम प्रधी हूं।
04:45कभी कभी सोचता हूँ
04:49सेच मुझे इतनी खुबसूरत हुई या मुझे लगती हुई
05:07हमारी महमी पे मुझे यकीन नहीं आता कि तुम मुझे मिल गई
05:11या सानी सी
05:23विर्ज इस किस्ट में आप देखेंगे
05:27कि जहां महरीन और रजा के जिन्दगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
05:31दुनों के दर्मयान नापसंदियेगी के बوجود
05:34किस्मत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रही है
05:37महरीन गर वाबस आकर परेशान हो जाती है उसे समझ नहीं आ रहा
05:41कि क्यों रजा की बाते है और विया इसके दिल उदी माफरा सर डाल रहा है
05:45वो खुद को समझाने के कोशश करती है कि ये सब इतिपाक ता
05:49लेकिं दूनी तोर पर वो खुद भी उलजिन का शिकार है
06:07अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है अब मजीद चूकना हो गए है
06:12उसे हसास हो रहा है कि रजा बदलने लगा है वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेज़ करवाने के लिए
06:18इसके माँ को राजी करने के कोशश करती है
06:21रजा की मा को भी लगने लगा है कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
06:27इस पर वो परेशान हो जाती है
06:29इदर शायान भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
06:32वो इसी युनिवस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
06:37लेकिन महरीन खमोशी से सब कुछ सहरे ही है
06:40वो इस कहानी में नियाम उलतावाता है जि महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
06:45और वो अचानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
06:48इस बार भी तलखी जनम लेती है
06:50लेकिन साथ ही रजा वेसाथ होता है
06:52कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तोर पर जियादा सोचने लगाए
06:56वो खुद को सखत और लापर वाद जाहर करता है
06:59लेकिन इसके नजरों में वाज़ता पर कुछ बदल किसके आखिर में ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दे है
07:05कि वो जल्द जल शादी की तारीख दे कर दे कर दे
07:07ताकि कोई और इनके दर्मयान ना सके
07:09वर्ज ये कि जजबात के श्मकर से बरपूरती है
07:12रजा और मेहरीन बार बार के मुलाकाते एक दिल्चस्ट लल्व का आखास कर रही है
07:16जब के अरीशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
07:20वर्ज इस किसमें आप देखेंगे
07:23कि जहां मेहरीन और रजा के जिंदेगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
07:28दुनों के दर्मयान नापसंदियगी के बوجود
07:30किसमत बार बार उन्हें एक दुसे के सामने ला रहे है
07:33मेहरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
07:36उसे समझ नहीं आ रहा कि क्यों रजा की बाते है
07:39और रविया इसके दिल उदी माफरा सार डाल रहा है
07:42वो खुद को समझाने के कोशश करती है
07:44कि ये सब एतिपाक ता लेकिं दुरुनी तोर पर वो खुद भी उल्जिन का शिकार है
07:48दुसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
07:51वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
07:54लेकिन हरकिकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
07:58इसके अंदर एक जीब बेचेने पिदा हो चुकी है
08:01जिसे वो समझने से कासिर है
08:03अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
08:07अब मजीद चूकना हो गए है
08:08उसे हसास हो रहा है
08:10कि रजा बदलने लगा है
08:12वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
08:14इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
08:17रजा की मा को भी लगने लगा है
08:20कि शायद इनका वेटा किसी और की तरफ माईल हो रहा है
08:23इस पर वो परेशान हो जाती है
08:25इदर शायान भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
08:29वो इसी उन्वेस्टी चॉलने और शादी के बाद
08:31सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
08:34लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
08:37वो इस कहानी में नियाम उलता बाता है
08:39जि महरीन अपनी बेहन के साथ बादार जाती है
08:42और वह चानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
08:44इस बार भी तलखी जनम लेती है
08:47लेकिन साथ ही रजा वे साथ होता है
08:49कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तर पर
08:51ज्यादा सोचने लगाए है
08:53वो खुद को सख्त और लापर वाज़ जाहर करता है
08:55लेकिन इसकी नजरों में वाज़ी तर पर
08:57कुछ बदल किसके आखिर में ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दे है
09:01कि वो जल्द जल शारी की तारीख दे कर दे कर दे
09:04ताकि कोई और इनके दर्मयान ना सके
09:05वोर्ज ये कि जजबात के श्मकर से बर्पूरती
09:08ये रजा और मेहरीन बार बार के मुलाकाते एक दिल्चस्ट अल्व का आखास कर रही है
09:12जब के रिशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
09:16वोर्ज इस किसमें आप देखेंगे
09:20कि जहां मेहरीन और रजा के जिंदेगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
09:24दुनों के दर्मियान नापसंदियगी के बوجود
09:26किसमत बार बार उन्हें एक दुसे के सामने ला रहे है
09:30मेहरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
09:33उसे समझ नहीं आ रहा कि क्यों रजा की बाते है
09:35और रविया इसके दिल और दिमाफर असर डाल रहा है
09:38वो खुद को समझाने के कोशश करती है
09:40कि ये सबी तिपाक ता लेकिं दूनी तोर पर वो खुद भी उलजिन का शिकार है
09:45दूसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
09:48वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
09:51लेकिन हकीकित में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
09:55इसके अंदर एक अजीब बेचेने पिदा हो चुकी है
09:57जिसे वो समझने से कासिर है
09:59अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
10:03अब मजीद चूकना हो गए है
10:05उसे हसास हो रहा है
10:06कि रजा बदलने लगा है
10:08वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
10:11इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
10:14रजा की मा को भी लगने लगा है
10:17कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
10:20जिस पर वो परेशान हो जाती है
10:22इदर शायान भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
10:25वो इसे उन्वेस्टी चॉलने और शादी के बाद
10:27सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
10:30लेकिन महरीन खमोशी से सब कुछ सहरे ही है
10:33वो इस कहानी में नियाम उलतावाता है
10:35जि महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
10:38और वह चानक पिरसे रजा से सामना हो जाता है
10:41इस बार भी तलखी जनम लेती है
10:43लेकिन साथ ही रजा वे साथ होता है
10:45कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तार पर
10:47जियादा सोचने लगाए है
10:49वो खुद को सख्त और ला परवाद जाहर करता है
10:52लेकिन इसकी नजरों में वाज़ी तार पर
10:53कुछ बदल किसके आखिर में
10:56ररीशा और रजा के वली दिन से कह दे है
10:58कि वो जल्द जल शादी की तारीख दे कर दे
11:00ताके कोई और इनके दर्मियान ना सके
11:02वर्ज ये कि जजबात कश्मकर से बरपूरती
11:04ये रजा और महरीन बार बार के मुलाकाते
11:07एक दिल्चस्ट लल्व कागास कर रही है
11:09जब के अरीशा और शायान के करदार
11:10कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
11:13वर्ज इस किसमें आप देखेंगे
11:16कि जहां महरीन और रजा के जिन्दगी में
11:19बदलाव वाजिह नज़र आता है
11:20दुनों के दर्मियान नापसंदिएगी के बوجود
11:23किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
11:26महरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
11:29उसे समझ नहीं आ रहा
11:30कि क्यों रजा की बाते और रविया
11:32इसके दिलों दिमाफरा सरा डाल रहा है
11:34वो फ़ो को समझाने के कोशश करती है
11:37कि यह सबी तुपाक तालिके अंद्रूनी तरपर वो खुद भी यह जनका शिकार है
11:41दुसी तरफ रजा भी परेशान दिखाई देता है
11:44वो फ़ोगो सच्थ और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
11:47लेकिन हकीकित में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
11:51इसके अंदर एक जीब बेचेने पिदा हो चुकी है
11:54जिसे वो समझने से कासिर है
11:56अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
11:59अब मजीद चूपना हो गए है
12:01उसे हसास हो रहा है कि रजा बदलने लगा है
12:04वो जल जल जल शादी के तयारों को तेस करवाने के लिए
12:07इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
12:10रजा की मा को भी लगने लगा है
12:13कि शायद इनका वेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
12:16जिस पर वो परेशान हो जाती है
12:18इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
12:21वो इसी उनिविस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
12:26लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
12:29विए उसकाने में नियाम अलताता है
12:32जिमेरीन अपनी बेहन के साथ बивается है
12:34और वो अचानक पिर्से रुदा से सामना हो जाता है
12:37इस बार भी तलकी जनम लेती है
12:39लेकिन साथ ही रिजा ओशाद होता है
12:41कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तर पर जियादा सोचने लगाए
12:46वो खुद को सख्त और लापर वाज जाहर करता है
12:48लिकिन इसके नजरों में वाज़ तर पर कुछ बदल किसके आखिर में
12:52रिशा और रजा के वाली दिन से कह दे है
12:54कि वो जल जल जल शायदी के तारीख दे कर दे कर दे तके कोई और इनके दर्मयान ना सके
12:58वोर्ज ये कि जबात किश्मकर से बरपूरती ये
13:01रजा और महरीन बार बार के मुलाकाते एक दिलचस्ट अल्व का आखास कर रहे है
13:05जब के रिशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
13:09वोर्ज इस किसमें आप देखेंगे
13:12कि जहां महरीन और रजा के जिन्देगी में बदलाव वाजिह नजर आता है
13:17दुनों के दर्मयान नापसंदियेगी के बوجود
13:19किसमत बार बार उन्हें एक दुसे के सामने ला रहे है
13:22महरीन गर वापस आकर परेशान हो जाती है
13:25उसे समझ नहीं आ रहा कि क्यों रजा की बाते है
13:28और विया इसके दिल उदी माफरा सार डाल रहा है
13:31वो खुद को समझाने के कोशश करती है
13:33कि ये सबी तिपाक ता लेकिं दुरूनी तोर पर वो खुद भी उलजिन का शिकार है
13:37दुसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
13:40वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
13:44लेकिन हाकिकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
13:47इसके अंदर एक अजीब बेचेने पिदा हो चुकी है
13:50जिसे वो समझने से कासिर है
13:52अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
13:56अब मजीद चूपना हो गए है
13:58उसे हसास हो रहा है
13:59कि रजा बदलने लगा है
14:01वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेज़ करवाने के लिए
14:04इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
14:06रजा की मा को भी लगने लगा है
14:09कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
14:12इस पर वो परेशान हो जाती है
14:14इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
14:18वो इसे युनिविस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक मेहदूर रहने के लिए कायल करना चाता है
14:23लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
14:26मेहरीन अपनी बेहन के साथ बजार जाती है
14:31और वो अचानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
14:34इस बाद भी तलखी जनम लेती है
14:36लेकिन साथ ही रजा वे साथ होता है
14:38कि वो महरीन के बारे में गैर ज़रुरी तरपर ज्यादा सोचने लगाए
14:42वो खुद को सख्ट और लापर वाँ जाहर करता है
14:44लेकिन इसके नजरों में वाज़ तर पर कुछ बदल किसके आखिर में
14:48ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दिये है
14:51कि वो जल जल जल शादी की तारीख दे कर दे कर दे
14:53ताकि कोई और इनके दर्मियान ना सके
14:54वोर्ज ये कि जजबात के श्मकर से बरपूरती है
14:57रर्जा और मेहरीन बार बार के मुलाकाते एक दिलचस्ट लल का आखास कर रहे है
15:01जब के रिशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
15:06वोर्ज इस किसमें आप देखेंगे
15:09कि जहां मेहरीन और रजा के जिन्दगी में बदलाव वाजिह नजर आता है
15:13दुनों के दर्मियान नापसंदियगी के बوجود
15:16किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
15:19मेहरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
15:22उसे समझ नहीं आ रहा कि क्यों रजा की बाते है
15:25और रविया इसके दिल उदी माफरा सर डाल रहा है
15:27वो खुद को समझाने के कोशश करती है
15:29कि ये सब एतिपाक ता लेकिं दूनी तोर पर वो खुद भी उल्जिन का शिकार है
15:34दूसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
15:37वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
15:40लेकिन हकीकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
15:44इसके अंदर एक जीब बेचेने पिदा हो चुकी है
15:46जिसे वो समझने से कासिर है
15:48अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
15:52अब मजीद चूकना हो गए है
15:54उसे हसास हो रहा है
15:55कि रजा बदलने लगा है
15:57वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
16:00इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
16:03रजा की मा को भी लगने लगा है
16:06कि शायद इनका वेटा किसी और की तरफ माईल हो रहा है
16:09इस पर वो परेशान हो जाती है
16:11इदर शायान भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
16:14वो इसी उन्वेस्टी चौनने और शादी के बाद
16:16सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
16:19लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
16:22विवर्स कहानी में नियाम उलता बाता है
16:24जि महरीन अपनी बेहन के साथ बादार जाती है
16:27और वह चानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
16:30इस बार भी तलखी जनम लेती है
16:32लेकिन साथ ही रजा बेहसाथ होता है
16:34कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तार पर
16:36जियादा सोचने लगाए
16:38वो खुद को सख्त और ला परवाद जाहर करता है
16:41लेकिन इसकी नजरों में वाज़ी तार पर
16:43कुछ बदल किस के आखिर में
16:45ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दे है
16:47कि वो जल्द जल शादी की तारीख दे कर दे
16:49ताकि कोई और इनके दर्मयान ना सके
16:51वर्ज ये कि जजबात के श्मकर से बरपूरती
16:54ये रजा और महरीन बार बार के मुलाकात
16:56एक दिल्चस्ट अल्व का आखास कर रही है
16:58जब के रीशा और शायान के करदार
16:59कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
17:02वर्ज इस किस में आप देखेंगे
17:05कि जहां महरीन और रजा के जिन्देगी में
17:08बदलाव वाजिह नजर आता है
17:09दुनों के दर्मियान नापसंदेगी के बوجود
17:12किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
17:15महरीन गर वापस आकर परेशान हो जाती है
17:18उसे समझ नहीं आ रहा
17:19कि क्यों रजा की बाते है
17:21और रविया इसके दिल उदी माफरा सार डाल रहा है
17:23वो खुद को समझाने के कोशश करती है
17:26कि ये सब इती पाक ता लकैं दुरूनी तोर पर वो खुद भी उल जिनका शिकार है
17:30दूसी तरफ रजाबी परेशान दिकाई देता है
17:33वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
17:36लेकिन हकीकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
17:40इसके अंदर एक अजीब बेचेने पिदा हो चुकी है
17:43जिसे वो समझने से कासिर है
17:45अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
17:49अब मजीद चूकना हो गए है
17:50उसे हसास हो रहा है
17:52कि रजा बदलने लगा है
17:53वो जल जल जल शादी के तयारों को तेस करवाने के लिए
17:56इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
17:59रजा की मा को भी लगने लगा है
18:02कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
18:05इस पर वो परेशान हो जाती है
18:07इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
18:10वो इसी उनिविस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक महदूर रहने के लिए कायल करना चाता है
18:15लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
18:18महरीन और अपनी बेहन के साथ बाद जाता है
18:23और वो उह चानक पिर से अरजा से सामना हो जाता है
18:26इस बार भी तलखी जनम लेती है
18:28लेकिन साथ ही यह रजा वे वेशाथ होता है
18:31कि वो महरीन के बारे में घेर ज़रूरी तार पर जियादा सोचने लगाए
18:35वो खुद को सख्ट और ला परवाद जाहर करता है
18:37लेकिन इसके नजरों में वाज़ तर पर कुछ बदल किसके आखिर में
18:41रिशा और रजा के वली दिन से कह दिये है
18:43कि वो जल जल जल शादी की तारीख दे कर दे कर दे
18:45ताकि कोई और इनके दर्मियान ना सके
18:47वोर्ज ये कि जजबात किश्मकर से बरपूरती ये
18:50रजा और मेरीन बार बार के मुलाकाते एक दिलचस्ट लल का आखास कर रहे है
18:54जब के अरिशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
18:58वोर्ज इस किसमें आप देखेंगे
19:01कि जहां मेरीन और रजा के जिंदेगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
19:06दुनों के दर्मियान नापसंदियगी के बوجود
19:08किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
19:11मेरीन गर वापस आकर परेशान हो जाती है
19:14उसे समझ नहीं आ रहा
19:16कि क्यों रजा की बाते और रविया इसके दिल दिमाफरा सर डाल रहा है
19:20वो खुद को समझाने के कोशश करती है
19:22कि ये सबी तिपाक ताले के अंदूनी तोर पर वो खुद भी उलजिन का शिकार है
19:27दूसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
19:29वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
19:33लेकिन हकीकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
19:36इसके अंदर एक जीब बेचेने पिदा हो चुकी है
19:39जिसे वो समझने से कासिर है
19:41अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
19:45अब मजीद चूकना हो गए है
19:47उसे हसास हो रहा है
19:48कि रजा बदलने लगा है
19:50वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
19:53इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
19:55रजा की मा को भी लगने लगा है
19:58कि शाय दिन का वेटा किसी और की तरफ माईल हो रहा है
20:01इस पर वो परेशान हो जाती है
20:03इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
20:07वो इसी उनविस्टी चौने और शादी के बाद
20:09सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
20:12लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
20:15वो इस कहानी में नियामो लतवाता है
20:17जि महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
20:20और वह अचानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
20:23इस बार भी तलखी जनम लेती है
20:25लेकिन साथ ही रजा वे साथ होता है
20:27कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तार पर
20:29जियादा सोचने लगाए है
20:31वो खुद को सख्त और लापर वाद जाहर करता है
20:34लेकिन इसकी नजरों में वाज़ी तार पर
20:35कुछ बदल किसके आखिर में ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दे है
20:40कि वो जल्द जल शादी की तारीख दे कर दे कर दे
20:42ताकि कोई और इनके दरम्यान ना सके
20:44वर्ज ये कि जजबात कश्मकर से बरपूरती
20:46ये रजा और मेहरीन बार बार के मुलाकाते एक दिल्चस्त दल्व का आखास कर रही है
20:50जब के रिशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
20:55वर्ज इस किसमें आप देखेंगे
20:58कि जहां मेहरीन और रजा के जिन्दगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
21:02दुनों के दर्मियान नापसंदियगी के बوجود
21:05किसमत बार बार उन्हें एक दुसे के सामने ला रहे है
21:08मेहरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
21:11उसे समझ नहीं आ रहा कि क्यों रजा की बाते है
21:14और विया इसके दिल दिमाफरा सर डाल रहा है
21:16वो खुद को समझाने के कोशश करती है
21:18कि ये सबी तिपाक ता लेकिंदूनी तोर पर वो खुद भी उलजिन का शिकार है
21:23दुसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
21:26वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
21:29लेकिन हरकिकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
21:33इसके अंदर एक अजीब बेचेने पिदा हो चुकी है
21:36जिसे वो समझने से कासिर है
21:38अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
21:41अब मजीद चूकना हो गए है
21:43उसे हसास हो रहा है
21:44कि रजा बदलने लगा है
21:46वो जल जल जल शादी के तयारों को तेस करवाने के लिए
21:49इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
21:52रजा की मा को भी लगने लगा है
21:55कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
21:58इस पर वो परेशान हो जाती है
22:00इदर शायान भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
22:03वो इसे युनिविस्टी चूलने और शादी के बाद
22:05सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
22:08लेकिन महरीन खमोशी से सब कुछ सहरे ही है
22:11वो इस कहानी में नियाम उलतवाता है
22:13जि महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
22:16और वो अचानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
22:19इस बार भी तलखी जनम लेती है
22:21लेकिन साथ ही रजा वेसाथ होता है
22:23कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तार पर
22:26ज्यादा सोचने लगाए है
22:27वो खुद को सख्त और लापर वाद जाहर करता है
22:30लेकिन इसके नजरों में वाज़ी तार पर
22:32कुछ बदल किसके आखिर में
22:34ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दे है
22:36कि वो जल्द जल शादी के तारीख दे कर दे
22:38ताकि कोई और इनके दरम्यान ना सके
22:40वर्ज ये कि जजबात कश्मकर से
22:42बरपूरती ये रजा और महरीन बार बार के
22:44मुलाकाते एक दिल्चस्ट लल्व का आखास कर रही है
22:47जब के अरीशा और शायान के करदार
22:49कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
22:51वर्ज इस किसमें आप देखेंगे
22:54कि जहां महरीन और रजा के जिन्दगी में
22:57बदलाव वाजिह नज़र आता है
22:58दुनों के दर्मयान नापसंदियगी के बوجود
23:01किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
23:04महरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
23:07उसे समझ नहीं आ रहा
23:08कि क्यों रजा की बाते और रविया
23:11इसके दिल उदी माफरा सार डाल रहा है
23:12वो खुद को समझाने के कोश़िक करती है
23:15कि यसली तिह थी पाक ता
23:16लेक gayं अंदूनी तोर पर वो खुद भी
23:18औल जिन का शिकार है
23:19दुसी तरफ रजा भी परशान दिखाई देता है
23:22वो खुद को सच्वत और मगरूर
23:24जाहर करने के कौश़िक करता है
23:25लेकिन हकीकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
23:29इसके अंदर एक जीब बेचेने पिदा हो चुकी है
23:32जिसे वो समझने से कासिर है
23:34अरीशा जो पेले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
23:38अब मज़ीद चूकना हो गए है
23:39उसे एहसास हो रहा है
23:41कि रजा बदलने लगा है
23:42वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
23:45इसके माँ को राजी करने के कोशश करती है
23:48रजा की माँ को भी लगने लगा है
23:51कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
23:54इस पर वो परेशान हो जाती है
23:56इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
23:59वो इसी युनिविस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाहता है
24:05लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
24:08महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
24:13और वहाचानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
24:15इस बार भी तलखी जनम लेती है
24:18लेकिन साथ ही रजा वेसाथ होता है
24:20कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तर पर जियादा सोचने लगाए
24:24वो खुद को सख्त और लापर वाज जाहर करता है
24:26लेकिन इसके नजरों में वाज़ तर पर कुछ बदल किसके आखिर में
24:30ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दिये है
24:32कि वो जल्द जल शादी की तारीख दे कर दे कर दे
24:34ताकि कोई और इनके दर्मयान ना सके
24:36वोर्ज ये कि जजबात किश्मकर से बरपूरती
24:39ये ररजा और मेहरीन बार बार के मुलाकाते एक दिल्चस्ट दल्व का आखास कर रहे है
24:43जब के रिशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
24:47वोर्ज इस किसमें आप देखेंगे
24:50कि जहां महरीन और रजा के जिंदेगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
24:55दुनों के दर्मयान नापसंदियगी के बوجود
24:57किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
25:01महरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
25:03उसे समझ नहीं आ रहा
25:05कि क्यों रजा की बाते है
25:06और रविया इसके दिल और दिमाफर असर डाल रहा है
25:09वो खुद को समझाने के कोशश करती है
25:11कि ये सब इती पाक ता
25:12लेकिं दूनी तोर पर वो खुद भी उल जिनका शिकार है
25:16दूसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
25:18वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
25:22लेकिन हकीकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
25:26इसके अंदर एक अजीब बेचेने पिदा हो चुकी है
25:28जिसे वो समझने से कासिर है
25:30अरीशा जो पेले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
25:34अब मजीद चूकना हो गए है
25:36उसे हसास हो रहा है
25:37कि रजा बदलने लगा है
25:39वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
25:42इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
25:44रजा की मा को भी लगने लगा है
25:48कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
25:50इस पर वो परेशान हो जाती है
25:52इदर शायान भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
25:56वो इसी उनिवस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
26:01लेकिन महरीन खमोशी से सब कुछ सहरे ही है
26:04वो इस कहानी में नियाम उलतावाता है
26:06जि महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
26:09और वो अचानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
26:12इस बार भी तलखी जनम लेती है
26:14लेकिन साथ ही रजा वे साथ होता है
26:16कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तर पर जियादा सोचने लगाए
26:20वो खुद को सखत और लापर वाज जाहर करता है
26:23लेकिन इसके नजरों में वाज़ तर पर कुछ बदल किसके आखिर में ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दिये है
26:29कि वो जल्द जल शादी की तारीख दे कर दे कर दे
26:31ताकि कोई और इनके दर्मयान ना सके
26:33वोर्ज ये कि जजबात के शमकर से बरपूरती ये रजा और मेहरीन बार बार के मुलाकाते एक दिल्चस्ट लल्द का आखास कर रहे है
26:39जब के अरीशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
26:44वोर्ज इस किसमें आप देखेंगे
26:47कि जहां महरीन और रजा के जिन्दगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
26:51दुनों के दर्मयान नापसंदियगी के बوجود
26:54किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
26:57महरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
27:00उसे समझ नहीं आ रहा
27:01कि क्यों रजा की बाते और रविया इसके दिल दिमाफरा सर डाल रहा है
27:05वो खुद को समझाने के कोशश करती है
27:07कि ये सबी तिपाक ताले के दुरुनी तोर पर वो खुद भी उलजिन का शिकार है
27:12दुसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
27:15वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
27:18लेकिन हकीकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
27:22इसके अंदर एक जीब बेचेने पिदा हो चुकी है
27:25जिसे वो समझने से कासिर है
27:27अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
27:30अब मजीद चूकना हो गए है
27:32उसे हसास हो रहा है
27:33कि रजा बदलने लगा है
27:35वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
27:38इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
27:41रजा की मा को भी लगने लगा है
27:44कि शाय दिन का वेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
27:47जिस पर वो परेशान हो जाती है
27:49इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
27:52वो इसी उनिवस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक महदूर रहने के लिए कायल करना चाता है
27:57लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
28:00वो इस कहानी में नियाम उलतवाता है
28:03जि महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
28:05और वो अचानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
28:08इस बार भी तलखी जनम लेती है
28:10लेकिन साथ ही रजा वो इसाथ होता है
28:12कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तोर पर जियादा सोचने लगाए
28:16वो खुद को सख्त और लापर वाद जाहर करता है
28:19लेकिन इसके नजरों में वाज़ता पर कुछ बदल किसके आखिर में ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दे है
28:25कि वो जल्द जल शादी की तारीख दे कर दे कर दे तक कोई और उनके दर्मयान ना सके
28:29वर्ज ये कि जजबात कश्मकर से बरपूरती है
28:32रजा और मेहरीन बार बार के मुलाकाते एक दिल्चस्त दल्व का आखास कर रही है
28:36जब के अरीशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
28:40वर्ज इस किसमें आप देखेंगे
28:43कि जहां मेहरीन और रजा के जिन्दगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
28:47दुनों के दर्मयान नापसंदियगी के बوجود
28:50किसमत बार बार उन्हें एक दुसे के सामने ला रहे है
28:53मेहरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
28:56उसे समझ नहीं आ रहा कि क्यों रजा की बाते है
28:59और विया इसके दिल दिमाफरा सर डाल रहा है
29:02वो खुद को समझाने के कोशश करती है
29:04कि ये सबीती पाक ताले कें दुरूनी तोर पर वो खुद भी उलजिन का शिकार है
29:08दुसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
29:11वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
29:14लेकिन हरकीकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
29:18इसके अंदर एक अजीब बेचेने पिदा हो चुकी है
29:21जिसे वो समझने से कासिर है
29:23अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
29:27अब मजीद चूकना हो गए है
29:28उसे हसास हो रहा है
29:30कि रजा बदलने लगा है
29:32वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
29:34इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
29:37रजा की मा को भी लगने लगा है
29:40कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
29:43इस पर वो परेशान हो जाती है
29:45इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूबने लगा है
29:49वो इसे युनिवस्टी चूलने और शादी के बाद
29:51सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
29:54लेकिन महरीन खमोशी से सब कुछ सहरे ही है
29:57वो इस कहानी में नियाम उलतवाता है
29:59जि महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
30:02और वो अचानक पिर से रजा से सामना हो जाता है
30:04इस बार भी तलखी जनम लेती है
30:07लेकिन साथ ही रजा वेसाथ होता है
30:09कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तार पर
30:11जियादा सोचने लगाए
30:13वो खुद को सख्त और लापर वाज़ जाहर करता है
30:15लेकिन इसके नजरों में वाज़ी तार पर
30:17कुछ बदल किसके आखिर में
30:19ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दे है
30:21कि वो जल्द जल शारी की तारीख दे कर दे
30:23ताकि कोई और इनके दरम्यान ना सके
30:25वर्ज ये कि जजबात किश्मकर से
30:27बरपूरती ये रजा और महरीन बार बार के
30:30मुलाकाते एक दिल्चस्ट लल्व का आखास कर रही है
30:32जब के रिशा और शायान के करदार
30:34कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
30:36वर्ज इस किसमें आप देखेंगे
30:39कि जहां महरीन और रजा के जिन्दगी में
30:42बदलाव वाजिह नजर आता है
30:44दुनों के दर्मयान नापसंदियगी के बوجود
30:46किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
30:50महरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
30:52उसे समझ नहीं आ रहा
30:54कि क्यों रजा की बाते और विया
30:56इसके दिल उदी माफरा सार डाल रहा है
30:58वो भुद को समझाने के कोशश करती है
31:00कि ये सबीति पागता लेकिन दूनी तौर पर
31:03वो भुद भी ऑल जिन का शिकार है
31:05दुस्य तरफ रजा भी परेशान लिखाई देता है
31:07वो भुद को सخت और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
31:11लेकिन हकीकित में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
31:15इसके अंदर एक जीब बेचेने पिदा हो चुकी है
31:17जिसे वो समझने से कासिर है
31:19अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
31:23अब मजीद चूपना हो गए है
31:25उसे हसास हो रहा है
31:26कि रजा बदलने लगा है
31:28वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
31:31इसके माझ को राजी करने के �American करती है
31:34रजा की माझ को भी लगने लगा है
31:37कि शाहिद इनका बेटा किस और की तरफ मायल हो रहा है
31:39इस पर वो परेशान हो जाती है
31:41इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
31:45वो इसी उन्वेस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक मेहदूर रहने के लिए कायल करना चाता है
31:50लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
31:53मिहरीन अपनी बेहन के साथ बाद जाती है
31:58और वह अचानक पिरसे रजास सामना हो जाता है
32:01इस बार भी तलखी जनम लेती है
32:03लेकिन साथ ही रजावेसाथ होता है
32:05कि महरीन के बारे में गेर जरूरी तर पर जियादा सोचने लगाए
32:09वो खुद को सख्ट और लापर वाज जाहर करता है
32:12लेकिन इसके नजरों में वाज़ तर पर कुछ बदल किसके आखिर में
32:15रिशा और रजा के वाली दिन से कह दिये है
32:18कि वो जल्द जल शादी की तारीख दे कर दे कर दे
32:20ताकि कोई और इनके दर्मयान ना सके
32:22वोर्ज ये किस जजबात कश्मकर से बरपूरती
32:24ये रजा और मेहरीन बार बार के मुलाकाते एक दिल्चस्ट दल्व का आखास कर रहे है
32:28जब के रिशा और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
32:33वोर्ज इस किसमें आप देखेंगे
32:36कि जहां महरीन और रजा के जिंदेगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
32:40दुनों के दर्मयान नापसंदियगी के बوجود
32:43किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
32:46महरीन गर वापस आकर प्रेशान हो जाती है
32:49उसे समझ नहीं आ रहा
32:50कि क्यों रजा की बाते है
32:52और रविया इसके दिल और दिमाफर असर डाल रहा है
32:54वो खुद को समझाने के कोशश करती है
32:57कि ये सबीती पाक ता
32:58लेकिं दूनी तोर पर वो खुद भी उलजिन का शिकार है
33:01दूसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
33:04वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
33:07लेकिन हरकिकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
33:11इसके अंदर एक अजीब बेचेने पिदा हो चुकी है
33:14जिसे वो समझने से कासिर है
33:16अरीशा जो पेले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
33:19अब मजीद चूकना हो गए है
33:21उसे हसास हो रहा है
33:22कि रजा बदलने लगा है
33:24वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
33:27इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
33:30रजा की मा को भी लगने लगा है
33:33कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
33:36इस पर वो परेशान हो जाती है
33:38इदर शायान भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
33:41वो इसी उन्वेस्टी चोलने और शादी के बाद
33:44सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
33:46लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
33:49वो इस कहानी में नियाम उलतावाता है
33:52जि महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
33:54और वह चानक पिरसे रजा से सामना हो जाता है
33:57इस बार भी तलखी जनम लेती है
33:59लेकिन साथ ही रजा वे साथ होता है
34:01कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तर पर
34:04ज्यादा सोचने लगाए है
34:05वो खुद को सख्त और ला परवाद जाहर करता है
34:08लेकिन इसके नजरों में वाज़ी तर पर
34:10कुछ बदल किस के आखिर में
34:12ररीशा और रजा के वाली दिन से कह दे है
34:14कि वो जल्द जल शारी की तारीख दे कर दे
34:16ताकि कोई और इनके दर्मयान ना सके
34:18वर्ज ये कि जजबात के श्मकर से
34:20बरपूरती ये रजा और महरीन बार बार के
34:22मुलाकाते एक दिल शारीशा और शायान के करदार
34:27कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
34:29वर्ज इस किस में आप देखेंगे
34:32कि जहां महरीन और रजा के जिन्देगी में
34:35बदलाव वाजिह नज़र आता है
34:37दुनों के दर्मयान नापसंदियेगी के बوجود
34:39किसमत बार बार उन्हें एक दूसे के सामने ला रहे है
34:42महरीन गर वापस आकर परेशान हो जाती है
34:45उसे समझ नहीं आ रहा
34:46कि क्यों रजा की बाते और रविया
34:49इसके दिल उदी माफरा सरा डाल रहा है
34:51वो खुद को समझाने के कोशश करती है
34:53कि ये सबी तिपाक ता लेकिं दूरुनी तोर पर वो खुद भी उल जिन का शिकार है
34:57दुसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
35:00वो खुद को सखत और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
35:03लेकिन हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
35:07इसके अंदर एक अजीब बेचेने पिदा हो चुकी है
35:10जिसे वो समझने से कासिर है
35:12अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है
35:16अब मजीद चूकना हो गए है
35:17उसे एहसास हो रहा है
35:19कि रजा बदलने लगा है
35:21वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
35:23इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
35:26रजा की मा को भी लगने लगा है
35:29कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
35:32जिस पर वो परेशान हो जाती है
35:34इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
35:38वो इसी उन्वेस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक महदूर रहने के लिए कायल करना चाता है
35:43लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सहरे ही है
35:46विएस कहाने में नियामोझ तूपाता है जि महरीन अपनी बेहन के साथ बहजार जाती है
35:51और वहा चानल क पिर से अरजा से सामना हो जाता है
35:53इस बार भी तलखी जनम लेती है
35:56लेकिन फाह ही रजा बहसाथ होता है
35:58कि वो महरीन के बारे में गेर जरूरी तोर पर जियादा सोचने लगाए
36:02वो खुद को सख्ट और लापर वाज जाहर करता है
36:04लिकिन इसकी नजरों में वाज़ तोर पर कुछ बदल किसके आखिर में
36:08रिशा और रजा के वली दिन से कह दिये है
36:10कि वो जल जल जल शादी के तारीख दे कर दे कर दे ताके कोई और उनके दर्मयान ना सके
36:14वर्ज ये कि जजबात किश्मकर से बरपूरती ये रजा और महरीन बार बार के मुलाकाते एक दिलचस्ट अल्व का आखास कर रहे है
36:21जब के अरीश और शायान के करदार कहानी में मजीद तनाव पिदा कर रहे है
36:25वर्ज इस किसमें आप देखेंगे
36:29कि जहां महरीन और रजा के जिन्दगी में बदलाव वाजिह नज़र आता है
36:33दुनों के दर्मयान नापसंदियेगी के बوجود
36:35किसमत बार बार उन्हें एक दुसे के सामने ला रहे है
36:39महरीन गर वापस आकर परेशान हो जाती है
36:42उसे समझ नहीं आ रहा कि क्यों रजा की बाते है
36:44और विया इसके दिल उदी माफरा सार डाल रहा है
36:47वो खुद को समझाने के कोशश करती है
36:49कि ये सबी तिपाक ता लेकिं दुरूनी तोर पर वो खुद भी उल जिनका शिकार है
36:54दुसी तरफ रजा भी परेशान दिकाई देता है
36:57वो खुद को सख्त और मगरूर जाहर करने के कोशश करता है
37:00लेकिन हरकीकत में वो हर लम्हा महरीन के बारे में सोच रहा है
37:04इसके अंदर एक अजीब बेचेने पिदा हो चुकी है
37:06जिसे वो समझने से कासिर है
37:08अरीशा जो पहले ही रजा पर नज़र रखे हुए है अब मजीद चूपना हो गए है
37:14उसे हसास हो रहा है कि रजा बदलने लगा है
37:17वो जल जल जल शादी के तैयारों को तेस करवाने के लिए
37:20इसके मा को राजी करने के कोशश करती है
37:23रजा की मा को भी लगने लगा है कि शायद इनका बेटा किसी और की तरफ मायल हो रहा है
37:29इस पर वो परेशान हो जाती है
37:31इदर शायन भी महरीन पर अपनी मर्जी तूपने लगा है
37:34वो इसी उनिविस्टी चोलने और शादी के बाद सिर्फ घर तक महदूद रहने के लिए कायल करना चाता है
37:39लेकिन महरीन खामोशी से सब कुछ सेहरे ही है
37:42मिवेर्स कहानी में नियाम उलतावाता है
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