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  • 1 year ago
Sher Episode 5 - Danish Taimoor - Sarah Khan - 4 June 2025

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00:00और अगर वो ना आता तो, तो शायद हमारे दर्मियान वो बात अधूरी ना रहती है
00:06अगर कोई बात करने से पहले ही खबराहत हो, तो उसे अनकही रहना चाहिए
00:12तो, यह अगर क्या बात करने हैं, ताया जान हमारे जिम्हदारी हैं
00:31अब ताया जान इनको हिस्सा दें या ना दें
00:35मैं इंको अकेला नी छोड़ूंगा, अभी शेर के रहम और करम पे
00:41नहीं, नहीं, यह नहीं ओपाएगा
00:45देखने याभी जी
00:59मेटा अपने बाबा को बोल आखेलाना जरा
01:04यह दलावी जी एक हुटेने
01:07एक हो देने, उनके बस बोड़ा है, अरे अबाद के जिए है, वो सेयद नाइम शीराजी साहब है ना, उनकी बेटी है रेदा, शेर को पसंद आ गई है, से शादी करना चाहता है, लेकिन वो तो सेयद है ना, वो तो गेरों में शादी नहीं करते हैं, आले कि बात करने में को�
01:37मेरे बेटे को कोई लड़की पसंद आई है, और उसके बारे में वो सीरियस है, ना बात क्या, मैं तो जा की गिडगडाऊंगा, तो अगर उनके नहीं ना करती न, तो शेर का दिल टूट सेट, बाबा, वो बड़ी अमी आप दोनों को चाय पर बुलाए है, ठीक है, वीर का
02:07इस प्रयों झाल की कि खेवाँ जूँ जाए है। आए अजए भाईजी जाए है जाए जाए, आए है।
02:26शख खुलाँ को मैं आप से अकेले में बात करना चाहूँगी।
02:37कहां जा रही है चाही नहीं पीरी नहीं मुझे इसके साथ जरह जरूरी काम है मैं अभी आई
02:48मुझे एक बात पताई है हमारे दामाद को उसके इख सियार क्यों नहीं दिये गये
03:07क्या मैं आपकी बीवी नहीं हूँ क्या यह हमारी बच्ची नहीं है मैं भी जिन्दा हूँ और मेरे जीते जी किसको क्या हिस्सा मिनना है इसकी वजाहत के भी कोई ज़रूरत नहीं तो जब शेयर को हिस्सा दे रहे थे तो हमारी बच्चीं को आपने हिस्सा क्यों नहीं दिया
03:37हग दें और फारिक करें अरे अगर ब्या के कहीं बाहर जा रही होती तो हग देता ना रे चोड़े भावी क्या बट्वारे की बाते ने के बैठके बाइस आप से वो कहूं जो मैंने बिजारिश की थी
03:50मैं चाहती हूं कि नसीम कर रिष्टा फाहद से पक्का किया जाए
03:56तैकर चुकी हो यह तुम्हारी खाहिश है फिलाल तो खाहिश है लेकर अगर आपने गलत फैसले लिया है ना पर मैं बात पकी करता हूं
04:18ठीक ही तो है बाबा फाहद अपना है घर का लड़का है देखा भाला है घर की बात घर में रह जाएगी आपने इसलिए सब जानते हैं कितना गलत है वो
04:34तुम तो चुपी रहो शेर
04:39तुम्ही क्या पता है
04:42जिम्यदारियां क्या होती है
04:44दुश्मनियां कैसे निभाई जाती है
04:46बस मूँ उठाया और
04:48मलकों के घर पहुंच के
04:50कभी हस्पताल और अपनों को तो
04:52खुड़े लाइन लगाया वै
04:53अच्छा बस
04:54मुझे मेरी बहन के लिए
04:56फाहत का रिष्था ठीक नहीं लगारा
04:58यहां बात खतम उजाद
04:59मैं उसकी सगी और अबडी बहन मुझे ठीक लगारा है
05:03मैं उसका एकलादा भाई हूं
05:05तर ़ो मुझे ठीक नहीं लग रहा है
05:08भी जाब
05:10शेयर सगोव मेरी बर्दाष्ट की भी हाथ है
05:13किसी को अच्छा लगया पुरा
05:18लेकिन मैं अपनी बहन को अंधे कुए में नहीं गरने दूगा
05:22मैं भी देखता हूँ
05:28तेरी बहन की शादी कैसे होती ही फाथ से
05:31यह बाब
05:40देख रहे हैं आप कितनी बत्तमीजी से बात करके गया है
05:48घर में रहते रहते धंकी दे गया है
05:50मैं मा हूँ
05:52अगर मुझे एतराज निये इस रश्टे से
05:55तो यह कौन होता है मना करने वाला
05:57यह कुछ शेब मेरा बेटा है
06:00और मेरा वारिस
06:03जब तक उसकी रजबन्दी नहीं होगी
06:10यह बात आगे नहीं गड़ सकते
06:13इसको अब्जूर कर रहे हैं
06:18नाइंसाफी है
06:20इसका मतलब है कि मेरे किसी फैस्टी की एम्याती नहीं है इस घर में
06:25मुझे कुछ बात करनी है तुमसे आओ बैठो
06:36बोलो यह देखो क्या है यह
06:44इंटिमेडियेट कर सर्टिफिकेट है और क्या है
06:48किसका है तुम्हारा है और किसका है
06:53बस यह एक ही सर्टिफिकेट है मेरे पास
06:56और वो जिसे तुम मेरे लिए रिजेक करके आयो ना
07:00वो बहार का पड़ा लिखा इंजीनियर है
07:03और मैं एफे पास वो भी सेकंड डिविजिन में
07:08वो आदमी तुम्हारे लिए ठीक नहीं है
07:09ना हो देखो मेरे लिए ना इससे अच्छा और कोई नहीं आ सकता
07:15मेरे प्यारे भाई नहीं हो जाके फौरी हां करा क्या
07:18अरे क्यों अहां करा दूँ मैं तुम्हारी शादी से बहुत अच्छी जगा करा हूँगा ट्रस्ट में
07:23नहीं नहीं मुझे नहीं करनी मुझे इधर ही करनी है
07:28वो अच्छा लगता है मुझे
07:33हीरो जैसी शकल है उसकी
07:38और कर्तूथ विलन वाले मैंता हूँ क्या करता पिरता हूँ बस मुझे नहीं पता तुम प्लीज बाबा से जा के कह दो ना के तुम राजी हो
07:49वरना वरना मैं जान दे दूगी अपनी
08:08अब हमें अल्ला ने बेटियां बनाया है तो इसमें हमारा तो कोई कसूर नहीं कि हमारे कहें कि कोई हैसियत ही नहीं आपको तो हम नजर ही नहीं आते जैसे अबबा
08:29सगे और सौतेले का अफर्ग मुझे कभी महसूस ही नहीं हुआ है
08:32मुझे मेरी बैन की खुशिया अजीज थी इसली बोर डिसीजिजिन दे रहा था
08:41अगर अगर आप सब लोगों की यही राय है तो तो मुझे कोई अधरास महीं है
08:49अगर अगर आपको लगता है कि नसीम फाद के साथ खुश रहेगी तो तो पिर मैं राजी हूँ
09:01मैं नसीम से पूछ लिए रहे हैं गहरे ही कि वो राजी है
09:12आप चाहे तो नाज्स करते हैं मेरी राय के खिलाफ कोई जाता है ना तो उसा चाड़ जाता है बस इतनी सी बात थी बट्ना
09:25अरे उसा गिस बात का ये तो मुबारक बाद का वांग से बाबा पना पहले मामा को बला ले फिर मुबारक बात दे पीजिए
09:32यहाँ, तेहमीना, तेहमीना
09:37जी
09:40जी
09:45बाबुने एक छोटी सी अनॉस्मेंट करनी है
09:53हाँ, और आप सब लोग के एक बात बतानी है
09:56हम लोग कल शेयर का रिष्टा लेने के लिए जा रहे हैं
09:59इसको लड़की पसंद आ गई है
10:03थाई
10:07क्या, लड़की पसंद कर दी
10:09बात पक्की कर दी आप लोगोंने, मुझे अभी पता चल रहा है
10:13महीं, अभी तो यह मेसेज आया है, सेयद सापका
10:19तुम तो बड़ी मीशनी निकलीते है, मीना
10:21नहीं, अम्मी आप
10:23मैंने मामा को भी बता है वोड़ी देर पर ने
10:25रहने दो, जैसे मा वैसी बेटा
10:29खेर, मैंने तो बहुत सारी त्यारियं करने हैं आप लगे रहें
10:33लगे रहें
11:03तो भी अभी अप
11:26क्यानी की जड़ाते हैं
11:27जब होला ता वहोचुका
11:29चरणव चलते हैं
11:33आओ जी आओ, बिसमिल्लाह। पहली टोली तो आ गई, अब दूसरी टोली रास्ते में हैं.
11:42असलाम लेकुम काका साथ.
11:47असलाम लेकुम पुपो.
11:56असलाम लेकुम काका साथ.
12:03असलाम लेकुम कापा.
12:34मैं शरम साहर लबाबे.
12:39मैं मरी ने.
12:44अकर मैं आपसे वादा करते हुआ.
12:47किसी की चांद लेने से चांद देने तक,
12:51मैं आपका हर हुकम मानुगी.
12:55तभी आपकी ना फर्मानी ने करेंगे.
13:04साइका.
13:07इसे बता दो.
13:10कि अब ये मेरी ओलाद की गिंती में नहीं आती है.
13:17मेरे लिए ये मुर्दों से भी बत्तर है.
13:22जब तक सिंदा हूँ.
13:25मुझे इससे बात दी कर.
13:26पापा, जहने देना.
13:28चॉप!
13:30पेटी आप मेरा मान नहीं भी.
13:34कोई कुछ नहीं गोनेगा.
13:37कोई कुछ नहीं गोनेगा.
13:39गोनेगा।
13:41कोई कुछ ये दूए अग्दे रूप चमोरा ए, मैं कादाए!
13:49प्यार सरासर तो का ए, मैं कादाए!
13:53मेरा बड़ा तजरुबाए मैं खादाए
14:23जी जी ये तो महले में भाट निकिल गई है रख शुगुफता शुगुफता इनको ना महले में बड़ाना है ठीक है ना मैं जाओ ना जी पागल हो गई हो ड्राइवर जाएगा तू क्यों जाएगी बाते सुने इसकी चल सही से रख ठीक करके लिए तू ना मोट आते हैं जी
14:53कफी है करें बाबा माशा अला इतनी मिठाई कहां की तैयारी है तुम्हारी तरह ना कमरे में छुप-छुप कर फैसल नहीं करती बेटी की बात पक्की हुई है खांदान और महले में मिठाई बंड़ारे है माशाण लू आ माशा लू मुभारक हो अलग तरह उसके बहुत अ
15:23अच्छी क्यों बनी रहती हो
15:26अगर मैं तुम्हें जहर लगती हो तो मुह नोच लो ना मेरा
15:31यहां पर कौन से शाजमान बैठे हुए कि सुन लेंगे या देख लेंगे
15:35और अगर मैं वहां कुछ कहने भी जाओंगी तो मेरी बात तो नहीं सुनेंगे
15:39आप मुझे जहर नहीं लगता
15:43सौतन अच्छी भी नहीं लगती ना
15:46आप अच्छी भी नहीं लगती
15:48मोटी मोटी किताबें पढ़के दमाग तो नहीं खराब हो गया तुम्हारा
15:54जैसा भी आप समझें
15:57खर मैं आपको यह बताने के लिए आए थी कि आज शाम को हम शेयर का रिष्टा देखने के लिए जा रहे हैं
16:02सो तैयरी कर लीजएगा
16:04अब सही बात में पहुंची हो ना तुम
16:08क्यों
16:10मैं क्यों जाओं
16:12कौन हो मैं मेरी औकाद क्या है
16:15अरे लड़की तुम सब ने पसंद की
16:18रिष्टा भी तुम सब लेने जाओ
16:20यह देखा सुन रही हो तुम
16:22मुझे लेके जा रहे हैं ताके लोगों को दिखा सके ना
16:26कि पहले बीबी को बड़े प्यार महबद से रखा हूँ
16:28वाह क्या बात है
16:30मैं नहीं जाती
16:30लड़की तो शेर ने खुद पसंद किया
16:33उसने मुझे बताया तो मैंने उसके बाबा को बता दिया
16:36आपके सामने तुम ऐसे जाया था ना
16:39सेयद साहब का
16:40वैसे तो चौबीस घंटे शेर खड़ा रहता है
16:43कि मेरी बीटी का वारस बनेगा
16:45जब उसकी बारी आई तो मुझे बंद कर दिया उसके है
16:49ना कुछ बोला ही नहीं
16:50ये रिष्टा वैसे बहुत पुश्केल है
16:52पता नहीं सेयद साहब मानते भी है ये नहीं
16:54अगर आप इस तरह से नाराज होके बैठी रहेंगी तो
16:58शेर इतनी मुश्किल मनजिल आपकी दौाओं के बगार कैसे हासल कर पाएगा
17:03ठीक
17:05मैं और मेरी बच्चे है रईस शाह जमान की गाड़ी में उसके साथ चाहेंगे
17:13तुम दूसरी गाड़ी में आओगी
17:15सरूरी नहीं कि मैं
17:18हर जगा सखी बनके अपने शोहर को बाढ़ती फिरूंग
17:22कहें तो मैं कोई हिल्प करवा दूँ तुम तो रहने ही दो
17:48काका साथ
17:52समीर को मिलवाने लाया था आपसे काका साथ
18:12समीर पुतर तुम हुँ पहरे बैचा है पदा नहीं हमसे मिलता भी है के नहीं है
18:18गूर तो ऐसे राय जैसे मैंने कोई गुना किया हूँ
18:24पुतर गुना मैंने नहीं किया गुना की सजा दे रही थी
18:30अब इसकी मा जान बूच के बीच में आ गई तो इसमें मेरा क्या कुसूर
18:36सालों से इस घर की बन्यादें खोद रही थी
18:41कलेजेश ठंड पै गई गई बाप को जुदा कर दिया ना बेटे से
18:48मैं जुदा नहीं हो रहा काका सापस
18:50मैं अपने घर को बचाना चाहता हूं इन दोनों को बचाना चाहता हूं
18:54तुम्हेत अ मेंशह से शौक था दुष्मनों को घर में लाने का
19:02कर लो पूर अपना शौक याद रखना जो लड़की अपने माबाप से वफा ना कर सकी तुमसे क्या वफा करेगी
19:10कृ अलग कर देगी तुम्हें हमसे अर वहां लिजा के मारेगी
19:16जानी हम तक, शीने नहीं देगी ये।
19:19मेरा साथ था तो इसलिए शायद बच गया।
19:23वरना आपकी तरह जहरी उगलते रहते हैं।
19:28पक्वास बंद कर, तो तेरी मुझ में जबान कहा से आ गई।
19:34जब से आपकी जबान के साथ साथ हाथों से भी कूलिया चलने लगी।
19:40काका साथ, इनसे कहा है कि जाए आसे।
19:43क्यों? मैं क्यों जाओ यहां से।
19:47तुम्हारे बाप का घर नहीं है जो तुम हुकम चलाओगे।
19:50जी, इसलिए ही छोड़के जा रहा है।
19:52मेरे समीर का दिल ना खराब कर, यह ना हो कि मुझसे घले भी ना मिले।
19:57सही है काका साथ, अब तो मैं ही भारी पड़ गईू ना आपड़।
20:02जाए थोड़ी देर दी गाले, उसके बाद उसने वैसे ही चले जाना है।
20:07तो उनसे गिला करें ना, जिन्होंने जखम दिया है।
20:19यह पुतर, तो उपने काके साथ, उसके गले नहीं बिलाएगा है।
20:24प्यार सरासर तो काए मैं कादाए
20:36सारी उमर वसाना कावी सके आदा
20:42मेरा बड़ा तजरवाए मैं कादाए
20:48काका साथ, समीर हमेशा के लिए थोड़ा जा रहा है।
21:04जलकर टुपड़ा की बेरा
21:06जलकर टुपड़ा की बेरा
21:08कादाए
21:20स्वार जाए
21:22जलकर जलकर टुपड़ा
21:26जलकर बेरा
21:29कादा जलकर बेरा
21:33जलकर जल
21:35किदर चिछा से मिनने जा रहे हूं
21:45यह सारी तुमारी दीवी बर्कते हैं
21:49अब आग लगा के हाथ सेकने हैं
21:52फजर इनने छोड़ो तुम बेरी साथ चरो
22:05कि इससे पहले के बहन की आला तरभियत का असरो चोटी का बंदुबस करो
22:12कि वाक्त आने पर सब अच्छा हो जाएगा
22:17अच्छा हो जाएगा
22:20अच्छा आज ना मैं और हमारी बेठी आपके सब गाड़ी में चलेंगे
22:33और तैमीन है
22:36इते घबरा क्यो रहे हैं बहुत सारी गाड़ी आ रहे हैं किसी गाड़ी में आ जाएगी है
22:40बुरा लगता है
22:42दूसरी शादी करते वक्तो बुरा नहीं लगा आपको
22:45बेटे को सब कुछ सौंकते वक्त बुरा नहीं लगता
22:48में और मेरी बच्चेयों कसाथ गाड़ी में चली जाएंगे अपो बुरा लगें कैसी बाते कर रहे हैं आप
22:52ना ये वक्त है ना ये मौका है बात कर दो
22:55हम तो आपी कसाथ गाड़ी में जाएंगे आज
22:57जाएंगे आज चाहे किसी को अच्छा लगे या बुरा लगे चलो
23:12कि क्या हुआ पबा किसाथ गड़ी में जानी गई
23:17नहीं आज में अपने बेटे के साथ जाएंगे
23:23है
23:53असलाम अलेकुम्
23:56वालेकम असलाम
23:58त्याजमान
23:59जी जी आपको गौन नहीं जानता
24:01और आपकी गाड़ी या हमारे गर में पूरी नहीं आ रहे ए तो
24:05आपकी महमान वाज़ी हैं, हम क्या खाग करेंग
24:07अम महमान वाज़ी थोड़ी, हम तो रिश्दारी करने हैं
24:09हम तो रिष्टिदारी करने है यह मेरी बड़ी बईगम, नाइमा, बेटियां मेरी
24:30यह है मेरा मेटा शेव और उसकी वालदा है
24:39कर कर कारि कर को रिष्टिदारी करें।
24:58कर कर दो कर को एंढे कर दो किया था शेव और उसकी वालदा है
25:05कर कर दो क्ताने है
25:09वो सब तो ठीक है लेकिन शाजमान साहब, हमारे हाँ गैर सेयदों में बिटी नहीं दी जाती।
25:28बोलो फिर, क्या करने?
25:33मुला लो उने।
25:39है समत का है साहिज सब, तो भी दीन थोड़ी है।
25:44लेकर रिवाश तो है, हमारे खानदान का रिवाश
25:53मैं गैरंटी देता हूँ आपको, हम पूरी तर आपके मैयार पर उतरने की कोश्च करें
25:59या तो कहता हूँ के शेर अलग गर में लख सकता है उसे
26:02मेरा मतलब है अकर भाई साब की दो शादियों पर इतराज है आपको
26:11या जोईन फैमिली सिस्टम पर को इतराज है तो कुछ किया जा सकता है इसका।
26:17नहीं आए हमारा खुई लेना देना नहीं यह बातों से वैसे भी हर इंसान की अपनी अपनी जिन्ड़गी होती है
26:24मेरी तोरू काप चाहती काकर साब मैं तो बारा नहीं मरना चाहता है
26:34वेसे प्रदेसी लोग हैं जल्दी जल्दी में कर लेते हैं वहां
26:39महतसर लोगों में पहां कहीं पार्लों में और डेस्टिनेशन वेडिंग जो होती है
26:45ना ना इसके जरूरत ही नहीं है
26:47लक्षंदा मेरी बड़ी पुरानी सहेली है
26:50उसे कोई परवा नहीं है
26:52और वैसे भी उन्होंने लड़की को भीहा के बाहर चले जाना है
26:56क्या मतलब इतनी बड़ी सजा
27:01ये शुबनी जरूर पुपो ने छोड़ी होगी
27:04ये पैसला करने कहा कि ने दिया किसने है
27:07तुमारी भेहन के कर्टूत
27:10मैं तो कुछ कहने सुनने के लाइक है नहीं रही हूँ
27:18फिर भी मामा फिकी पुरी सिंदेगी का सवाल है
27:26ले जी काका जी आगई
27:38काका साभ आपने बुलाया था
27:41साइका तुमें पता तो होगा कि क्यों बोलवाया है
27:45बैठो
27:46इस घर की दीवारों के कान तो उसी दिन बन गए थे
27:50जिस दिन तुम दोनों भावजे ब्या के आई थी या
27:53अब इसका क्या कर सकते है शाह ताज
27:56कि हम तुम्हारा कभी ना खत्म होने वाला गम बन कर रह गए
27:59काका साभ आपने कुछ कहना था
28:03साइका अब तो यह लापरवाई छोड़ दो
28:06तुम्हारी बेटी ने तो इज़त खाक में मिला दी
28:09अब दूसरे की फिकर करो
28:11उसको तो अपने घर का करो
28:13वह गमा फेर के गल ना कर
28:16चीज़ी चीज़ी गल कर
28:18काका साभ मैं बाग गमा के नहीं कर रही
28:21लेकिन इसको भी तो सोचना चाहिए ना
28:24कि इसकी बेटी ने जो हमें गोल गोल गुमाया वा है
28:26तो दूसरी को इस गोल चक्कर से बचाने का एक ही आस्रा है
28:30ताज ने अपनी सहेली
28:35रुशंदा से सारा के रिष्टे की बात किये
28:39लड़का क्या करता है?
28:47डॉक्टर है?
28:48अमरीका में?
28:50नमान नाम है उसका
28:51वो लोग आएंगे सारा को देखने
28:53तो उसे कहना कि अच्छे से तयार हो कि आए
28:55काका साब
29:00सारा नहीं मानेंगी
29:02वो कभी भी बाहर नहीं जाना चाती
29:04उसे क्यों आप्शन समझ में नहीं आएगा
29:07ये देखो
29:08घर की इज़त चोरी हो गई
29:10और इनकी फर्माइशे चेक करो
29:12साइका
29:14इतनी बेस्टी के बाद भी अगर कोई रिष्टा आ रहा है ना तो शुकर करो
29:17इतने नखरे दिखाओगी ना तो फिर भूल दा कि सारा की शादी होगी
29:20ताज ठी कह रही है
29:23हमारा इंकार नहीं बनता
29:25और क्या
29:26तुमें तो उसके हाँ चूमने चाहिए
29:28फजर के बारे में जानते हैं वो लोग
29:31रक्षंदा जानती है
29:34उसने अपने बेटे को नहीं बताया
29:36फिरी बड़ी फुरानी दोस्त है
29:38मेरी खातिर वो जहर का घूर पीने के लिए तयार है
29:40सुचाथ आप तो जानते हैं
29:44वो नहीं जाएगी बाहर के मुलक में
29:45नहीं जाना जाएगी
29:47हमारे हालात ऐसे नहीं है साइका
29:49कि हम उसे कोई आफशन दे
29:51हम भी अपना गाउँ वाला घर छोड़ की यहां बैठे
29:55उसे समझाओ
29:57कुदरत ने उसे शानदार मौका दिया है
30:01मूच पाने का समंदर पार
30:03हमें देखो हमारे पास क्या चॉइस है
30:05सिर्फ समंदर में टूब मरने की
30:08काका साब जो कह रहे हैं वैसे ही होगा
30:13वरना उसे भी हमारी तरह
30:18फजर की रिसुआई का बोज उठाना पड़ेगा
30:20मगर शजाद बात
30:22मैं यहाँ पूछने के लिए निए सर्फ इंफॉर्म करने के लिए बुलाए था
30:25यहाँ महमानदारी का इंतिजाम करो
30:31बड़ा यह अच्छा रिष्टा है
30:49एक बला तो टले ना
30:53पर अभी तो मैं पढ़ लिए हो ना
31:05और असे क्या आफ़त आ गई है कि सब को मेरी शादी की पढ़ गई है
31:09आफ़त आए नहीं है तारी हो गई है
31:12जान निकल रही है ना जिंदगी मिल रही है
31:16जीब बीच में लटक कर रह गए
31:19मामा ये घर नहीं थो सक है
31:22जहां खुलते ही एक औरत की पिटार सुनते और सहते है
31:27बापा तो अच्छे से जानते हैं ना
31:32कि मुझे मुझे मुल्क से बाई शादी नहीं करनी
31:34ये बात अब एक खाब है भूल जो इसको
31:37फजर की एक खलती ने पसंद ना पसंद का हक चीन लिया तुमसे
31:42बापा ने सिर्फ जिद लगाई थी और कोई बात नहीं है मामा
31:47बेटिया जब बाप का मान तोड़ देती है ना
31:51तो बाप भी बेटियों का भरम रखना छोड़ देते हैं
31:55पीछे बस फिर जिद बाक ही रह जाती है
31:59और तुम्हारे बाप ने इस जिद को खिला पिला के बढ़ा कर लिया
32:02अब मा यह सब कुछ मेरा गुसूर है मेरी गलती है ना
32:10तो सजा मुझे मिलनी चाहिए मुझसे नफरत है करें लेकिन इसका क्या गुसूर है
32:14मुझे नहीं मता फजल इत पर जो जोड़ा बना के दिया था वो अच्छा है वो पहल लेना जब वो लोगा है और तुम इसको तयार कर देना
32:23मेरी बात से आप एक तफ़ा वाबा से बात करके देखें आपकी बात सुनते हैं ना
32:28सुनते थी और फिर तुम्हें महबबत हो गई और तुम्हारी इसे एक महबबत ने बाकी सारी महबबतों का गला घोड़ दिया
32:41पहले ये घर था तो हमारी सुनी जाती थी अब कैद खाना है जहां तुम्हारे बाबा सेयाद और हम सैद है
32:52और फिर ये तो सैयाद पे है न कि वो कितना खाना कितना पानी कितनी हवाद है
33:04जहां तक बात रही महबबत की वो तो कहत के मैनोफेस्टों में ही नहीं है न
33:12ये सब कुछ मेरी वज़स सही हो रहा है ना मैं घर से जाती ना ये सब कुछ हूँ था
33:21मेरे चुई की सजा इसको क्यों मिल रही है
33:28आप एक दफा तो बात करके देखे ना बाबा आपकी बात मानेंगी हो सकता उनका दिल नर्म हो जाए
33:34दिल होता तो नर्म होता ना
33:39वज़र तुमने अपने बाबा को पत्थर के बुत में बदल दिया
33:45जिससे अब देनों सिर्फ सर टक्रा सकते हैं
33:51मेरा बेटा उन मरदों में से नहीं जो बार बार नई लड़कियों
34:21क्वाइश करें उसने अपनी पूरी जिन्दगी में पहनी दफ़ा किसी लड़की का नाम लिया
34:27मेरा बेटा बहुत अच्छा लड़का है इसमें कोई बुराई नहीं है
34:34इकना सीधा है कि हमारी उलजीवे दुनिया में किस तरह चलेगा मैं सोच सोच के परेशान होता हूँ
34:44देखें ये मेरे बेटे की जिन्दगी भर की खुश्यों का सवाल है
34:50मैं अपने बच्चे को बहुत कहरा ही से जानता हूँ
34:54देखिए शादवान साब अगर जरा भी गुझाईश होती तो मैं हाँ करने में बिलकुल देर नहीं लगा था लेकिन
35:02हमारे खांदान की मजबूरी है
35:06लेकिन सेयद साब अब तो समाना बदल चुका है ना
35:11आपकी बेटी के लिए एक से बढ़कर एक रिश्टे होंगे
35:15पर इन सब के होते वे इस रिवाज को बदलने में अगर कोई साहिब हैसियत इनसान पहल करे तो
35:22कितना अच्छा होगा कि मेरा ख्याल है बहुत से ऐसी रड़किया होंगी जिनको सेयद रिश्टे नहीं मिल पाते
35:32ऐसे माबाप आपके कंदे की आड में अपनी बच्चियों के घर बसा सकेंगे उन्हें बया सकेंगे
35:40वो सब तो अब ठीक करेंगे लेकिन मैं बहुत मजबूर हूँगा भी मादरच चाहता हूँ
35:50सेज़वाप यह क्या कर रहे हैं आप सेज़वाप यह क्या कर रहे हैं आप सेज़व
36:09जब इनसान का तूट जाए ना तो जिल्दगी में सिर्फ किरदार में भाता है अजी नहीं पाता है
36:18मैंने हमेशा सोचा था मैं अपनी औलाद को किसी आजमाईश से नहीं गदरने को
36:25प्लीज
36:28अब समझें आपका एक मुरीद अपनी औलाद की खुशियों की भीक आपके बास मागने आए
36:39अब आप मुझे बहुत शर्मिंदा कर रहे हैं तेखिए अगर आप उठके उपर वहां ना बैठे तो मैं भी आपके साथ यहां फर्श नर्शी हो जाओंगा प्लीज उठिए बाब आप उठे हैं आँसे
36:49मैंने ऐसा कभी नहीं चाहता
36:54मैं बाता करता हूँ अगर यहां से मायूस भी गए ना मैं खुछ रहूंगा जिन्दके के बाब
37:04मेरे बाब में सब के सामने गुटनों पे बैठके मेरी खुशियों की कीमत तो अधा किये
37:14नहीं बाबा मैं सब चले मैं ठेको तिल बाबा
37:25जी तेरो मिटर तुम वागई साले ऑलाद हो
37:34वरना तो ऑलाद अपने मकसद हासिल करने के लिए मावाब को बेकारी तक बना देती है
37:42मेरी बिटी रिदा जिसका हाथ तुम मांगने आयो वो भी बिलकुल तुम्हारे जैसी है
37:54ठीक है मैं उससे बाद करता हूँ अगर वो मान जाती है तो आप मेरी तरफ से हाँ समझे
38:07अगर बिलकुल तो आप मेरी तो आप मेरी तो आप मेरी यहां
38:08अगर वो जाप दो आप पिल्दे रहें जावें गाति पॉलने वाल्या
38:10आप में वो जावें जावें जावें
38:17करता है
38:21आप में बिलकुल तो आप में
38:31तेरे जावेंगा तिले पोड़ने वाले या
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