नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स के डॉक्टरों ने आज रेटिनोब्लास्टोमा जागरूकता सप्ताह के तहत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया. जिसमें छोटे बच्चों में पाए जाने वाले इस कैंसर को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई. डॉक्टरों ने बताया कि रेटिनोब्लास्टोमा एक प्रकार का आंखों का कैंसर है, जो मुख्यतः पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में देखा जाता है. भारत में इसके मामलों की संख्या विश्व के अन्य देशों की तुलना में अधिक है, इसलिए समय रहते इसकी पहचान और इलाज बेहद जरूरी है. प्रोफेसर दीपक अग्रवाल ने बताया कि यदि रेटिनोब्लास्टोमा का समय पर निदान कर लिया जाए, तो इसका इलाज संभव है और बच्चों की आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है. अगर यह बीमारी समय पर पकड़ में न आए, तो इससे बच्चों की आंखों की रोशनी चली जाती है और गंभीर मामलों में आंख को निकालना भी पड़ सकता है. इसलिए माता-पिता को अपने छोटे बच्चों की आंखों पर विशेष ध्यान देना चाहिए. यदि आंख में सफेद चमक दिखे, भेंगापन हो या आंख लाल दिखे, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए.
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