00:01कैश कांड वाले चस्टिस यश्वंत की बढ़ी की मुश्किलें अगर इस्तीफा नहीं दिया तो महाभ्योग की तैयारी क्या होती है पूरी प्रक्रिया
00:12दिल्ली हाई कोट के पूर्वनियाएधीश यश्वंत वर्मा के खिलाफ महाभ्योग लाने की पूरी तैयारी है
00:26महाभ्योग प्रिस्ताव लाने पर केंद्र सरकार गंभीरता से विचार कर रही है
00:30ये मामला तब सुर्ख्यों में आया जब उनके दिल्ली इस्थित आधिकारिक आवास के आउटर हाउस से भारी मात्रा में जली हुई नकदी बरामत की गई
00:41सुप्रीम कोट द्वारा गठित एक इन हाउस चांज समीती ने इस मामले की जांज के बाद उन्हें दोशी ठहराया
00:48हालागि समीती की रिपोर्ट अब तक सारवजनिक नहीं की गई
00:51लेकिन इसके आधार पर ततकालीन मुख्यन्यायधीश संजीव खन्ना ने राश्ट्रपती और प्रधान मंत्री को पत्र लिख कर जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग की सिफारिश की थी
01:03इस घटनकरम के बाद जस्टिस वर्मा को दिल्ली हाई कूट से उनके मूल पदस्थापन स्थल यानि की अलाबाद हाई कूट भेश दिया गया
01:11ज़र समीती की रिपोर्ट और सीचियाई की सिफारिश के बावजूद वर्मा ने स्तीफा देने से इनकार कर दिया
01:18उन्होंने सारवजनिक रूप से खुद को निर्दोश बताया और कहा कि बरामत नकदी से उनका कोई लेना देना नहीं
01:26अब सरकार इस सम्वेदन शील और गंभीर मामले में कारवाई की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है
01:32यदि वर्म स्वेच्छ से स्तीफा नहीं देते तो संसत के जुलाई में शुरू हो रहा मौनसून सत्र उनके खिलाफ महाभ्यूग प्रस्ताव लाता नजर आएगा सरकार की प्रात्मिक्ता यही रहेगी
01:45सरकारी सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव को विपक्षी दलों के समर्थन से लाया जाएगा ताकि संसध्य प्रक्रिया की निश्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे
01:55भारती सम्विधान के अनुच्छेद 124 के चौत्थे भात के तहत सुप्रीम कोट या किसी हाई कोट के न्याय धीश को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया महाभ्यू के जरिये संभव होती है
02:07ये एक जटिल और बहुस्तरिय प्रक्रिया है संसध में प्रस्ताव लाने से पहले रज सभा में कम से कम पच्चास और लोग सभा में सौसान सदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं
02:20यदि प्रस्ताव दोनु सद्रों में दो तीहाई बहुमत से पारित हो जाता है तो संबंधित सधन के सभापती या ध्यक्ष भारत के मुख्य न्यायधीश से एक जर्च समीथी गठित करने का अनुरूद करते हैं
02:34ये समीथी तीन सदस्यों की होती है एक सुप्रीम कोट का वर्दमान न्यायधीश एक उच्छ न्यायाले का मुख्य न्यायधीश और एक प्रतिष्ठित न्यायवेद जिसे सरकार नामित करती है
02:46जस्टिस वर्मा के खिलाब जो जाँच पहले ही की जा चुकी है उसे महाभ्योग प्रस्ताव के मसौदे में शामिल किया जा सकता है
02:53सरकार चाहती है कि समीती की रिपूर्ट में जिन तत्यों का उलेक है
02:58विशेश रूप से जली हुई नकदी की बनामदगी उन्हें आधार बनाकर प्रस्ताव को मजबूती दी जाए
03:05सरकारी अधिकारियों का मानना है कि ये मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है और इसे अंदेखा नहीं किया जा सकता
03:12सरकार का ये भी इरादा है कि समविधन शील मसले पर किसी भी प्रकार की राजनैतिक छेटा कशी ना हो
03:19इसलिए सभी दलों की सहमती से प्रस्ताव लाने की रणनीती बनाए जा रही है
03:24महभ्योग की प्रकृति केवल विधाई नहीं बलकि नैतिक और समविधनिक जवाब देही का भी प्रतीक होती है
03:30यदि नियाई पालिगा के भीतर भष्ट अचार या अनुचित आचरोड के आरूप प्रमाणित होते हैं
03:36तो संसत का ये करतव्य बनता है कि वे उचित कारवाई करें
03:40इस दिर्ष्टी कोण से सरकार का रुख इस पार अपेक्षा कृत स्पष्ट और ठूस ने जरा रहा है
03:46हना कि अभी तक कोई आपचारिक प्रकृया शुरू नहीं हुई
03:50लेकिन संकेत यही है कि आने वाले हफ्टों में ये मुद्दा संसत के मौनसून सक्त्र के खेंदर बिंदु में आएगा
03:57महब्यूग प्रिस्ताव यदि लाया जाता है तो ये भारतिया इन्याय पालिका और लुक तंत्र के लिए एक एतिहासिक मूड साबित होगा
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