कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने चित्रगुप्त पर की टिप्पणी, कायस्थ समाज हुआ नाराज, पीठाधीश्वर जगद्गुरु चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानंद ने उठाए सवाल.
00:00चित्रगुप्त कितना सर्म का विशय है कि इतना वड़ा विद्वान जो अपने आपको बहुत महान कथा वाचक मानता है वो भगवान सिर्व का व्याख्यान करता है उसे इस बात का भी आवास नहीं कि वो किस प्रकार का क्रत्य कर रहा है और व्यास पीठ पर ब्राजमान होन
00:30इसने जिस प्रकार से भगवान सिरी चित्रगुप्त जीव भगवान यम्राज पर अबद्र भासा का प्रियोग किया है यह दरसाता है कि यह जाहिल व्यक्ति ना तो कथा वाचक है
00:58और नहीं यह व्यास पीठ पर ब्राजमान होने के लाइक है पहले माराधार आनी पर इसने अबद टिपड़ी करी उसके बाद यह पूरे व्रंदा वन में नाक रगड़ता हुआ भूम रहा था
01:12यह जहां जाता है वहाँ इस प्रकार के अपनी भासा सैली की वज़े से इसे भगवाल दंड भी देते हैं इसकी एक कथा महाकाल की नगरी में भी हुई थी
01:26वहाँ पर भी इसके कारण से वो पूरा फुल टूट गया था और अब यह नहीं मान रहा इसने भगवाल चित्रकुप जी पर जिस भासा का प्रियोग किया है
01:37अरे ओ प्रदीद मिस्रा सुन तेरा अंत समय आ चुका है तेरा काल तुझे पुकार रहा है तेरे द्वारा किया गए कत और जिस भासा सैली का तूने हमारे इश्ट हमारे देव हमारे प्रभू पर जो टुपड़ी की है इसका जवाबी तुझे हम उसी ही भासा में देंगे
02:07मैं स्री चित्रगुपत पीठ का पीठा दी स्वर जगत गुरुद चित्रगुपत अचारे डॉक्टर स्वामी सचितानंद आज साथ तोर पर तुझे कहता हूं कानूनी दाइरे में लाकर भी तुझे सजाद दिलवाऊंगा और तुझे
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