00:00ओडिशा के पूरी में होने वाले भागवान जगरनाथ का सालाना गत्रूत्सो बस अब कुछ ही दिन दूर है
00:07भागवान जगरनाथ, उनके भाई भागवान बलभद और उनकी बहन देवी सुभद्र के खास रथों को तयार करने में जुटे कारिगरों के हाथ नहीं रुक रहे
00:16वे दिन राथ इन रथों को तयार करने में जुटे है
00:20रतों का लकडी से जुड़ा काम लगभग पूरा हो चुका है
00:24अब इसे रंगा और बेहतरीन तरीके से सजाने का काम जा रही है
00:28बारिक से बारिक चीज का ध्यान रखा जा रहा है
00:31उत्सव के लिए रतों को नदी में बहकराए खास पेणों की लकडी के टुकणों से बनाया जाता है
00:36रत निर्मान का काम चुरू होने से पहले खास अनुष्ठान किये जाते हैं
00:42साथी सामुदाइक भागिदारी और सटीकता का भी ध्यान रखा जाता है
00:46श्रिधालों द्वारा खीचा जाने वाला भागवान बलभद्र का ताल ध्वजरत इस खास रत उत्सव के दिन सबसे आगे होता है
00:54इसके पीछे देवी सुभद्रा और भागवान जगनात को ले जाने वाले दो और रत होते हैं
01:00भागवान जगनात, भागवान बलभद्र और देवी सुभद्रा गुंडीचा मंदिर में अपनी मौसी से मिलने जाते हैं
01:28वे जगनात बंदिर लोटने से पहले वहां 9 दिनों तक रुकते हैं
01:32पुरी में इस साल रत यात्रा 27 जून को होगी
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