00:00भोर में एक धुंद भरा वर्षावन घने जंगल की छत्री को चीरती हुई, सूर्य की किरणे, सुनहरे फर और तीखी हरी आँखों वाला एक चिकना जगवार, एक काई से ढकी शाखा पर बैठा है, नीचे कीचड भरे इलाके में शिकारियों के ट्रकों को गडगडाते हु�
00:30अचानक एक यांत्रिक ड्रोन दिखाई देता है, जो एक जाल फेकता है, जो उसे हवा में ही फसा लेता है, वह घबराहट में चीकती है और आसमान में थोड़ा अंधेरा चा जाता है, नीचे जगवार आँखें चोड़ी करके मान स्पेशियाओं तनी हुई दुपका हु�
01:00और एक मानसल गैंडा अपने पैर पटक रहा है, बीच में जगवार उन सभी को गोर से घूरते हुए आगे पीछे चल रहा है, तनाव फिर मौन सहमती रात हो गई है जंगल में, फ्लड लाइट्स और बिजली की बाड़ों वाला एक स्टील का किला दिखाई देता है, जान
01:30उसकी आखें चमक रही होती है, वह शान्त और तेज होता है, किले के अंदर तूफान के दोरान तारों से चिंगारी निकलती है, जूनो अराजकता के बीच से छलांग लगाता है, पंजों से तारों को काटता है, जब वह पिंजरे को खोलता है तो बिजली चमकती है, चील �
02:00सभी तरह के जानवर जश्न मनाते हुए चिलाते हैं, जगवार एक पत्थर पर अकेला खड़ा है, शान्त और चोकन्ना, चान्त की छाया में उसके चारों और जुगनू धीरे धीरे चमक रहे हैं, शान्ती लौट आई है, लेकिन सनरक्षक हमेशा चोकन्ना रहता है