00:00ಪತಾಓ ರಹೆ ಕರನೇ.
00:02ಕಇವಾ..
00:04ಮತಾಓ..
00:06ಚರಹಕರನೇ.
00:08ತದವನತದ ಚರಹಕರನನದ.
00:10ಚರವದದದ..
00:12ಎಗ್ಳಗಾಣದಾಓ.
00:14ಗದಕರನೇ.
00:16आरि..
00:18हैं तमें शाबाज दे रहे हूँ
00:19और तम रो रहै हूँ.
00:26दिन तोड़ दिया मैंने उसका दोपा.
00:37दोपा दिये मैंने उसका.
00:46एक एक अपना खेल के लें, मैंने उसके साथ...
00:49तुमने सिर्फ इस खेल में पहर कियें...
00:56क्योंके धोका उसने देना था...
00:58दिल उसने तोड़ना था...
01:04और अगर ये ही सब वो तुम्हें कहता ना...
01:07तो दर्ज ज्यादा होता...
01:09मैंने धोकी जाओ...
01:11और अगर यही सब वो तुम्हें कहता न
01:14तो दर्ज ज्यादा होता.
01:21मैंने सिर्फ तुम्हें इस तकलीफ से बचाया.
01:25तो..
01:27तो मुझे पछतावा क्यों हो रहा है?
01:29क्यों बुरा लग रहा है मुझे उसके लिए?
01:32क्योंके तुम सची थी.
01:33यह रोना तुम्हें अपने आप के लिए आ रहा है.
01:36क्योंके तुम ने दुश्मन से प्यार किया.
01:46जिससे सिर्फ धोका मिलना था तुम उसके करीब आये.
01:58लेकिन कोई बात नहीं रिया.
01:59सारी जिन्दगी के रोने से कुछ दिनों का रोना बेता है.
02:03बस करो उस्मा.
02:13हालत देखो उसके, क्या बना लिया उसने.
02:16बेड़ा तुम उठा ने जाओ.
02:18कम ने जाओ.
02:29कुछ नहीं होता सेकंदर.
02:31मौका ही ऐसा है.
02:33थोड़ा रोना तो आएगा ना उसे.
02:39उस्मा, कहीं कभी इसे बदला देते रहते हैं,
02:44हमने अपनी बेहन के सबस्तियात थी नहीं की?
02:47ये वक्ति रोणा है सेकंदर.
02:51जब मुझे प्रश्या हो,
02:52कबीर से बदला देते लेते हमने अपनी बेन के साथ ज़्यात थी पर नहीं गिया.
02:56ये वक्ती रोना है, सेकंतर.
03:00कुछ दिनों में सब भूल भाल जाएगी.
03:01ठीक हो जाएगी.
03:04और तुम परिशान क्यों हो रहे हो?
03:06तुमें तो खुश होना चाहिए.
03:09आज हमने दुश्मिन को शिकास दिये.
03:13थूशी का मौका है.
03:16मैं कुछ मीथा बना कर लाती हूँ.
03:28धाफिस, धाफिस.
03:31धाफिस.
03:34शुक्रिया, धाफिस.
03:38धाफिस.
03:49धाफिस, बेटा.
03:50धाफिस.
03:52माभीना,
03:55तुम तो कभी कोई गलत फैसला करती ही नहीं थी.
03:59सारे खानदान की औरते आके तुमसे मश्परा लेती थी.
04:03और तुमने इतना बड़ा गलत फैसला कर लिया.
04:07अपने दुश्मन की बेटी को बेहा कर लिया थी?
04:12कभीर की जित थी.
04:14और रिया से शादी करना चाहता था, तो तबी मैं...
04:20मैं कभीर की फुफ़ो थी.
04:23अगर तुमारी अकल काम नहीं कर रही थी ना,
04:27तो मुझे से मश्परा कर लेती.
04:30कभीर तो छोटा है.
04:32वो सब भी ना समज है.
04:34लेकिन तुम ने होश के नाखून काट कर फेख दिया.
04:41मैंने सोचा,
04:43अगर उसे घर में बहु बना कर ले आओंगी,
04:45तो मामला ख़त्म हो जाएगा.
04:48दुश्मनी ख़त्म हो जाएगी.
04:50बहुत बड़ी गलत फैहमी थी तुम्हें.
04:52जो तुम्हारा गला दबा रहा था,
04:55उसी की बेटी को गले लगा लिया,
04:57तो बदनामी का तौक तो तुम्हारे गले पड़ना ही था.
05:01तुम्हें पता है?
05:02लोग तना-तना की बाते बना रहे थे.
05:05कबीर के किर्दार को मश्कूग बना दिया है सब ने.
05:09बच्चे तो जित करते हैं,
05:11लेकिन माओं को तो पता होता है ना
05:12कि बच्चों के लिए क्या सही है और क्या गलत.
05:19तुम तो कभी किसी को अपनी खातिर में नहीं लाते थी,
05:22अपने हमपला ही नहीं समझती थी,
05:25अब किसका गिरे बान पकड़ोगी?
05:27वो लड़की तो चली गई,
05:29सारे खानदान के सामने
05:32तुम्हारी गलती का खम्याजा हमें भुगतना पड़ेगा.
05:38आज की ये जिल्लत कोई नहीं भूलेगा,
05:41कोई नहीं भूलेगा, समझी?
05:49वो गईन सारी विस्में,
05:53चलता हूँ.
05:54कबीर, कबीर,
05:57यहाँ होगा अब,
05:59कैसे आईगी रिया अब?
06:06मैं लेकर आओंगी उसे,
06:11कबीर,
06:35बड़ दियें दो नवाफिल शिक्राने के,
06:38और कुछ,
06:41दामन बुर गया मेरे तुम्हारी इस आरसें,
06:48सिंदकी में कुछ नहीं चाहिए,
07:01ये,
07:03तुमने,
07:11तुमने इसे कभी नहीं उठा,
07:16ये तुम,
07:20एक बार्टूबित पहन रहे थे तो तौर्टी के साथ,
07:28खोशिश करेंगे,
07:33आज हमारा इंटकाम पूरा हो गया,
07:37बाबा की रूपो कितना सुना,
07:40सुकून मिल रहा होगा,
07:42डो, मुँ मीठा कर दो,
07:46थोड़ा सा तो खा लो,
07:48सुबा से कुछ नहीं खाया तुम, ये लो,
07:50रिया,
07:56बस,
08:11अबीना ये अस्थार खान का घर है,
08:13यहाँ मेरी बैनों पर कोई हाथ नहीं उठाएगा,
08:26रहने दो सेकंदर,
08:28आज असल थपड तो मा अबीना ने खाया,
08:31उसकी गून से ही अन्दासा हो रहा है,
08:33कि आपकी जिलत कितने दूर दूर तक पहन चीज़ी है,
08:39सारे मैमान, सारा महुला,
08:41बल्के सारे शहर में,
08:42इनके बेटों के बारे में ही बात हो रही होगी,
08:47जिन बेटों पर इनको इतना फखर है,
08:50मुबीन क्हान इतना बड़ा ठेकेदार,
08:52कभीर क्हान, माभीना की जान,
08:59जान जल के रह गईना,
09:04क्या बात है?
09:05आज मुझे कुछ कहेंगी नहीं,
09:08अगर मुझे भी प्रवार करता था,
09:10तो मुझे बची चाहते है,
09:11जल के रह गई ना.
09:15क्या बात है?
09:17आज मुझे कुछ कहेंगी नहीं?
09:23कुछ जलीगती नहीं सुनाएंगी?
09:25मेरे किर्दार पे कीचड नहीं हुचालेंगी?
09:31अरे हाँ!
09:34आज तो आप खुद गर्दन तक
09:36कीचड में टूप जगी हैं.
09:42हमारी कहानी तो पुरानी हो गई है, भाई.
09:45अब तो लोग कभीर के किस्से गाएंगे.
09:52सब यही सवाल करेंगे के
09:54क्या वज़ा थी?
09:56कि कभीर खान की बीवी
09:58शादी की पहली राते उससे छोड़के जड़ी देगे?
10:12क्या उसमें कोई कमी थी?
10:16ये तो मेरा बेटा आकर तुम्हें बताएगा
10:24कि वो क्या कर सकता है?
10:26खसीटता हुआ लेकर जाएगा तुम्हें?
10:28बास, माविन. बास.
10:34भारी धंकियां, भारी शर्पें,
10:37शब, बास.
10:39वैसे, किस हग से गसीटेगा वो रिया को?
10:43ये उसके निका में है, इसी हग से.
10:49लेकिन, जब निका ही नहीं है तो..
10:59आपको नहीं बताया उसने?
11:01हरे, करसे.
11:09रिया ने आपकी बेटे से तलाग मागी.
11:13और ये तलाग हम लेकर ही रहेंगे.
11:29अपनी बेहन को तलाग क्याफता का लकब दोगी?
11:39तुम लोग क्या इसके सगे बाई, बेहन नहीं हो?
11:42हैं.
11:44इसी लिए इसकी शादी अपनी मरजी से करेंगे.
11:59अपने बेटे से कहें कि शराफत से आए,
12:02दो बोल बोले, कागजात पर दस्तक करे और तलाग दे दे.
12:09बना अगर हमने खोला ले लिया,
12:12तो इस पार हम एलजाम लगाएंगे.
12:17हमसे बदला लेने की खाहिश में तुम लोग अपना ही नुकसान कर बैठे हो.
12:23तुम सारी जिनदिगी तलाग क्याफता का लेबल लिया घर में बैठी रहे हैं.
12:27अब इसके लिए भी यही किस्मत चुनी है तुमने.
12:51बना अगर हमने खोला लेने की खाहिश में तुम लोग अपना ही नुकसान कर बैठे हो.
12:57मा बीना से हमारी खुशी देखी नहीं गई.
13:01चल के रह गई है.
13:03खेर, हम तो अपनी खुशी मना है नु.
13:07रिया, बेटा, बेटा बेटा.
13:27बैठा, बैठा.
13:47पापा,
13:51क्या हुआ अब? आप रिया को लेने गई थी ना.
13:54क्यों नहीं आई? क्या हुआ?
13:55यह हुआ? आप ठीक तो हैं?
13:58खरययतो है ना?
14:09महजी, प्रिया को लेने गई थी.
14:12उसे लेकर नहीं आई साथ.
14:14कबीर पिछ़ा कोई जवाब नहीं दे रहा है.
14:15आप भी कुछ नहीं बोल रही हैं.
14:28कबीर इसलिए जवाब नहीं दे रहा क्योंके
14:32ये कागस बोल रहा है.
14:33ख़्लगी देश सकता है.
14:37वो बहूरे काई दो, बहुत भी बहुत बहुत बहुत बहुत है।
14:40जब यह तोड़ी साडी गई,
14:42नहीं।
14:43इसलिए जवाब नहीं दे रा यह बहुत फैलार नहीं दे रहा है,
14:45कि एक आपको ख़्लींग गाई।
14:46बोलती क्यों नहीं?
15:16दलाग!
15:29कबील!
15:31मड़ना चाहते हैं, कबील!
15:34कबील!
15:36कबील!
15:38कबील!
15:40कबील!
15:42कबील!
15:44कबील!
15:46कबील, तुम क्या?
15:49मैं धोका खा चुका हूँ, यार!
15:54मुझे ही देखके खुद को रोक लो!
15:56नहीं रोक सकता!
15:59भाई, मैं नहीं रोक सकता!
16:05माऊबद को होने से भला कौन रोक सकता है?
16:11तुश्मन से!
16:12तुश्मन से भावत कर रहे हूँ तुम!
16:14तुश्मन से!
16:16बहुत मुझ्किल होता है, ना!
16:21तुश्मन से भावत करना बहुत मुझ्किल होता है!
16:24कोई नहीं कर सकता, मैं!
16:28सिवाय मेर।
16:43मैं तुमसे और तुम मुझे
16:46महवपत नहीं कर सकते.
16:52हम करीब आएंगे तो अंजान नहीं है.
16:57तुम जाओ यहाँ से.
17:13आग तो लगी हुई है, लेकिन धूआ दिखाई नहीं दे रहा हूँ.
17:24रिया की वज़ासे आप अपने आपको जितना नुकसान पहुचा चुके हैं.
17:29मुझे तो लगा था उसकी हर बात पे,
17:32हर जुम्रे पे
17:34कम से कम एक सिडरेट तो सुलगा यहाँ है.
17:37कबीरा, आपसे एक बात दो, भुरा ना मानिएंगा.
17:45पता है, मुझे बहुत देर तक ऐसा लगता है,
17:50जब उसके बात पर बात गुँछा नहीं लेता था,
17:55बहुत ना तो मैंने दो,
17:57मुझे बहुत ना दो,
17:58वतय, मुझे बहुत देर तक ऐसा लगता रहा
18:03जैसे आप रिया से शादी सिर्फ तुष्मने निकालने की
18:08बतला लेने के लिए कर रहे थे.
18:17बतला तो लिया गया है.
18:20लेकिंदा आपने नहीं.
18:23रिया ने लिया बतला.
18:25क्या फायदा हुआ हाथ काड़का?
18:28खिस्मत की लखीन हो तो क्या
18:31आप तो रिया की नियत तक नहीं बदल पाए?
18:38क्या तो महावपत सची ना हो तो
18:40इस सब छीनों का कोई फायदा नहीं होता?
18:56आप किस चीज के सहारे पे बैठे हूँ?
19:05बात कहूं पुरा नहीं मानेगा.
19:09सलाम दे दे उसे.
19:16छोड़ दे उसे.
19:19अन्ना ये तकलीफ नहीं होता.
19:25ये पेचैनी जिन्दगी भर आपके साथ रहेगी.
19:40कभी?
19:46जाओ ये उसे.
19:48मैं बात तो सुना...
19:49जाओ ये उसे!
19:56आखरी बार सुभान से समझा रहा हूँ.
20:00अगली बार काट के रख लूगा.
20:03बढ़ जाओ.
20:26मुझे तुम्हारी तरफ कोई महवपत का कतम नहीं बढ़ाना.
20:29और नहीं मैं तुम्हारी कोई हॉसलाव जाय कर रही हूँ.
20:34महावपत नहीं करती मुझे.
20:41तुम्हें कोई लगाओ नहीं है.
20:49अगली बार के रख लूगा.
20:51मेरे बिना रह सकती हूँ.
20:55इदर देखो मेरी तरफ.
21:01मेरे बिना रह सकती हूँ.
21:08खुशी से.
21:21रिया, तुम क्यों रो रही हो?
21:25तुमने तो अपनी महावपत खो दी न?
21:34और मैं, पागल बेवकूफ जिसे लगता था
21:37कि तुम कपेर से सची महावपत करती हूँ
21:39इसलिए तुमने शादी किया, लेकिन नहीं.
21:42तुमने पागल बेवकूफ जिसे लगता था
21:51तुमने तो बदले की आग बुजाने के लिए शादी किया है
21:59और मुझे इस घट्या मकसद के लिए इस्तमाल किया है
22:06कैसी दोस्त हो तु?
22:14रिया के आन्सू साफ करने के बजाए उसे बुरा भला कह रही है?
22:17कैसी बेहन है आप
22:19जो अपनी छोटी बेहन को तलाग का तंगा दिला के घर बिठाना चाहती है?
22:30तुमारा कुछ नहीं जाता समझी?
22:33हमें रिया तुमसे जादा अजीज है
22:41हमने जो कुछ भी किया उसके भले के लिए किया
22:44हमने जो कुछ भी किया उसके भले के लिए किया
22:48नहीं
22:50आपने अपनी अना की तस्कीन के लिए सबका मजाक बना दिया है
22:58और आप
23:01आपको इनकी चाल दिखाई ही नहीं दिए
23:04आपने अस्मा अपा के कहने पर रिया से इतना बड़ा गुना करा दिया
23:14कैसा गुना?
23:16कहना के चाँती हो तुम?
23:18आपने कबीर का दिर तोडा है
23:23उसे तो छ़ोड़े है वो दुश्मन है लेकिन इसका
23:36आपने बाद दिन गर्रिया करा था
23:40जिन पर बाद दिन गर्रिया करा था
23:41आपको उसका रोना चिलनाना सुनाई नहीं देता
23:44दिखाई नहीं देता.
23:50ज़्यादा बकवास करने की ज़रूरत नहीं है.
23:55ये हमारा जाती मामल है, समझी?
24:00मैं बच्चपन से इस घर में आ रही हूँ.
24:02ऐसा कौन सा जाती मामल है
24:04यह मुझे से चुपाया जा रहा है?
24:11रिया मेरी बैस फ्रेंड है.
24:13आप दोनों ने इसके साथ अच्छा नहीं किया.
24:24क्या किया है मैं ने?
24:25मैं आइसे ऐसे दाना चाहिए.
24:28बहुत बहुत मुझे इसे बहुत बाताए.
24:30आईसे बहुत बाताए.
24:32क्या किया है मैंने?
24:34रिया खुद इस सब में शामीर थी.
24:47आज जब जाकर हमने दुश्मनों को मात दिये
24:49तब हम मौतबर केलाई हैं.
24:51क्या कुछ नहीं किया उन्होंने?
24:54कबीर ने गोली मारगे हमारे बाप को मारडाडा है.
25:06मोबीन खान ने हर दिन हमें कारोबार में नुकसान पहुंचाये.
25:09तरा तरा की अजमाय्च्यों से गुजाए रहे.
25:12और बतिक किया मौतबर ने?
25:13मोबीन खान ने हर दिन हमें कारोबार में नुकसान पहुँचाया।
25:16तरा तरा की अजमायच्यों से गुजाय रहा है।
25:24दुश्मनी का जवाब दिया है तो अब मचल रही है।
25:30परिशान हो रही है।
25:32अब उनकी इजद पर बात आ गई।
25:33इतने सानों से हम पर क्या गुज़री है ये किसी ने नहीं देखा।
25:58चन दिनों के आँसों आई है।
25:59रिया ने बहादुरी का काम किया है।
26:10हम सबका बदला लिया है।
26:23और जोनों ने हमेशा हमारे साथ बुरा किया हो,
26:25उनके साथ बुरा करने में कैसा पछता है।
26:28पछता हैंगे तो अब आप लोग।
26:36क्योंकि ये आँसों रुखने नहीं वाले।
26:39मुझे तो हैरत है कि रिया का इतना नुकसान करके
26:42आप दोनों खुश हो रहे हैं।
26:55मुझे तो ऐसा लगता है कि रिया दोनों की सोतेली बेहन है।
26:59जिसका कोई भी नहीं है, जिसकी कोई परवान नहीं करता।
27:02बस, बहुत सुन ली तुम्हारी बकवास।
27:05चलो, निकलो यहां से।
27:12सिकंदर, सिकंदर, निकालो इसे यहां से।
27:15रिया, पनी आँखें खोलो। तुम्हारे साथ ठीक नहीं हो रहा।
27:19खड़े-खड़े मेरा मूँ क्या देख रहे हो। इस गज भरी जबान को बाहर निकालो यहां से।
27:24तुम्हारे साथ खेला जा रहे हैं। रिया, प्लीज, उठो।
27:26तो, कबीर तुमसे बहुत महुपत करते हैं, उसके पास चाहते हैं। जब बास...
27:29प्लीज, रिया, इसे तिलाइफ मत लेना। बहाई, कशब।
27:57चोड़े मेरा हाथ। अच्छे लगते थे आप मुझे।
28:07अस्मा अपा के मुकाबले में हमेशा मैंने आपको पॉजिटिफ समझा।
28:11इसलिए तो पसंद किया।
28:27एक बात बताए। अगर मैं भी इसी तना शादी के दूसरे दिन आपसे तलाक लेती तो...
28:42क्या करते आँगे? क्या कुजरती आपके?
28:46दे देते मुझे तलाक? छोड़ देते अपनी वीवी को?
28:57नहीं. आप कभी भी अपनी वीवी को नहीं छोड़ते.
29:05इसी तरहां कभीर अपनी वीवी रिया को नहीं छोड़ेगा.
29:20आप और अस्मा अपाने रिया के साथ बहुत बरा किया है.
29:24अब भुपते इसका नतीचा.
29:28यह किस किसम की लड़की है यह?
29:30खुले आम अपना ही रिष्टा मांगने की बात कर रही.
29:36शरम दे खया? चुरत तो देखो इसकी.
29:48तुम इसकी बातों का असर मत लेना.
29:51हमने जो कुछ भी किये अपने बाप के कतल का बदला लेने के लिए किये.
29:58इसलिए किये ताके उनकी रूप को सकून मिल सके.
30:01इसमें कोई दूसरी राय है ही नहीं.
30:21कहा था मैंने तुमसे हजार बार कहा था ये लड़की तुमें धोका देगी,
30:26बेवफाय करेगी तुमसे, लेकिन नहीं, तुमें तो रिया चाहिए थी.
30:37अब कहा है? दिखाओ.
30:43जैसी असमा, वैसी ही रिया.
30:51और क्यों नहों हो भाई, एकी घर की, एकी थाली में खाने वाली,
30:54एकी इंसान का खून, अलग कैसे हो सकती हैं?
31:04पर तुमें तो महबद का जुनून चड़ा वाला.
31:07उसने जो कुछ किया है, मेरे साथ किया है, प्लीज आप लोग परिशान नहों.
31:10कैसे परिशान नहों, इस घर में लेकर आयी थी,
31:12मैं अपनी बहु बनाके, इस घर की इज़द बनाके,
31:14जिसे वो अपने पैरों तले रौन कर भाद गई.
31:22सही कहती है, माही जी.
31:32कभी तुमारे बारे में भी पूरे महले में,
31:34वो आस्मा उल्टी सीधी बाते करी.
31:41वो आपकी दोस्त नहीं है, बी स्ट्रीट वाली,
31:43मिसं मुम्तास.
31:47मुझे फोन करके कहरी है,
31:48इस घर की बगुएं तो सारी भाग जाती है.
31:53तुम कभागोगी?
31:57मैंने कहा, मैं ऐसी नहीं हूँ भाई,
31:59ना मेरे सुस्राल वाले ऐसे हैं.
32:02मैंने कहा, मैं ऐसी नहीं हूँ भाई,
32:04ना मेरे सुस्राल वाले ऐसे हैं.
32:06बिल्कुल भी.
32:16मुझे फोन कर रहे हैं लोग.
32:17सौसो किसम की बातें सुना रहे हैं कि
32:19तुम क्या अंधी हो गी थी,
32:20गुंगी हो गी थी, बेहरी हो गी थी?
32:23दुश्मन की बेटी को इज़द बना कर घर में ले आई,
32:25वो इज़द, जिसे वो अपने पैरों तोले रौन कर,
32:27हमें बेज़द कर के चली गई है.
32:37क्या करना है, कभीर?
32:40इसने क्या करना है?
32:42तलाक मांग रही है,
32:43देगा तलाक?
32:44तुम्हारा,
32:45तुम्हारा,
32:53इससा कभी नहीं होगा.
33:06बीवी है वो मेरी.
33:08चल.
33:10वो ही बीवी,
33:11जो तुम्हारा ये हैशर करके गई है?
33:17जो तुम्हारी इज़द को अपने पैरों तोले रौन कर भाग गई है,
33:19चली गई है?
33:23उसे तुम सर पर बिठाओगे?
33:27कहा जा रहे हो तुम?
33:28इस मसले का अल निकालो.
33:29मेरे पास कोई अल नहीं है इस मसले का.
33:42मैं सोरी भाई.
33:45मैं क्या अल निकालो?
33:47समझ नहीं आरा कुछ.
33:53अरे तो क्या मसले का अल हम लोग निकालेंगे?
34:06ये, ये कनेक्शन कटवाओ.
34:11ये फोन कटवादो.
34:12मैं लोगों की बातों का जवाब नहीं दे सकती, बस.
34:22प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र
34:52प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस
35:22प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस्तुत्र प्रस
35:52हर वक्ष चुकना रहना पड़ना है.
35:55इस अब पुछ मैंने तुम्हारी कहने पे किया है, वाजव.
35:58मैंना ने खुद इतनी उल्शन में.
36:01माना कि कबीर हमारा दुश्मन है, लेकिन
36:04लिया तो मेरी चोटी मेहन,
36:06मेरी सगी मेहन.
36:09सूझती हूँ कि कहीं
36:11मैं उसके साथ जियात थी तो नहीं कर दिया.
36:15अब कर दिया तो कर दिया.
36:20अब अगर पीछे आटोगी तो पूरी तुम्ही बनोगी.
36:26तो क्या कह रहे हो?
36:28सज कह रहा हूँ.
36:32तुमने बदला लेना था.
36:34मैं तुम एक आइडिया दिया है तुमारी मदद की.
36:37तुम ने उस पर हमल गिया.
36:38पहले कबीर खान की रिया से शादी करवा दिया और फिर
36:42रिया की तलाग का मुतालबा कर दिया.
36:50तो अब सोचना कैसा?
36:54बस तुम ध्यान इस पर रखो कि कबीर खान रिया को तलाग दे दे.
36:58कि वो तो घहर आके तलाग का काँस पाड़ के गए.
37:04अगर रिया की तलाग ना होई
37:06तो सारा प्लैन चौपर हो जाएगा.
37:12और तो तुमारे बदले का क्या होगा?
37:21तुम फिर्कर न करो.
37:23मैं हूँ न तुमारे साथ.
37:27तुम फिर्कर न करो.
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