00:00जंगल में थी एक लोमडी चाला चाला की में सबसे थी आगे पाक
00:19नरम जाल नजरे तेज दम पड़ी सोचों में थी सबसे तढ़ी
00:26एक दिन आया भुका बेडियां कहने लगा तो खाने का कुछ दिया
00:32लोमडी ने हसकर बात ताली एक चाल में उसकी जान निकाली
00:40बोली चलो कोई के पार वहाँ है गूष मजेदार भेडिया दोड़ा नजरती धोकी पगिरा कोई में तया सब जोश्म लोमडी
00:47यही अपार अकल से बचती हूँ हर धार ताकत नहीं सब कुछ प्यारे समझ से जीतो हर बारे
00:54All right class, let's think about how to use our brain rather than our muscles