00:00कातिल पतनियों की फेहरिस्त में सौनम रगोवन्शी का नाम जुड़ गया है।
00:30पहले भी कई केसिज में आपने ट्रांजिट रिमांड ये शब्द सुना होगा। कानुनी भाषा में ट्रांजिट रिमांड का क्या मतलब होता है और ये कैसे काम करती है इस वीडियो में हम इस पर चर्चा करेंगे। तो चलिए शुरुआत में सबसे पहले जानते हैं कि ट्र
01:00या सहीता 1973 की धारा 41 के तहट पुलिस किसी को भी कभी भी गिरफतार कर सकती है। इसमें ये बताया गया है कि वहीं ट्रांजिट रिमांड भी हिरासत से ही संबंदित है लेकिन कानुनी रूप में इसका रूप साधारन हिरासत से थोड़ा हटकर है। ट्रांजिट रिमांड
01:30इसे एक उधारन से समझते हैं जैसा कि सौनम रगुवंशी केस में सामने आया है राजा रगुवंशी की हत्या के बाद उसका केस में घाल्य में दर्ज है और सौनम रगुवंशी ने यूपी के गाजिपूर में सरेंडर किया था ऐसे में यहां ट्रांजिट रिमांट की जर�
02:00प्राबधान क्या है इस बारे में दिली हाई कोट के एक वकील प्रैम जोशी के मुताविक जिसके आधार पर इस बारे में आज तक ने अपनी रिपोर्ट बनाई है ट्रांजिट रिमांट की पूरी प्रक्रिया कोट की रास्ते होकर गुजरती है पुलिस को इसके लिए सं�
02:30आरोपी का ट्रांसफर किया जाना कहा जाता है ट्रांजिट रिमांट के तहट क्या प्रक्रिया है इस बात को असानी से समझने के लिए सौनम रगवशी की ट्रांजिट रिमांट का उधारन लेते हैं सौनम रगवशी की ट्रांजिट रिमांट के बारे में गाजिपूर के क
03:00उसके बाद वहीं केस थाने जेल में सौनम को भेजा जाएगा फिर जब जब इस केस की सुनवाई होगी वो शीलॉंग के संबंधित कोट में पेश होगी
03:07अब यहाँ सवाल यह उठता है कि सौनम रगवशी को 72 घंटे की ट्रांजित रिमांड मिली है तो क्या इस अबदी के बाद उसे गाजीपूर बापस लोटना होगा
03:16इस बारे में NVT की रिपोर्ट बताती है कि ट्रांजित रिमांड की अबदी समाप्त होने के बाद भी सौनम को बापस गाजीपूर नहीं लाया जाएगा क्योंकि जैसा कि ADC ने बताया कि अब उसका केस शीलॉंग के ही संबंधित कोट में चलेगा
03:30इस खबर में बस इतना ही बाके अपडेट्स के लिए जुड़े रहें One India हिंदी के साथ धन्यवाद
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