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  • 6 months ago
Set in a world where emotions run deep and power defines fate, Ghulam Bashah Sundri is a gripping drama of love, rivalry, and control. As relationships are tested and loyalties begin to fracture, desire turns into conflict and hearts become battlegrounds. At the center lies a compelling love triangle that draws each character into an intense emotional, social, and personal reckoning, where every choice carries consequences.

Production: BJ Productions
Producer: Babbar Javaid & Syed Ali Murtaza Obaid
Director: Amin Iqbal
Writer: Zanjabeel Asim Shah

Category

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TV
Transcript
00:24देखिए नया ज्रामा सीरियल एक महब्बत और
00:28बहुत चल्द सिर्फ क्रीन एंटर्टेन्मेंट पर
00:58तेटी तुमसे महब्बत नहीं करती हा लेकिन मैं तो महब्बत करता हूना उससे बाशामीर अली यह काफी नहीं उसके लिए
01:07खब तेरने का गुलाम के साथ में मेरे साथ में
01:33तेरने के साथ मेरे साथ में
01:40तुम्हें जराबी शरम है
01:44यह मेरी माँ है
01:48खोलो इने
01:54अगर बाश्चा यहां आए ना तो उसके साथ चली जाना
02:01डरना नहीं अच्छा आपसे बहुत प्यार करता है वो
02:06कुछ भी हो जाए आपको कभी नुकसान नहीं बचाएगा
02:20और क्या खड़े भगजाएगे लड़े गुलाम और सुन्दरी को ठूड़ों
02:23मेतर साथ, मेतर साथ
02:31बाश्या, मेरे गुलाम ने कुछ भी नहीं किया
02:34बस सुन्दरी से महबत किया और कुछ भी बुरा नहीं किया
02:40उसे माफ कर दो, बख्ष दो उसे
02:43उलाम और सुन्दरी यहां नहीं है लाजो अमा
02:45क्या, तुम्हारे पास नहीं है
02:49तो पिर कहा है बाश्या, यह क्या हो रहा है बाश्या
02:54बस कर दे लाजो
02:57तेरे बेटे ने हवेली में मुसीबत खड़ी की वी है
03:01दोका दिया उसने हमें दोका
03:05मुझे तो लगता है बुआ को उसी ने मारा है और सुन्दरी को लेकर भाग गया है
03:10मेरा गुलाम ऐसा नहीं कर सकता
03:13वो नीच जाद कुछ भी कर सकता
03:15बस करें हमा
03:17बस
03:23आपका कोई हक नही है लाजों अमा से ऐसे बात करने का
03:27इनका कोई कुसूर नहीं किया
03:30क्यों नहीं कह सकती इम इसी
03:33यह जो हवेली में तमाशा हो रहना
03:35वेना सब इसी की वज़ा से हो रहा है
03:39निकालना नहीं चाहिए था
03:40परके जिन्दा गाड देना चाहिए था
03:43आँ वैसी
03:45जैसे आपने अपनी मांता को रवायात में गाड दिया
03:48बस
03:59बस बस बाद्शाब बस
04:02अब तुम्हारे मुसर में मज़ीद एक लफ़ भी नहीं सुनूँगा
04:09तुम्हे जो बर्जी करना करो
04:12लेकिन साहग जान के साथ तुम इस लहजे में बात नहीं कर सकते
04:19आप लोग यहां क्यों बैठे है
04:23जाए जाके अराम करें मैं हूना परेशान
04:25मुझे परेशान होने दीजिए
04:48आचो मा
04:53शुपे दम करते हो था कि तुम्हारी दवाओं से मेरा रास्ता असान हो जए
04:59मासद के
05:03बिस्म लाः बिस्म लाः बिस्म लाः बिस्म लाः बिस्म लाः बिस्म लाः
05:32मेरा क्या कुसूरता मा, मैंने क्या किया था, सब कुछ खातम हो रहे
05:45तुम तैयार नहीं हुए भी तक, बेटी के गर जाने नाश्टा लेकर
05:51वहाँ भी जाने के जरूरत नहीं है, सुने के वहाँ बहुत बड़ा तुफान आगे
05:57अच्छा, क्या हुआ है वहाँ पर, सुन्दरी अवेली से भाग गई
06:03और बुवा को भी किसी ने कतल करती, बुवा की मौत के मुझे अफसोस है
06:09लेकिन सुन्दरी के जाने के मचे कोई गम ले, हमारे हग में तो अच्छा ही हुगा ना
06:17बाश्चा सुन्दरी से शादी करके ही हमारी बेटी की जिन्दगी को अजीरन बनाना चाहता था
06:21लेकिन बाश्यान ने हमारी बेटी को तलाग की धंकी भी दी है
06:25वाँ मारी बेटी को तलाग ने दिय सकता
06:28और मैं उसे ऐसा करने ने दूँगा
06:31और अगर उसने ऐसा कर दिया तो
06:34जैसे मैंने जहादात की खड़ी फसले बरबाद की थी
06:37हम उसकी नसले बरबाद करते हूँ है
06:42खुर्बान अली मैं तो बहुत सब ये चाहती हूँ कि
06:43हमारी बेटी की जिंदगी में कभी कोई गम ना है
06:46और ना ही परेशाने
06:50ऐसा ही होगा
06:52तो परेशान ना हो
06:55बस तुम चलने की तैयारी करो
06:58आज वहां जाना कुछ मुनासिब नहीं लग रहा
07:01ऐसा करते हैं कि कल चले जाएंगे
07:07ठीक है
07:09जैसे तुम्हारे मरसी
07:19बादशा संद्री तब नहीं पहुंच पाएगा
07:21कभी नहीं
07:31बिटा मुझा दिल को सुकून दो
07:36तुम बिसमेला कवर्थ किया करो
07:38ताके तुम्हारे दिल की खुटन जरा कम हो जाए
07:42सुकून
07:48मुझे तो ऐसा लगता है कि
07:51मेरी जिन्दगी से सुकून रूट किया है लाजोंबा
07:57सुन्दरी को मुझा इसे छोड़ के नहीं जारा चाहिए था
08:02पिटा दिल के फैसे समझना कभी कभी मुश्किल हो जाता है
08:09सुन्दरी से बेहाद महुपत करता हूँ मैं
08:15मेरी जिन्दगी है मेरा सुकून है उसके बगार सब फिरान है
08:22पिटा महपत दो तरफा हो तो वो सुकून देती है
08:27और अगर एक तरफा हो तो सिर्फ तकलीफ होती है
08:33तुम जानते तो हो के सुन्दरी खुलाम से महपत करती है
08:49जानता हूँ
08:50लेकिन दिल को कैसे समझा हूँ
08:53बेटा दिल के फैसले वक्त के साथ समझा जाते है
08:58लेकिन महपत को इस तरह से सबर्दस्ती कैद नहीं किया जा सकता
09:06बाशा सुन्दरी और खुलाम का कहीं पता नहीं चल रहा
09:11और फिर बुआ की इस तरह से मौत
09:14यह सब कुछ क्या हो रहा है बेटा मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा
09:20तुम किसी तरह से घुलाम का पता लगाओ
09:23सुन्दरी का पता लगाओ
09:24मुझे डर है कि कहीं उट पे कोई मुसीबत ना आ दियो
09:28आप बेफिकर रहे हैं
09:31गुलाम और सुन्दी तक पहुंच जाओंगा
09:36तेकि मैं गुलाम को शादी नहीं करने दूँगा सुन्दी से लाच होगा
09:46सुन्दी सिद्ध मेरी होगी मैं उसे निकाह करूँगा जैसे ही वो मुझे मिल जाए
09:55हारूँगा नहीं मैं
10:05हारूँदाए
10:07हारूँए
10:24हारूँए
10:31पास शानत शेका भी माफनी करूँगा तूने सिर्फ चीन ना सिखा है तू एक बात पूर रहे है अगर वो
10:42तेरी बीवी भी होती ना तो तेरी नाक के निची से उसको निकाल के ले जायता और तू कुछ ना
10:47कर पाता यू कि मुझे दे के अपनी चीज़े बापस लेनी आती है
10:56मेरा हक मेरी जगा मैंने तो सबर कर लिया था यार
11:03अपना हिसा अवेशा छोड़ता है हूँ लेकिन महबबत नहीं
11:15अपनी महबबत नहीं दे सकता नहीं दोगा
11:21यार बिगे तू मेरा घद्धा रहे तू घुलाव
11:30बास्चालर तू ये समझ रहा है कि तू मुझे कैद करके मुझे मेरी महबबत चीन लेगा
11:33तो मैं ऐसा नहीं होने दूँगा हर्गिस नहीं होने दूँगा
11:51ये कैसी किसमत पाई है मैंने
11:58बात खो दिया
12:03तू मा मिली मा मिली भी तो बेबस औ बेकस
12:17महबबत मिली तो इसानों तले
12:21ये कैसे रिश्टों की ये दिलदल में मुझे डाल दिया खुदाया
12:26मेरी मदद कर आला
12:30अमा
12:38खुलाम
12:46हाँ हाँ तुम दोनों
12:48तुम मजे ढूनते क्यों नहीं हो
12:52मजे ढूनते क्यों नहीं
13:04अपनी बेटी को पाकर मैंने सोचा था
13:08कि मेरी जिन्दगी का सबसे हसीन खुआप पूरा हो गया है
13:24लेकिन ये खुआप इतनी जल्दी ढूच जाएगा
13:28मैंने सोचा भी नहीं था
13:31मैं कहां डूनों तुझे मेरी बेटी कहां हो तुम
13:39किधर तलाश करूं तुम्हें कहां जाओं मैं
13:45एक बात करने के लिए बुआ थी और वो भी नहीं रही
13:54पुआ मुझे माफ कर देना
13:56माफ कर देना मुझे पुआ
13:59माफ कर देना
14:05मुर्क तु दिल छोटा ना कर
14:07मेरी बात पर यकीन रख बाशा तुझे कभी नहीं छोड़ेगा
14:10ये तेरे और बाशा के नसीब का बंदन है
14:13नहीं अमा मुझे लगता है मेरा ये बाशा का ये बंदन तूट जाएगा
14:19वो मुझे छोड़ देगा
14:22सब कतम हो जाएगा
14:24अल्ला ना करे कभी भी कुछ ऐसा हो
14:29खुरक सिर्फ सुन्दरी तेरे रास्ते का कांटा थी
14:33पर जो होना था वो तो हो गया
14:37ये अल्ला पाक का फैसला है तो तो बस दूआ कर कि बाशा सुन्दरी को ना ढूंड सका है
14:48क्योंकि सुन्दरी की दूरी ही बाशा के दिल में तेरी महपत का दर्वाजा खोलेगी
14:55नहीं हमा मैं बाशा के दिल की कैफिया जानती थी
15:04वो सुन्दी से बहुत महपत करता है वो उसे ढूंडने का
15:10ऐसा कुछ नहीं होगा तो मेरा यकीन रख
15:15और ये बात याद रख के तो बाशा की बीवी है उसकी इस्ज़त
15:26मुर्क अल्ला पाक दिल से निकलेवी दूआ कभी रख नहीं करता
15:31और मेरी दूआ है बेटा के बाशा तुझे वो ही इस्ज़त वो ही प्यार और महपते
15:38जिसकी तो हकदार है जो तेरा नसीब है
15:44अमा आपके अलफाज मेरे लिए हिम्मत है अगर आप मेरे साथ इस तरह है तो वाकी शायर सब ठीक होसे
15:53तू सिर्फ मेरी बहू नहीं तरके मेरे दिल का सकून भी है तेरी खुशी में ही मेरी खुशी है
16:01मैं तेरा साथ कभी नहीं छोलूँगी
16:22सर उस दिन में आपको ही बताना चाह रहा था
16:24कि उस लड़की का नाम संदल नहीं सुन्दरी आशिक अलिए
16:28लेकिन बात दर्मियान में रह गए साथ
16:31कोई फाइदा नहीं इन बातों का
16:35मुझे उसकी दोस्ती शीमी जिसे घर हम लोग गए थे यह लोग वहीं गए हमें चलो
16:39सर जब कॉलिज की रिकॉर्ड वाली बात हुई तो दुबारा गया था मैं वहां
16:42लेकिन शीमी अपनी फैमली के साथ कहीं चली गई
16:47शायद उन्हें अपने जूट का अंताजा हो गया था कि हम दुबारा वापस आएंगे
16:51हाँ तो पर जाके पूरे अलाके को छान मारो ना कहीं ना कहीं तो होंगे ना वो
16:55मुझे वो हर हाल में चाहिए
16:57सरम कोशिश कर
16:58सूरट सर पे है गुरूब होने से पहले मुझे वो दोनों चाहिए जो
17:05जो
17:06जी सर
17:38सुंदरी सुंदरी
17:42तुम मुझे और मही महमपत को जरूर समझोगी
17:47मेरी जिदेगी में वापस आओगी तो
17:50जरूर आओगी
17:53क्या समझत है वो
17:56मैं असानी से उससे निकाह कर लूँगे
17:59इस ओ अलाम को तो मैं माफ नहीं करूँगा
18:04उसने तुम्हें वरगलाया है
18:08मेरा यार गद्दार था
18:22मैंने बाशा की नहीं मानी
18:24तो है इस जैसे जालिम
18:26तो के बाश से शादी करने से पहले ना
18:29खुद को मान लोगे
18:35सुनो
18:37ये लो, खाना खालो
18:38मुझे नहीं खाना ले जो यांसे
18:40तुम्हें क्या लगता है
18:42तुम्हारे भूका रहने से कुर्बान लिसरकार डर जाएंगे
18:45मैं कह चुक्यों कि मैं शादी नहीं करूंगे
18:47वो जो चाय कर ले
18:49अपनी इज़त पर समझवता नहीं करूंगे
18:51इज़त?
18:53हम
18:54कुर्बान लिसरकार के सामने
18:56इज़त बचाने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए होती है
18:59अच्छे अच्छे अपनी हिम्मत खतम कर देते हैं
19:01कोई कुछ नहीं कर पाता
19:03बकवास बंद करो अपनी
19:05तुम्हारा कोई हक नहीं बनता मेरे मामले में बोलने का
19:07निकल जो यहां से फॉरण
19:09बहुत अकाड़े लड़की
19:12यह कुर्बान अली सरकार की हवेलिए
19:14और यहां उन्हीं की हुकमत चलती है
19:17और तुम्हें भी उन्हीं की बात माननी बढ़ेगी
19:19मैं किसी की बात नहीं मानूगी
19:21मैं के तुदबा हुझे यहां से
19:39और नहीं काड़ तो
19:41प्लीज मुझे लेने आचा
19:46शिपाए नेकल
19:50प्लीज वालाम
20:06काड़ तो
20:33किया मैंने कभी में किसी के साथ कुछ बुरा की है
20:40तो क्यों कि आपने मेरे साथ ऐसा
20:46उसको ढून ढून के जब मैं ठक किया था
20:49तो वो मुझे आपके कदमों में मिल गई
21:00अब कहा तलाश करूं से
21:04पता नहीं कहां लेकर चला गिया होगा वो उसे
21:12वो आके महियत कब आएगी
21:19भूश मार्णम के लिए गई है
21:23कल दो भैर तक आजाएगी
21:26कोशिश करना कि उनकी तद्वीन हवेली के आते में हो
21:34वो हमारी बहुत खास था
21:54अब को मुझपर भरोसा करना चाहिए साथ
21:56अब कुवा के साथ मिलकर आपने उसको हवेली से क्यों नकाला
22:04एक बच्ची जो अपनी पैदाइश पर ये अपनी मा की आहोश से छीन ले जाए
22:15बच्ची अगर सालों बाद उसे मिले और वो उससे अपनी खुशिया मांगे तो क्या एक माँ उसकी जोली को खाली
22:24चोड़ देगी
22:26यही तो मैं कह रहा हूँ आपको क्यों लगा कि मैं सुन्दरी को खुशिया नहीं दे सकता
22:34मैं उसे बहुत खुश लगता राणियों की जिन्दगी देता
22:38तुम्हें पता भी नहीं चलो
22:42तुम फरिश्टे से इंसान और इंसान से जान भर गर गर
22:55सिर्फ एक आशिक हो
23:10नहीं
23:13सुन्दरी तुम्हारी महबत नहीं तुम्हारी जिद है
23:20और महबत और इश्क में जिदबाजी नहीं की जाती
23:30तुमने भी उसके साथ वो ही करने की कोशिश की जो तुम्हारे मामू ने मेरे साथ करने की कोशिश की
23:37महबत में जबरदस्ती
23:42तुम्हारे सब कौशिस में उसके थपड़ की गूश तुम्हें तंग कर रही है
23:45क्योंकि तुम उससे बदला नहीं ले सके
23:50मेरी बात अभी खतम नहीं हुई
23:54तुम जानते थे कि तुम उसे डरा नहीं सकते
23:58लेकिन उसे हासल करके उसे मुखबत की सुनेरी जन्जी ज़रूर पहना सकते हो
24:12आपको मेरी मुखबत पे शक हो रहे है तुम्हारे इस रूप में मुझे शक से निकाल कर यगीन में मुक्तला
24:19कर दी
24:24तुम भी अपने बाप की तरह बराबर के मुझे रहे है उसने मुझे जवानी में बनबाद किया था और तुमने
24:38बढ़ा पिन
24:43रस्म और रिवाश तोरने के बड़े दावे करते थे ना तुम
24:48तुम्हारी वजह से एक माने परसो बाद मिली हुई बच्ची ब्याही नहीं बगाई है
25:01तुम्हारा वो दोस्त जो तुम्हारा भाई है
25:08जिसने पूरी जिन्दगी तुम्हारी गुलामे के पराबरी नहीं हलांके उसका उसका हक बनता था
25:18कभी तुमसे कुछ नहीं मांगा
25:26बिल्कुल बिल्कुल सही शखस चुनरा है मेरी बेटी ने
25:34वो मजर्थ जो कुर्बानी देना चानता हो
25:39सिर्फ वो ही इस काबल होता है कि उस पर गुर्बान हुआ जा है
25:42तो मैं भी सुन्दरी के लिए कुर्बानी दे सकता हूं
25:45पाश्या, सुंदरी को तुमसे नहीं गुलाम से महपत है
25:49वो उसके साथ जिंदगी गुदारना चाहती है, उसे गुदार में दो
25:52नहीं हमाबबो
25:57आपको शाइद अंदासा नहीं है, में सुंदरी से कितनी महपत करता हूं
26:04और मैं उसके लिए कुछ भी कर सकता हूं
26:16ये, ये पुपाई लें छोड़ दी
26:33पाशा, खुलाम ने आखरी दफार मुझे इस फोन पे फोन किया था
26:38इससे तुम खुलाम और सुंदरी का पता लगा सकते हूं
27:00तरो भी
27:02ये एक नमबर भीज रहा हूं
27:04इसके और मुझे सारी डिडिल्स प्रवाद में plat को इसपी खर इंवर्फ़ कर सकते हूं
27:19मुझे माफ कर दे न
27:23कि यह महपद भी बहुत जालम चीज होती
27:30साहे मैं बूग क्यों यह अलाद की
27:37यह बस मेरी महपद चाहिए
27:43इस महपद ने मुझे एक सालिम बना दी
27:53प्रकर गुलाम सुन्दरी से नकाह कर भी लेगा तो मैं उसकी जान ले रूँगा
28:03लेकिन सुन्दरी को हासिल करके रहूँगा
28:11मैंनु दिस्ता
28:18मेरी अखियाच फून रिस्ता
28:21सोड़ा यार नयों मैंनु दिस्ता
28:24ता जटता जहावी रूसे आ
28:27दिल जाने अक जाने वफदा
28:30गईश के दा रंग वथरा
28:37कहां रहागी थी तुम कबसे तुम्हारा इंतजार कर रही है
28:40बेगम साहबा में कैथ खाने की तरफ गई थी
28:42वहाँ एक नई कैदी आई है
28:43उसे खाना देने गई थी
28:46कैदी?
28:47कौन है और किस चूर में आई है?
28:49वो तो बेगम साहबा मुझे नहीं पता
28:51लेकिन कोई इश्क का मामला लग रहा है
28:54बहुत जिद्धी रड़की है
28:55खाने को हाथ भी नहीं लगा रही थी
28:57बस एक ही नाम बार बार ले रही थी
28:59घुलाम घुलाम
29:01क्या?
29:04ये ये तुम किस घुलाम की बात कर रही है?
29:06वो तो बेगम साहबा मुझे नहीं पता
29:08लेकिन हाँ खादिम बता रहा था
29:10के हवीली के दूसरे कैद खाने में
29:12एक रड़का कैद है
29:13उसका नाम बार बार बार में
29:15ये शायद उसी कोई पकार लिए है
29:21अच्छा तुम जाओ
29:29सुन्दरी और गुलाम यहाँ
29:35नहीं नहीं यह कैसे हो सकता
29:52मैंने सुना है के आपने सुन्दरी और गुलाम को हवेली में तैद कर रख है
29:59ओ
30:01तो तुम्हें खबर मिल गई
30:03जी मिल गई
30:04लेकिन आपने क्यों गयाद किया क्या मकसद है इस सब के पीछे आपका
30:10बदला
30:12बदला?
30:14कैसा बदला?
30:16मैं सुन्दरी से शादी करके खुशी से बदला लूगा
30:23अपने बाइसकंदर की मौत का बदला
30:26क्या?
30:29आप सुन्दरी से शादी करना चाहते है?
30:33खुश खुदा का खौफ करे कुर्बान हली
30:35आप की और उसकी अमर में जमीन आस्मान का फर्क है वो तो हमारी बच्ची के बदला
30:43वेटी नहीं है वेटी नहीं है?
30:47अरहा अमर का फर्क को ये शादी मेरी चाहत के लिए नहीं है?
30:52ये शादी खुशीद के गरूर को खाक में मिलाने के लिए होगी
30:56वही खुशीद जिसमें मेरे भाई को दुखकार दिया था
31:00उसे अपनाने से इंकार कर दिया था
31:06शही खुशीद चब सुन्दरी को मेरे निकार में देखेगी
31:10तो उसकी बेबसी का तमाशा में अपनी आँखो से देखूगा
31:16पदले की आँख में इतने अंदे मत बन
31:20कि किसी मासूम के जिंदगी बरबाद हो जाए
31:25इसमे इस बच्ची का क्या कसूर
31:28उस गुना की सजा उसे क्यों दे रहे हो जो उसने किया ही नहीं
31:33रिशादी सजा के लिए नहीं
31:36बदला लेने के लिए हो गया
31:41और इससे एक और चीज़ ठीक हो जागी
31:45मेरी मुर्ग के जिन्देगे में सिकून आ जाएगा
31:51बाश्चा सुंद्री से शादी करके
31:53मेरी मुर्ग को तक्लीद देना चाता था न
31:57सुंद्री
32:01जिससे बाश्चा अपनी बीवी बनाना चाता था
32:04आप वह ऐसा नहीं करेंगे
32:06मैं उसे ऐसा नहीं करने दूँगा
32:10मैं उससे निकाह करूंगे
32:13लेकिन मैं सौतन बरताज नहीं कर सकते
32:20आप ऐसा कुछ नहीं करेंगे
32:24यह सब गलत है कुरवान अली
32:27यह मेरे साथ जयाती होगी
32:30मेरा और सुन्दरी का निकाह
32:33इस हवेली और मेरी जन्दगी में तुम्हारी एहमियत कम नहीं करेगा
32:43बस मुझे अपनी बेटी की जन्दगी में सिकून लाने का इससे चार मौका नहीं मिलेगा
32:50और दर्सों से खुर्शीच से बदला लेने की आग जो मेरे सीने में जल रही थी
32:55वो सुन्दगी से निका करके बुच जाएगी तुम्हे मेरा साथ देना होगा
33:07वरना
33:15तुम समयदार
33:20समय सकती है
33:22मैं कुछ भी कर सकता हूँ
33:26कुछ भी कर दो
33:28हुआ हुआ अभी कर दो
33:44तुम साम भी कर दो
33:45बाटेर आए बाटे जाएग्या
33:48तुम समय से तुम्हें
33:55खाले राटेर
33:56कहीं उसने उनाहम से निकाह ना कर लिया।
34:00अगर उसने निकाह कर लिया तो मैं उसे छोड़ू मा नहीं।
34:22कब तक खुद को इस परशानी में डाले रखो गया।
34:27एक पल तो अपने जिन्दगी को चैन दो।
34:39मेरी महबत इसमत ना जाने कहां होगी।
34:42किस हाल में होगी और आप कह रहे हैं कि मैं जिन्दगी में चैन हूँ।
34:49मेरा चैन, मेरा सकून, मेरा सब कुछ बरबाद हो चुका है।
34:54दुनिया जजबात से नहीं, मसलियात से चलती है।
35:01हर जंग एकी दिन में नहीं जीती जाती।
35:07कभी-कभी वक्त को अपने हक मोरने के लिए सबर करना पड़ता है।
35:13सबर? कौन से सबर? वही जो मैंने उस रात किया था।
35:21अगर आपने मेरी सीधी-सीधी सुद्री से शादी करा दी होती ना, तो मुझे मुझे मुल्क से शादी ना करनी
35:26पड़ती।
35:28ना सुद्री हवेली छोड़के भागती। आपकी इस मसलहत ने मुझे बर्बाद कर दी है।
35:54मैं जानता हूँ तुम इस वकट बहुत तकलीफ से गज़र रहे हैं।
36:02खुलाम और सुन्द्री का जल्पता लग जाएगा।
36:11एक बात तुम्हें बतानी थी।
36:15बुआ की मौत की वज़ा से कल तुम्हारे सुस्राल वाले नहीं आ पाएते।
36:22मजबूरी है।
36:23आज रात दावत पे आना है।
36:26और वहां तुम्हारा होना जरूरी है।
36:30यह हमारे खांदान के एज़द का सवाल है।
36:34आपको अब भी उन्हीं की पड़ी है।
36:39मेरा कोई लेना देना नहीं है ना उन से ना उनकी दावत से।
36:48खून किया अपने मेरी मुहपत का।
36:52मैं किसी भी रस्म इरवाज का हिस्सा नहीं बनूँगा।
36:58देखो गुलाम और सुंद्री की बाजयाबी के लिए मैं खुद मेहनत कर रहा हूं।
37:05अपने हर अख्तियार का इस्तिमाल कर रहा हूं।
37:08हर जगा फोन गुमा चुका हूं।
37:14और मुझे पूरा यकीन है कि वो जल्द मिल जाएंगे।
37:17और जब वो मिल जाएंगे।
37:20मैं तुम से अपना किया वादा पूरा करूँगा।
37:24मुझे अपना वादा याद है।
37:26कुछ नही होगा ना आप से ना आपकी अख्तियाराँ से।
37:32अब जो भी करना होगा ना मुझे खुद करना होगा।
38:12यह इस उंदर हवेली नहीं है।
38:15मैं उस हवेली में पला बढ़ाओ।
38:17हर जगा का पता है मुझे।
38:20क्या पास्षा मुझे कहीं दूर।
38:23किसी और जगा।
38:26किसी और जगा रखा है उसने।
38:28मकर कहा हूँ मैं।
38:38किसी और जगा पता है।
38:56किसी औरो किसी और जगा
38:56.
38:56झाल झाल

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