00:00मन की वीणा तुही जनकार तेरे नाम में जीवन सारा
00:28तु जो छोए तो पत्थर रोए तेरी बंसी बोले प्यारा
00:58ओ कानाब तो मुरली की मधुर सुना दो ता
01:10गोपियां जैसे तुझ पर रीजी वैसे ही दिल तेरा प्यासा
01:30रास रचाया तुने जिसने हर धड़कन में वो ही राजा नहकी दोरी बाध चुकी हो अब
01:44अब ना कर अनजान ओ कानाब तो मुरली की मधुर सुना दो ता
02:00ओ कानाब तो मुरली की मधुर सुना दो ता
02:14बचपन से बस एक ही सपना तेरे संग ही जीवन बीते
02:35धूल बने चरनों की मेरी मोती सी हर पीर सहे जे प्रेम पुकारे बन के साज कर दो ही राजान
02:49ओ कानाब तो मुरली की मधुर सुना दो ता
03:03ओ कानाब तो मुरली की मधुर सुना दो ता
03:15मुर मुकुट और पीतांबर में सजी धूपसी तेरी छाया
03:32चरनों में जब तक ना पहुँचे जीवन क्यूं कर पाए माया
03:39अब तो दर्शन दो घन शाम तूटे मेरे मान
03:46ना चाहू मैं सुना चांदी बस तू ही हो मेरी कहानी
04:03वूू।
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