00:00एक अजीम हस्ती जिनका वजूद दुनिया के लिए रहमत बना, वो हस्ती जो इخलाक, किरदार और जाहरी हुलिये में बेमिसाल थी, ये हैं हमारे प्यारे नभी हजरत मुहम्मद ﷺ, हुलिया मुबारक का जिकर, नभी करीम ﷺ का हुलिया ऐसा था, कि जो भी देखता, मुतासिर ह
00:30लंबा शक्स खड़ा होता, तो आप ﷺ का कद उनसे बुलंद महसूस होता, चहरा मुबारक, आप ﷺ का चहरा गुलाई लिये हुए था, लेकिन ज्यादा गोल नहीं, चहरे पर एक खास नूरानी चमक थी, जैसे सोरज की किरने फैल रही हूं, आँखें मुबारक, आप ﷺ ﷺ की आ�
01:00लब मुबारक, आप ﷺ की नाक बुलंद और साफ थी, जिसकी नौक पर हलकी सी बुलंदी थी, लब मुबारक, आप ﷺ की लब मुबारक खुबसूरत, दर्मयाने साइज के और इंतहाई नरम थे, जब आप ﷺ ﷺ बात करते, तो आवाज में मिठास होती, और अलफाज दिल में उतर
01:30रंगत मुबारक, आप ﷺ की रंगत गंदुमी थी, जो ना ज्यादा सफिद थी और ना ज्यादा सानवली, आप ﷺ का रंग ऐसा था, कि एक खास जाजिबियत रखता था, जिसमें मुबारक, आप ﷺ की कंधे चोड़े और हडिया मजबूत थी, आप ﷺ के हाथ और पाउं भरपूर
02:00पत्वाजन और मुखजब, ये था हमारे नभी ﷺ का हुलिया मुबारक, जो ना सिर्फ जिसमानी हुसन का एक एला नमूना था, बलका आप ﷺ के अखलाक, गुफतार और किरदार के आइने की अकासी भी करता था, प्यारे दुश्यादा,
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