- 8 months ago
Tu Sooraj Main Saanjh, Piyaji" – A Heartwarming Tale of Love & Redemption
This popular Indian romantic drama, a sequel to Diya Aur Baati Hum, follows Kanak (Rhea Sharma) and Uma (Avinesh Rekhi) in a journey of love, betrayal, and second chances. After a forced marriage, Kanak transforms Uma’s superstitious nature, only to face separation, deceit, and a shocking remarriage.
Two years later, Kanak re-enters Uma’s life as a strong, independent woman, uncovering painful truths—Uma was blackmained into marrying Meera. After exposing villains Nanda and Aditya, they reunite, but new challenges arise. Kanak pursues paramedics, while Uma supports her despite obstacles, including memory loss (later revealed as a ruse to strengthen her resolve).
Filled with emotional twists, sacrifices, and a triumphant ending, this series celebrates love, resilience, and empowerment.
This popular Indian romantic drama, a sequel to Diya Aur Baati Hum, follows Kanak (Rhea Sharma) and Uma (Avinesh Rekhi) in a journey of love, betrayal, and second chances. After a forced marriage, Kanak transforms Uma’s superstitious nature, only to face separation, deceit, and a shocking remarriage.
Two years later, Kanak re-enters Uma’s life as a strong, independent woman, uncovering painful truths—Uma was blackmained into marrying Meera. After exposing villains Nanda and Aditya, they reunite, but new challenges arise. Kanak pursues paramedics, while Uma supports her despite obstacles, including memory loss (later revealed as a ruse to strengthen her resolve).
Filled with emotional twists, sacrifices, and a triumphant ending, this series celebrates love, resilience, and empowerment.
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00:00कि यह दोस थेरे तुन हो तुर कंगन घूमाओ तू थोड़ी हैं नहीं कर सकते हुँँ
00:11यार एक मिन्यट यहां नहीं है तो नहीं है बाद प्रण दुटे हैं तुर नहीं है यार फ्लीज
00:19चल क्या रहे का ना अभी कुछ दिन पहले तेरा माला कुम हुआ था और अब तेरा कंगन कुछ दिनों में तेरा दिल तो कुम नहीं होने वाला ना
00:30मखवास मुखकर अरी वो मेरा मैंगे यार अचा चल एक बात बता तुने बताया है वो डॉक्टर कैसे दिखता था
00:44होड़ नहापनिंग था या बाबड़ाई था नाम मतले विपोग्रेट का मेरा बस चले ना तो ऐसी आदमियों को रोकेट पे बिठा की चांसे ना पोचा दो अच्छा अच्छा उसका चहरा नहीं रेखा
01:14पिर दोज कि युच्सादी आदमियों केबड़ाई कहा Ohh
01:24हमा बार्ष्णा दो
01:40पूरी दुनिया में इतनी सारी औरत मर्द एक सार्ट रहते हैं
02:07आपके लोजे के सबसे तो पूरी दुनिया में आग लग जानी चाहती ना मतलब आव रिडिकिलिस
02:18ये!
02:27ये कंगन? ये तो कोल दादो था के थमान में था?
02:32लगता है दादो साने गिरा दिया
02:37पर ये डिया
02:38अपक्त गिरा था
02:39रखके कोला है
02:40आपकोल
02:45अम्सांती ओू
03:15नमस्ते नमस्कार आपने अकबार में एड दियो तो वो एड देखियो तो इसे आर आपरो
03:32हाँ एड जो इंगलिस में दिया था तेखने के लिए तो दिया था आयाये
03:45पट ए अदेखियो तो यह मारी खटेगी हो यह मारी चौरी और इसी के बारे में बात करने आया हूं
04:03तो बठीने क्यों खडी है यहां आकर बैट ने है तो परिजा चौरी आधा बहुत
04:11अहाँ
04:12मैं के कह रहे थी कि वो अकबार में जो इस्तेहार दिया था वो सारी बाते याद है ना
04:33आप बिल्कुल भी टेंशन मतलो मारी जोरी को गर का सारा काम का जाता है और मैं तो बल्कि ये भी कहूंगा कि इसमें पाके तो आप लोग दनने हो जाओगे दनने
04:42अगर मारे को लुको बूख लगे और माइक्रो वेब में बर्गर करम करना हो तो कैसे करोगे रहा बता है चोरी बता
05:10पूछा तो क्या पूछा ये तो एक्तम आसान है जी मीडियम मोड पर दो मूट और हां साथ में पानी का एक बर्तन भी भरके रखना चाहिए
05:22माइक्रो वेब की एक्स्ट्रा गर्मी पानी सोख लेता है याने सब जाने मारी चोरी सब जाने क्या परगर गरम क्या भूख लग गई
05:34जुकर मैं अपने बारे में बताना चाहती हूं पुषकर में जितनी भी लुगाईया साड़ी पहनती है वो मारी दुकान से जाती है
05:52मतलब शादी से लेकर कोदबराई तक पुषकर की सारी नारी पहने मीना की सारी
06:00सारी सा बढ़ी बहुत ही बढ़ी कि मेरो धंडों कुछ ऐस बात है कि सारी की सारी लुगाईया जो है वो सफिर से शाम तक मारी दुकान पर आती जाती याती जाती रहती है
06:15साड़िव के बाध लुगाईया सिर्व कहने के लिए ही पामली होती ऑ है ना..
06:20पाबा सू सुनार है तो के यह सुनार है पाबा सुनार ही है मालदार पार्टी मिली है इतनी मालदार पार्टी हाथ कैसे लगी है मारे इस्तियार लिखने की वजे से
06:36अरुन राठी जित्ता अंग्रेजी सारा पुष्कर बोले है इतनी तुम्हें नास्ते में हाजम कुछा तुम पात्पकी कर लेते है तो आप भी दुकान दर हम भी दुकान दर हां तो फिर पात्पकी कर लेते हैं
07:02हाँ पक्का कर लेते हैं तो आप ही बताओ के तन्खा किन्नी दोगे तन्खा तन्खा तन्खा तन्खा तन्खा
07:32है
07:58है
07:59है
08:00कैसे हैं
08:07ऐ आप कैसे हूँ
08:10ठीक हूँ
08:13ठीक हूँ
08:14झाल झाल झाल
08:44परफेक्ट भाबो को देख आगे चली गई है चल चल यह मारे पहाड़ी बाले बाबा जे कौन से दिन दिखा दिये मतलब देनुगा नहीं कि सरकार ने ने नियम भी चालू कर दिये है अरे एक बात बताओ अब घर की बहु को कोई तन्खा दिरी जाती है
09:02अरे कोई सेलफी ले लो भारी एक्टम परेशांसी लगोंगी कौन सी बहु काहां की बहु अरे मैं तो यहां नौकरानी का काम करने आये थी
09:14नौक्रामी !!
09:17अरे बहु का इस्तहा दियानिं कि नौक्रामिय चली आई हाँ
09:21अरे वाँ , एड तो नौक्रानी कही दिया था न
09:24एड में साफ साफ लिखा था कि ऐसी लड़की चाहिए
09:28जो खाना बनाना कपडा बर्तन सब को जानती हूँ
09:31वहू चाहिए ये कहां लिखा था।
09:39वो इंग्लिश में थोड़ी कड़बड होगी।
09:43अगर इंग्लिश पूर्णी आते नहीं, तो इंग्लिश में इस्तिहार क्यों देते हो।
09:48हिंदी में भी एड़ दे सकते थी न।
09:51चलो पापा।
09:52ए छोरी, गल्ती हमचे हुई वह हुई।
09:56तुम लोग किती बड़ी गल्ती करने जा रहे थे।
09:58सुनार होने के बाद अपनी छोरी से नौकरानी वाले काम करा रहे हो।
10:02चोखा को नहीं लागे ह।
10:04हां।
10:06सुनार?
10:07कुन सुनार?
10:08कुन सुनार?
10:09किसकी बाद कर देवा?
10:10अरे वाह!
10:11देखो तो, खोदी भूल गए अपना धंदा
10:13बोला नहीं थे के औरते आती जाती रहती है हमारी दुकान पे बोला थे न।
10:16हां।
10:17मेरा कोई सुनार उनार का काम नहीं है
10:19और अपना धंदा में भूला नहीं हूं
10:21और आप देसी चटोरी ओरते ना
10:22मेरी पानी पतासे की दुकान पे आती जाती आती जाती रहती है
10:26सुबै से शाम तक
10:27पानी पतासे की दुकान?
10:29हां।
10:33वेसे मेने अकबार वाली को तो पोला था बोग के पारे में।
10:37शपना भूल गया होगा लगता है
10:43अरे तीरे तीरे
10:45अरे राम राम राम
10:47संतूरी
10:49रह दाइसा आएगी?
10:51हाँ आएगी आएगी
10:53अर बेटा पीके ना सब?
10:55सूरज और संद्या को शुरार बढ़िया सोईको ना?
10:59सब बढ़िया हो जो दाइसा
11:01वेद और बंश दिखाई को ने दे रहा?
11:05वेद
11:07वेद दूटी पर गया है
11:09और बंश
11:11बंश के पहरों में पईये लागे है
11:13दोस्ता से मिलनवास दे गया है
11:15आतो योशी
11:17क्ये बात है?
11:19वो थकी-थकी लाग रही है
11:23रे ट्रेन को सफरनत थका देवे इनसान ने
11:26तुझा कर आराम कर
11:27मसंजया ना
11:28ठीक है?
11:29ध्यारी सजय
11:30आये छो रहा
11:32रे मारे रामजी
11:42रे पपुडा
11:43मारे रामजी
11:44मारे सूरज की दुकान पर
11:47कड़ाई उल्टी पलट रखी है
11:49रे रामजी
11:51रे पट्टी ना जला या पारतक
11:54चार दिन बारे के चली गई
11:56तुने तो जैसे पट्टी से दुस्मनी मेल ली हो
11:59थन्भी छोड़ दी
12:01राम
12:02ला
12:03रे बापु
12:06काहीं कर रहे?
12:07अक्यारी आये
12:09थोड़ा आराम कर ले ये तो कल भी हो जाएगा
12:11चोड़ा
12:12देखना रहे हो है
12:14मारे सुरज की दुकान पर अटी बंदी
12:17अरे
12:19क्राहक टोड़ जावेगो
12:21मारे सुरज को नाम बिगड़ जावेगो
12:23इक कामकार
12:24तु जे सामार घरा लेकर जाए
12:26रह
12:27रह
12:28रह
12:33अरे ओ
12:34भाबी जी
12:35भाईसा
12:36देख लियो
12:38गर्मा गरम जले भी उतार रही हूँ
12:40आजाओ
12:44मारे सुरज की दुकान की बिठाईया ना
12:46गड़ी मसूर है
12:48आजाओ
12:49मैं की कह रहे थी कि तू अब यहां आई गई है
12:52तो मैं तुझे नौकरी देने को तईयार हूँ
12:58तू तन खा किती लेकी
13:00आम
13:04दस हजार
13:06दस हजार
13:09अरे बाबली हो गई है के
13:12औरे पुषकर का काम ना करना है
13:14एमारा यह घर ही समाल आ
13:16और हिंके मिंके
13:17मिनके, मिनके, जब चारी लोग तो रहते हैं, हूँ
13:19ना बड़ा घर, और लोग सिफ चार, अब तो दिमाग का कड़िक न, बाद में करते हैं, हाँ, अभी तो जड़ की सफाई करने हाँ, और रही बाद, तोर महाओ की, मैं बाद दे कर लोग, हाँ
13:34मैं सोई धर है, चल
13:36ए छोरी, थारा नाम के है, नाम तो आप, कभे नहीं भूलोगे, रान, अच्छा, वाँ, ए मारे पहाडी वाले बाबा, नाम और करम, मिले ही को ने, खोर कल्यू गागया है, सच्छु
14:06है, है, लुख ए अच्छु
14:25हेलो, चेता, हाई बेटी, लगता है, चुट्टी लग गई है, गरवाल कि दिये गिफ्ट करी दना है होगे है, हर साल कोई आय ना है, आपका तो आना आशा होता है
14:35लेकने इस बार छुट्टिया मनाने नहीं, या, पर्मनेंटली, हाँ, हाँ, पता है, आकरी बार मेरे दुकान में आये हो, जो पसंदा है दे दो, अल्ला डिस्कॉंड़ रहा, सच, ओके,
15:05झाला, टे कनी में, भी काम भार शे दे का ब Mexico City, या, अल्ला डिस्कॉंड़!
15:19के अल्ला, माय, � definition, वा, या, इसायब नहीं, या, आडिकन हुग nuevos, वड़ा,
15:27हाँ, यह वाल लूगी बाबासा के लिए अच्छी रहेगी
15:57रे संतोस, चाय ना दी है मारी, वो सोडे कलब वाले मारा रास्ता देख रहे होंगे
16:12वाँ, जी करता है कि सारी कहला की खुबसूरती ना, तरे साथ ले जाओ, एक सेल्फी तो बद्दी है, है ना?
16:27हाँ, हाँ, हाँ, हाँ
16:52हाँ, हाँ, हाँ, हाँ
17:17रिष्टा ये कैसा है उचला सवेरा तो शंके डाले के जैसी मैं
17:39दीपक सा मुझ में हाँ तु ही जरा है रहे पुझा के ठाले के जैसी मैं
17:46जादू है क्या जादू है क्या जादू है क्या जादू है क्या ये तो वही जंदन की मैं गया है
17:55तो जंदन की है खुश्बो तेरे कोमल हाथ में तू नहीं हो तो भी रहती है ये मेरे साथ में
18:09कि मेरो कोई भ्राम है या शेपशी को संकेत
18:39हुआअअछ कैएंट एक्षा कि हुआट लाग मेरो गया तेiszा आ
19:02कि में ऑढ या थाक दान्म- खर्ण के वा मैं अचुझ अचुन भी भी ब दान्म- दातिते है क्यों है तोरिया
19:07मांजी कर दोवेनल सेंड प्रीह dairy थे दंग संकित-ध् 차� Einiziert प्राम मेर है
19:08माजी, मुझे मैं माजी लग रही हूँ, तू मने मैडम जी बोल।
19:15मैडम जी, एक सच बात बोलू, बुढ़ापे में लोग सठे आ जाते हैं, अब उस बुढ़ियां कोई दिख लो, पहले तो खुद सारा चूर्मा निकाल कर थाली में रखा, फिर टेबल पंखा चला दिया, सारा का सारा आटा इधर उधर पुड़ गया, अब बावली सी पूर
19:45कठे रख दिया, ए राम, बठी में तो नहीं, चस्मे का नंबर ना, बदलना पड़ेगा, कठे भूल कर रख दिया, रे राम, अरे मारा राम जी,
20:07देखो, देखो, देखो, देखो, फिर से डबवा उठाएं,
20:15अब फिर से चूर्मा भूनेगी और थाली में रखेगी और फिर से टेबल बंगा चला लेगी, अब फिर से टेबल बंगा चला लेगी, साब कुछ वापस इधर उधर हो जाएगा, थेखो,
20:26मैंने तुझे आपर काम के लिए रखा है, पंचाइटी कर ने के लिए नहीं, मैंने पंचाइटी बिल्खुट पर संको नहीं,
20:38सारी मैडम, माफ करना, सच बात है, बुड़ों पर हसना नहीं चाहिए, लेकिन मुझे एक बात समझ में नहीं आती, कि इस उमर में ये काम क्यों कर रही है,
20:55इनका कोई घरवाला नहीं है के, जो इन्हें काम करना पड़ रहा है, क्या कर रहा है,
21:04हटो, हट तो यहां से, बड़ी आई है, प्रीज पुछ कर वंच, ने तो मेरा वंच आगे नहीं बढ़ पाएगा,
21:14काठी खांदान की इस बेल पे कलिंगण नहीं लगेंगे, वंच के लिए सारी दुनिय एक तरफ और फैमिली एक तरफ,
21:23अब बता, क्या प्रॉब्लम देख, तू ममा को तो जानते हैं, ममा ने कल पूरी हनुमान गली के सामने अनाउंस कर दिया,
21:33की शादी राज कुमारी से कराऊंगे, हरे इंगली इस पेपर में आड भी दिया, पुचा राज कुमारीों के फोटो देखके, मैं भी खुडी चड़ गया सपने में, हरे एक राज कुमारी तो खुद चल के अपने घर आ गई, मुझे पसंद रही, मा को भी पसंद रही, त
22:03बहना का फूल, हाकानक, निकल गई चूँ, हाँ भईया, पूरा बोरिये बिस्तर ले के आई हूँ, और हाँ, आपने चू टायलुक्स बोले थे न, वो अच्छे से याद कर लिये, मैंने, सुनाओ, शाबाश, चल शुरू हाजा, हाँ, भाबो, आप बीस दिन सत्संग शि�
22:33बार, कम से कम दो बार हर भगमान के रेजिस्टर में हाजरी लगवा चुकी है, जब अब जानती है कि हम दोनों को एक घर में ही रहना है, तो ये सब करने का क्या फाइदा, हाँ, कब तक अब इसे बेगर की तरह भटकती रहेंगी बेकार में, करक्सुन, डायलोग सही है, ब
23:03दोन्ट वरी भईया, दोन्ट वरी, इस बर करने का पूरी तयारी के साथ आईए, प्यार और अपने पल की ऐसी चासने घोलूंगी न, कि वो भाबों के दिल तक ज़रूर पहुचेगी, हाँ
23:29वो घर अलग, ये घर अलग
23:32ये लक्ष्मन रेखा है, ये लक्ष्मन रेखा, दो परिवारों का हिस्सा नहीं, अगर पीडा और दगाबाजी की भी रेखा है, इतनी दूर क्यों चले जाए, और आना सको, आ, पॉइसली, पॉइसली मैं आई जाई
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